नीमच बना सोलर हब: 500MW सिंगोली प्रोजेक्ट लॉन्च, प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी

BIG NEWS : सूरज की किरणों से उत्‍पादन, और प्रदेश में अग्रणी नीमच जिला, भगवानपुरा-डीकेन में सौर ऊर्जा से उत्‍पादित हो रही 151 मेगावाट बिजली, यह 500 मेगावाट क्षमता का सोलर प्रोजेक्‍ट, पढ़े खबर

नीमच, 9 नवंबर 2025। नीमच जिला अब ‘सौर ऊर्जा का हब’ बनकर उभरा है, जो बिजली उत्पादन में मध्य प्रदेश का नेतृत्व कर रहा है। जिले के सिंगोली में स्थापित 500 मेगावाट क्षमता का विशाल सोलर प्रोजेक्ट अब पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है, जिसने नीमच को प्रदेश के ऊर्जा मानचित्र पर अग्रणी बना दिया है।

Shubham Solar Solution

सिंगोली प्रोजेक्ट: 500 मेगावाट की क्षमता

सिंगोली सोलर प्रोजेक्ट, जो कि 704 हेक्टेयर भूमि पर फैला हुआ है, सिंगोली तहसील के ग्राम बडावदा, बड़ी, कवई, खेड़ा माँ का डोल, थडोद और अरनिया गाँव में स्थित है।

  • हालिया लोकार्पण: प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 दिसंबर 2024 को आगर में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी 330 मेगावाट क्षमता का लोकार्पण किया था।
  • यूनिट्स की स्थिति: इस परियोजना की यूनिट-3 (ग्राम बड़ी) में 170 मेगावाट क्षमता स्थापित है।
    • यूनिट एक (बड़ावदा) 160 मेगावाट
    • यूनिट-2 (ग्राम कवई) 170 मेगावाट
  • बिजली का उपयोग: मेसर्स टी.सी. सूर्या द्वारा स्थापित इन यूनिट्स से प्रतिवर्ष 68 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिसका उपयोग भारतीय रेल और मध्य प्रदेश बिजली कंपनी द्वारा किया जा रहा है।
  • तकनीकी बढ़त: यह प्रोजेक्ट सिंगल एक्सेस ट्रेकर टेक्नोलॉजी का उपयोग करता है, जो दक्षता बढ़ाने में सहायक है।

भगवानपुरा प्लांट: देश के सबसे बड़े प्लांट्स में से एक

नीमच की सौर ऊर्जा यात्रा में भगवानपुरा प्लांट की भूमिका ऐतिहासिक रही है। जावद जनपद के ग्राम भगवानपुरा में स्थित 151 मेगावाट क्षमता का यह प्लांट वेल्सपन सोलर एमपी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित किया गया था।

  • ऐतिहासिक महत्व: फरवरी 2014 में, वर्तमान प्रधानमंत्री और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस प्लांट का लोकार्पण किया था।
  • पर्यावरण लाभ: 305 हेक्टेयर में फैले इस प्लांट की लागत लगभग 1100 करोड़ रुपये थी। यह प्रतिवर्ष लगभग 216,372 टन कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करता है और लगभग 624,000 घरों को बिजली प्रदान करता है।
  • तकनीकी विशेषता: यह प्लांट पॉलीक्रिस्टलाइन सिलिकॉन फोटोवोल्टिक तकनीक का उपयोग करता है और 132 केवी के उच्च वोल्टेज पर बिजली उत्पादन करता है।

इन दोनों परियोजनाओं के माध्यम से, नीमच जिला देश के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

 

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