India Top 10 Police Stations: देश के सर्वश्रेष्ठ थानों में MP के मल्हारगढ़ ने बनाई जगह, अमित शाह ने जारी की रैंकिंग
रायपुर/मंदसौर (द टाइम्स ऑफ एमपी) : देश की आंतरिक सुरक्षा और पुलिसिंग के लिए सबसे अहम मानी जाने वाली 60वीं ‘ऑल इंडिया डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस’ का आगाज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हो चुका है। इस महामंथन के पहले दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ी घोषणा करते हुए India Top 10 Police Stations (भारत के सर्वश्रेष्ठ 10 पुलिस थानों) की बहुप्रतीक्षित सूची जारी की। इस सूची में मध्य प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण सामने आया है। मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ पुलिस थाने ने देश के हजारों थानों को पछाड़ते हुए टॉप-10 में अपनी जगह पक्की की है और 9वां स्थान हासिल किया है।
नंबर-1 पर दिल्ली का गाज़ीपुर, MP का मल्हारगढ़ बना मिसाल

रायपुर के आईआईएम (IIM) परिसर में आयोजित इस भव्य समारोह में अमित शाह ने देश के टॉप-3 थानों के प्रभारियों को सम्मानित किया। जहां राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के गाज़ीपुर थाने को देश का सर्वश्रेष्ठ (नंबर-1) थाना घोषित किया गया, वहीं मध्य प्रदेश का मल्हारगढ़ थाना प्रदेश का एकमात्र ऐसा थाना बना है, जो इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हुआ है।
गृह मंत्री अमित शाह ने सम्मान समारोह में कहा,
“मैं विजेता टीमों की सराहना करता हूं। यह रैंकिंग प्रक्रिया देशभर के थानों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगी और पुलिसिंग को जन-केंद्रित और मजबूत बनाएगी।”
किसने मारी बाजी? ये हैं देश के टॉप-3 थाने
गृह मंत्रालय द्वारा जारी रैंकिंग के अनुसार, शीर्ष तीन स्थान निम्नलिखित थानों ने हासिल किए हैं:
प्रथम स्थान: गाज़ीपुर थाना (दिल्ली)
द्वितीय स्थान: पहरगांव थाना (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह)
तृतीय स्थान: कवितला थाना (रायचूर, कर्नाटक)
इन थानों के प्रभारियों ने गृह मंत्री के हाथों पुरस्कार प्राप्त किया। यह सम्मान न केवल एक ट्रॉफी है, बल्कि उस थाने की साल भर की कड़ी मेहनत, अनुशासन और अपराध नियंत्रण का प्रमाण पत्र भी है।
मंदसौर के मल्हारगढ़ की सफलता की कहानी
India Top 10 Police Stations की लिस्ट में 9वें पायदान पर आना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। मंदसौर जिले का मल्हारगढ़, जो कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का विधानसभा क्षेत्र भी है, ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों में भी अगर इच्छाशक्ति हो, तो राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।
मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीना ने इस उपलब्धि को ‘टीम वर्क’ का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता एसडीओपी नरेंद्र सोलंकी और तत्कालीन थाना प्रभारी राजेंद्र पंवार के नेतृत्व का परिणाम है। थाने ने पिछले एक साल में न केवल पेंडिंग मामलों को तेजी से निपटाया, बल्कि ‘आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय’ के स्लोगन को भी चरितार्थ किया।

70 कड़े पैमानों पर परखे गए थे थाने
सर्वश्रेष्ठ थानों का चयन किसी सिफारिश पर नहीं, बल्कि डेटा और ग्राउंड रिपोर्ट पर आधारित था। गृह मंत्रालय ने इसके लिए कुल 70 अलग-अलग पैरामीटर (मापदंड) तय किए थे। चयन समिति ने गुप्त रूप से और डेटा के आधार पर थानों का मूल्यांकन किया।
किन मानकों पर मिली रैंकिंग:
अपराध नियंत्रण: क्षेत्र में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों में कमी।
केस डिस्पोजल: दर्ज मुकदमों में कितनी जल्दी चार्जशीट पेश की गई और कोर्ट में सजा की दर क्या रही।
बुनियादी ढांचा: थाने में पीने का पानी, शौचालय, और आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था।
तकनीक का इस्तेमाल: CCTNS (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) का प्रभावी उपयोग।
जनता का फीडबैक: थाने आने वाले फरियादियों से पुलिस का व्यवहार कैसा था और क्या उनकी समस्या सुलझी?
मल्हारगढ़ थाने ने इन सभी मोर्चों, विशेषकर महिला सुरक्षा और संपत्ति संबंधी अपराधों (चोरी, लूट) के खुलासे में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
PM मोदी तय करेंगे सुरक्षा का ‘ब्लूप्रिंट’
डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 और 30 नवंबर को कॉन्फ्रेंस के 6 महत्वपूर्ण सत्रों की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान वे India Top 10 Police Stations जैसी पहलों को और विस्तार देने पर चर्चा करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, इस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ‘अमृत काल’ में भारतीय पुलिस के लिए एक नया विजन डॉक्युमेंट पेश कर सकते हैं। इसमें हाइब्रिड वॉरफेयर, साइबर सुरक्षा, ड्रग तस्करी पर नकेल, और पुलिस थानों को स्मार्ट बनाने जैसे मुद्दों पर ‘एक्शन प्लान’ तैयार किया जाएगा।
नेताओं ने दी बधाई


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