ब्रेकिंग न्यूज़: नारकोटिक्स की कार्रवाई पर बड़ा बवाल! ‘ये कैसा इंसाफ ?’

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जिसे पकड़ा वो निर्दोष, असली आरोपी आज़ाद; परिजनों का उग्र प्रदर्शन

नीमच/मंदसौर: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के नीमच स्थित उप आयुक्त कार्यालय के बाहर शुक्रवार को तब भारी ड्रामा और हंगामा देखने को मिला, जब मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी से आए ग्रामीणों और किसान नेताओं ने विभाग के अधिकारियों पर निर्दोष किसान को झूठा फंसाने का गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की।

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मामला क्या है?

पूरा मामला मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी की अयोध्या बस्ती के निवासी किसान गोवर्धन सिंह से जुड़ा है। परिजनों के अनुसार, नारकोटिक्स विभाग ने एक मादक पदार्थ से जुड़े प्रकरण में दिनेश पोरवाल नामक व्यक्ति को नोटिस जारी किया था। गोवर्धन सिंह इसी दिनेश पोरवाल के साथ पूछताछ के लिए नीमच आए थे।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नारकोटिक्स विभाग ने जिस व्यक्ति को नोटिस भेजा था, उसे तो छोड़ दिया गया, लेकिन साथ आए गोवर्धन सिंह को आरोपी बनाकर हिरासत में ले लिया गया। पीड़ित किसान की पत्नी, भावना, ने भारी आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, “ये कैसा न्याय है? जिसे नोटिस भेजा उसे तो छोड़ दिया और जिसका कोई लेना-देना नहीं, उसे पकड़ लिया। तीन दिन हो गए, कोई सुन नहीं रहा!

किसान नेताओं का प्रदर्शन

किसान नेता श्यामलाल जोगचंद के नेतृत्व में परिजन और ग्रामीण कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नारकोटिक्स विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तत्काल गोवर्धन सिंह को रिहा करने की मांग की।

क्षेत्र में नारकोटिक्स विभाग पर पहले भी झूठे मामले बनाने के आरोप लगते रहे हैं, जिसके कारण ग्रामीणों में विभाग के प्रति भारी आक्रोश है।

अधिकारियों का पक्ष

उधर, नारकोटिक्स अधिकारी आरके रजत ने आक्रोशित ग्रामीणों की बात सुनी। उन्होंने आश्वासन दिया कि,

“यदि गलती हुई है तो उसकी जाँच की जाएगी। अगर पकड़े गए व्यक्ति ने कोई गलती नहीं की है, तो उसे निश्चित रूप से छोड़ दिया जाएगा।”

हालांकि, यह आश्वासन भी ग्रामीणों के गुस्से को शांत करने में नाकाफी रहा।

यह घटना नीमच-मंदसौर क्षेत्र में नारकोटिक्स विभाग की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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