प्रदीप राठौर आत्महत्या प्रकरण: सूदखोरी और उत्पीड़न का आरोप, न्याय के लिए सेन समाज सड़कों पर उतरा, SP को देंगे ज्ञापन

Dharmedra_Parihar

नीमच। नीमच निवासी प्रदीप राठौर की आत्महत्या मामले ने तूल पकड़ लिया है। कथित तौर पर धर्मेन्द्र परिहार और उसके सहयोगी जगदीश प्रजापति पर गंभीर उत्पीड़न और आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए शनिवार को सेन समाज के लोग सड़कों पर उतर आए। समाज के सदस्यों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए न्याय की मांग की और पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय तक रैली निकाली।

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उत्पीड़न और आत्महत्या की पृष्ठभूमि

अक्टूबर की रात प्रदीप राठौर ने कथित रूप से धर्मेन्द्र परिहार द्वारा दी जा रही जान से मारने की धमकियों और निरंतर आर्थिक उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी।

सेन समाज का आरोप है कि यह आत्महत्या निजी निर्णय नहीं, बल्कि फर्जी कर्ज वसूली और मकान हड़पने की सोची-समझी साजिश का परिणाम है।

कर्ज से शुरू हुआ शोषण का चक्र

  • मूल कर्ज: प्रदीप राठौर ने वर्ष में धर्मेन्द्र परिहार से ₹ लाख की राशि प्रतिशत मासिक ब्याज पर उधार ली थी।
  • दोगुना भुगतान: समाजजनों का दावा है कि प्रदीप ने ब्याज सहित मूल राशि से दोगुना पैसा लौटा दिया था, इसके बावजूद आरोपी लगातार धमका रहा था।
  • धमकी: आरोप है कि धर्मेन्द्र परिहार ने प्रदीप को धमकी दी थी – “रूपये नहीं दे सकता तो मर जा, तभी छुटकारा मिलेगा।”
  • मकान हड़पने की साजिश: दिसंबर में धर्मेन्द्र, अपने परिचित जगदीश प्रजापति को लेकर आया और प्रदीप पर दबाव डालकर उसका मकान बेचने का अनुबंध करवा लिया। समाज के अनुसार, प्रदीप को अनुबंध के एवज में केवल ₹ लाख दिए गए, जबकि शेष राशि कभी नहीं दी गई।

बड़ी संख्या में प्रदर्शन, सख्त कार्रवाई की मांग

न्याय की मांग को लेकर शनिवार को सेन समाज के सदस्य बड़ी संख्या में सेन सर्कल पर एकत्रित हुए। उनके हाथों में “प्रदीप को न्याय दो, दोषियों को सजा दो” जैसे नारे लिखे बैनर और तख्तियाँ थीं।

समाज के अध्यक्ष सुखलाल सेन और युवा अध्यक्ष चमन सेन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही SP कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपेगा। समाज ने मांग की है कि यह मामला केवल आत्महत्या का नहीं, बल्कि कर्ज, धमकियों और मानसिक प्रताड़ना के जरिए की गई हत्या का है, और दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

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