नीमच में बवाल जारी: ASI की टक्कर से शिक्षक की मौत के बाद चक्काजाम, 1 करोड़ मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग

दर्दनाक हादसा और पुलिसकर्मी पर आरोप
नीमच/जावद। जावद-नीमच मार्ग पर भारभाड़िया घाटी पर शुक्रवार शाम को हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है। जावद थाने में पदस्थ एएसआई मनोज यादव ने अपनी कार से दो बाइक सवारों को जबरदस्त टक्कर मार दी। इस हादसे में ज्ञानोदय आईटीआई कॉलेज के कर्मचारी दशरथसिंह पिता शंभूसिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बच्चों सहित चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोपी एएसआई मनोज यादव नशे की हालत में कार चला रहे थे। मौके पर उनकी कार से शराब की बोतल और गिलास भी मिले हैं। इस लापरवाही ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आक्रोश, चक्काजाम और कड़ी मांगें
हादसे के तुरंत बाद, मृतक दशरथसिंह के परिजनों और सैकड़ों आक्रोशित ग्रामीणों में भारी गुस्सा देखा गया।
- चक्काजाम: शनिवार सुबह बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण भारभाड़िया फंटे पर पहुंचे और मुख्य हाईवे को जाम कर दिया। चक्काजाम के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीर परेशान होते रहे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
- अस्पताल में धरना: मृतक दशरथसिंह के परिजन जिला चिकित्सालय में भी धरने पर बैठ गए।
- गांधी चौक पर विरोध: जावद के गांधी चौक पर भी महिलाओं ने आरोपी एएसआई की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें:
परिजन और ग्रामीण अपनी दो प्रमुख मांगों पर अड़े हुए हैं:
- मृतक के परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी।
- पीड़ित परिवार के लिए ₹1 करोड़ (एक करोड़ रुपये) का उचित मुआवजा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है:
- निलंबन और गिरफ्तारी: एसपी अंकित जायसवाल ने आरोपी एएसआई मनोज यादव को तुरंत निलंबित कर दिया। दबाव बढ़ने पर पुलिस ने आरोपी एएसआई मनोज यादव को गिरफ्तार भी कर लिया है।
- FIR दर्ज: केंट पुलिस ने घायल भोपालसिंह की रिपोर्ट पर आरोपी एएसआई मनोज यादव के खिलाफ धारा 106ए(1), 281, 125 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
- प्रशासनिक हस्तक्षेप: जिला चिकित्सालय में सिटी थाना प्रभारी विकास पटेल, सीएसपी किरण चौहान और तहसीलदार अजेंद्रनाथ प्रजापत ने पहुंचकर परिजनों से चर्चा की और स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कानून के रक्षक ही इस तरह लापरवाही करेंगे, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। फिलहाल प्रशासन परिजनों को शांत कराने और उनकी मांगों पर विचार करने की कोशिश कर रहा है।

