फव्वारा चौक पर Nagar Palika Action, बस स्टैंड तक हटाए पक्के निर्माण; व्यापारियों में रोष

nagar palika action
नीमच : मध्य प्रदेश के नीमच शहर में रविवार को प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ा। शहर की सड़कों को कब्जा मुक्त कराने और यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए रविवार को nagar palika action पूरे शबाब पर रहा। सुबह से ही शुरू हुई इस कार्रवाई में फव्वारा चौक से लेकर बस स्टैंड तक के मुख्य मार्ग पर जेसीबी (JCB) मशीनों की गड़गड़ाहट सुनाई दी, जिससे हड़कंप मच गया। नगर पालिका के अमले ने सख्त रवैया अपनाते हुए दुकानों के बाहर किए गए पक्के निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।
रविवार को भी नहीं थमा Nagar Palika Action
आमतौर पर रविवार का दिन सरकारी विभागों के लिए छुट्टी और सुस्ती का होता है, लेकिन नीमच में इस रविवार नजारा कुछ और ही था। nagar palika action मोड में नजर आई और सुबह-सुबह ही दलबल के साथ शहर के सबसे व्यस्ततम इलाक़ों में धमक गई। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उन स्थायी और अस्थायी अतिक्रमणों को हटाना था, जिनके कारण शहर की सड़कें संकरी हो गई थीं और आम जनता को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
जैसे ही जेसीबी मशीनें फव्वारा चौक पहुंचीं, व्यापारियों में अफरा-तफरी मच गई। यह nagar palika action इतना त्वरित था कि कई लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। टीम ने सड़क किनारे रखे विज्ञापन बोर्ड, लोहे के एंगल और फुटपाथ पर कब्जा जमाए बैठे ठेले वालों को हटाना शुरू कर दिया।
प्रतिष्ठित दुकानों के ओटले हुए जमींदोज
इस कार्रवाई की जद में शहर की कई नामचीन दुकानें भी आईं। फव्वारा चौक स्थित हनुमान चाट, मनमोहन मिष्ठान भंडार और उपकार चाट जैसी प्रसिद्ध दुकानों के बाहर किए गए पक्के निर्माणों को इस nagar palika action के तहत तोड़ा गया। प्रशासन का कहना था कि इन दुकानदारों ने अपनी हदों से बाहर निकलकर सड़क पर ओटले और सीढ़ियां बना ली थीं, जिससे मुख्य मार्ग संकरा हो गया था।
जेसीबी के पीले पंजे ने दुकानों के बाहर के निर्माणों को मलबे में तब्दील कर दिया। इसके अलावा, फुटपाथ पर बेतरतीब तरीके से लगाए गए होर्डिंग्स और बैनर-पोस्टरों को भी नगर पालिका के कर्मचारियों ने जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और यातायात पुलिस की मौजूदगी ने यह सुनिश्चित किया कि nagar palika action बिना किसी व्यवधान के पूरा हो सके।
बस स्टैंड से गुमटियों का सफाया
फव्वारा चौक से आगे बढ़ते हुए यह दस्ता बस स्टैंड पहुंचा। यहाँ भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। बस स्टैंड परिसर में लंबे समय से बंद और लावारिस हालत में पड़ी चार गुमटियों को हटा दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, ये गुमटियां न केवल गंदगी का कारण बन रही थीं, बल्कि असामाजिक गतिविधियों के लिए भी जगह मुहैया करा रही थीं। इस nagar palika action के बाद बस स्टैंड का परिसर अब काफी खुला और व्यवस्थित नजर आने लगा है।
नोटिस के बाद हुआ यह बड़ा Action: CMO
मौके पर मौजूद नगर पालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया ने मीडिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई है। उन्होंने बताया, “हमने इस nagar palika action से पहले सभी संबंधित दुकानदारों और अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए थे। उन्हें खुद अपना अवैध निर्माण हटाने का समय दिया गया था। लेकिन जब बार-बार नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटा, तो हमें यातायात पुलिस के सहयोग से यह कदम उठाना पड़ा।”
सीएमओ ने चेतावनी देते हुए कहा कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए nagar palika action आगे भी जारी रहेगा। उनका कहना था कि शहर की सुंदरता और यातायात सुगमता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान सीएमओ के साथ यातायात थाना प्रभारी सोनू बडगूजर और नगर पालिका के इंजीनियर व अन्य कर्मचारी मुस्तैद रहे।
व्यापारियों का आरोप: ‘Action में भेदभाव क्यों?’
एक तरफ जहाँ प्रशासन अपनी पीठ थपथपा रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रभावित व्यापारियों ने इस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। दुकानदार मनीष भारद्वाज ने कार्रवाई के दौरान अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाना सही है, लेकिन nagar palika action में पारदर्शिता और निष्पक्षता होनी चाहिए।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि प्रशासन केवल सॉफ्ट टारगेट यानी आम दुकानदारों पर ही अपनी ताकत दिखाता है। उन्होंने सवाल दागा,
“एसपी ऑफिस और पुलिस थानों के सामने भी कई अतिक्रमण हैं, वहां यह nagar palika action क्यों नहीं होता? क्या कानून का डंडा सिर्फ हमारे लिए है ?”
व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन रसूखदारों के अतिक्रमण को नजरअंदाज कर देता है, जिससे आम जनता में रोष पनप रहा है।
आगे की राह
बहरहाल, रविवार को हुए इस nagar palika action ने शहर में हड़कंप जरूर मचा दिया है। सड़कें चौड़ी नजर आने लगी हैं और यातायात में भी सुधार की उम्मीद जगी है। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका इस कार्रवाई को कितनी निरंतरता दे पाती है और क्या हटाए गए अतिक्रमण दोबारा उसी जगह पर काबिज नहीं होंगे? फ़िलहाल, शहर में चर्चा का विषय सिर्फ और सिर्फ प्रशासन का यह सख्त रवैया है।
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