खबर का असर : धानुका सोया प्लांट पर बड़ी कार्रवाई: MPPCB टीम को मिले दूषित पानी और खामियाँ, किसान बोले- हमारी जीत!
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
17 नवम्बर 2025, (अपडेटेड 17 नवम्बर 2025, 10:39 अपराह्न IST)

यह ख़बर ‘टाइम्स ऑफ एमपी’ की पहल और लगातार प्रयासों का परिणाम है, जिसने धानुका सोया प्लांट द्वारा प्रदूषण के नियमों के उल्लंघन के मामले को प्रमुखता से उठाया।

टाइम्स ऑफ एमपी कई दिनों से इस गंभीर प्रदूषण के मुद्दे पर सक्रिय था। प्लांट द्वारा खुले में दूषित केमिकल युक्त पानी छोड़े जाने और पर्यावरण नियमों की अनदेखी की शिकायतें PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) से लेकर CPCB (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) तक की गई थीं। आज नीमच के धानुका सोया प्लांट पर मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) की उज्जैन टीम का निरीक्षण इसी लगातार दबाव और रिपोर्टिंग का असर है।

नीमच, मध्य प्रदेश: नियमों को ताक पर रखकर प्रदूषण फैला रहे नीमच स्थित धानुका सोया प्लांट पर आखिरकार शिकंजा कस गया है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB), उज्जैन की तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को जमुनियाकलाँ स्थित प्लांट का अचानक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई में मौके पर जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) सिस्टम के नियमों का घोर उल्लंघन और खुले में दूषित पानी पाए जाने की गंभीर खामियाँ सामने आईं।

मौके पर क्या-क्या पाया गया?

MPPCB उज्जैन के वरिष्ठ वैज्ञानिक (सीनियर साइंटिस्ट) और लैब हेड प्रद्युम्न खरे के नेतृत्व में आई टीम ने प्लांट परिसर और उससे प्रभावित बाहरी क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया।

  • दूषित पानी: प्लांट की स्वामित्व वाली जमीन पर बड़े पैमाने पर पानी भरा हुआ मिला, जो फैक्ट्री से निकला दूषित पानी प्रतीत होता है। निरीक्षण दल को एक स्थान पर इंप्रेशन (निशान) भी मिला, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पहले भी यहाँ दूषित पानी छोड़ा गया था।

  • सैंपल कलेक्शन: टीम ने फैक्ट्री से बाहर आए नाले, गांव के तालाब, और किसानों के दूषित हो चुके कुओं से पानी के नमूने एकत्र किए। इन नमूनों की जाँच उज्जैन की प्रयोगशाला में की जाएगी।

  • हरित क्षेत्र की कमी: पर्यावरण नियमों के अनुसार आवश्यक ग्रीन स्पेस डेवलपमेंट (हरित क्षेत्र) यानी पौधारोोपण भी नियमों के अनुसार नहीं पाया गया।

  • फैक्ट्री बंद: शिकायत की सूचना मिलते ही फैक्ट्री पूरे दिन बंद रही। किसानों और स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रदूषण की स्थिति को छिपाने के लिए आनन-फानन में भरे हुए पानी को हटाने का प्रयास भी किया गया था।

अधिकारियों और किसानों का बयान

वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रद्युम्न खरे ने मीडिया को बताया कि शिकायतों और समाचार माध्यमों की ख़बरों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने पुष्टि की कि फैक्ट्री परिसर के बाहर दूषित पानी पाया गया है। उन्होंने प्लांट प्रबंधन को व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए टाइम-बाउंड प्रोग्राम (समयबद्ध कार्यक्रम) देने का निर्देश दिया है। जाँच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

किसान और समाजसेवी नवीन खारोल ने पीसीबी टीम और मीडिया का धन्यवाद किया। उन्होंने आरोप लगाया कि धानुका सोया द्वारा छोड़ा गया केमिकल युक्त पानी उनके कुओं और खेतों को दूषित कर रहा है, जिससे फसलें प्रभावित हो रही हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और पीसीबी से सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

आगे की रणनीति

MPPCB टीम ने पंचनामा बनाया है और जाँच रिपोर्ट जल्द ही उज्जैन मुख्यालय को सौंपी जाएगी। अब सबकी निगाहें पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक काले और कलेक्टर पर टिकी हैं कि वे नियमों का उल्लंघन करने वाली इस फैक्ट्री पर कितनी सख्त कार्रवाई करते हैं। 

 

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Aakash Sharma
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आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

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