नीमच: डिलीवरी के 3 दिन बाद महिला की मौत पर बवाल, परिजनों ने ICU गेट तोड़ा और पुलिसकर्मी को मारा थप्पड़,चक्का जाम

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नीमच, मध्य प्रदेश। जिला अस्पताल में डिलीवरी के तीन दिन बाद एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो जाने पर उसके परिजनों ने जमकर हंगामा किया। आक्रोशित भीड़ ने आईसीयू (ICU) का गेट तोड़ दिया, डॉक्टरों के साथ झूमाझटकी की, और बीच-बचाव करने आए एक पुलिसकर्मी को थप्पड़ भी मार दिया। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और गलत ब्लड ट्रांसफ्यूजन (रक्त चढ़ाना) से इन्फेक्शन होने का गंभीर आरोप लगाया है।

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घटना का विवरण

राजस्थान के अचारी निवासी टीना मीणा (उम्र अज्ञात) को तीन दिन पहले डिलीवरी के लिए नीमच जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। टीना की यह दूसरी डिलीवरी थी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, डिलीवरी के बाद टीना स्वस्थ थीं, लेकिन उनका हीमोग्लोबिन स्तर कम होने के कारण उन्हें दिन में खून चढ़ाया गया था।

परिजनों का आरोप है कि खून की बोतल चढ़ाने के बाद टीना को रिएक्शन हुआ और उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। रात 9 बजे उन्हें डिलीवरी वार्ड से आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां एक घंटे बाद उनकी मौत हो गई। पत्नी की मौत की खबर सुनते ही पति प्रहलाद मीणा भी सदमे में आ गए और उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

गुस्साए परिजनों का हंगामा

महिला की मौत के बाद अस्पताल में तनाव की स्थिति बन गई। आक्रोशित परिजनों ने सीधे तौर पर गलत ब्लड चढ़ाने और डॉक्टर के देर से आने को मौत का कारण बताया।

  • उन्होंने आईसीयू के बाहर के गेट में तोड़फोड़ की।

  • बच्चों के डॉक्टर योगेंद्र धाकड़ को घेरकर उनके साथ झूमाझटकी की।

  • जब एक पुलिसकर्मी ने समझाने की कोशिश की, तो भीड़ में शामिल एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया।

सूचना मिलने पर कैंट पुलिस के अन्य जवान मौके पर पहुंचे और काफी देर तक समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। देर रात करीब 12 बजे मृतका के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

डॉक्टरों का पक्ष

इस मामले पर जिला अस्पताल के डॉ. लाल धाकड़ का कहना है,

“मरीज की तीन दिन पहले डिलीवरी हुई थी और वह स्वस्थ थी। हीमोग्लोबिन कम होने के कारण उसे खून चढ़ाया गया। शाम को तबीयत बिगड़ने पर तत्काल सात स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने मिलकर उन्हें बचाने का प्रयास किया। मौत का असली कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा।”

कैंट थाने के बाहर चक्का जाम

अस्पताल में हुए हंगामे के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने कैंट थाने के बाहर चक्का जाम कर दिया और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।