मंदसौर: भगवान की आड़ में चल रहा था ‘पाप’ का कारोबार, होटल पर Bajrang Dal Action Mandsaur से मचा हड़कंप

मंदसौर (ब्यूरो रिपोर्ट): धर्म और आस्था के नाम पर जब कोई अनैतिक गतिविधियों को अंजाम देता है, तो समाज का आक्रोशित होना स्वाभाविक है। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक होटल संचालक ने अपने काले कारनामों को छिपाने के लिए भगवान के नाम और तस्वीरों को ढाल बना रखा था। पिपलियामंडी थाना क्षेत्र में Bajrang Dal Action Mandsaur की खबर ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। संगठन के कार्यकर्ताओं ने न केवल इस “गंदे खेल” का पर्दाफाश किया बल्कि धार्मिक प्रतीकों का दुरुपयोग तुरंत बंद करवाया।
धर्म की आड़ में अधर्म का अड्डा
Bajrang Dal Action Mandsaur प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र का है। यहाँ बही चौपाटी और टोल प्लाज़ा के बीच स्थित एक होटल लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों का केंद्र बना हुआ था। जब हमने स्थानीय सूत्रों से बात की, तो पता चला कि इस होटल की आड़ में कई तरह की अनुचित गतिविधियाँ संचालित की जा रही थीं।
हैरान करने वाली बात यह थी कि होटल संचालक ने दुकान के मुख्य बोर्ड पर बड़े-बड़े अक्षरों में भगवान का नाम लिखवा रखा था। इतना ही नहीं, होटल की भीतरी और बाहरी दीवारों पर हिंदू देवी-देवताओं के फोटो लगाए गए थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब केवल इसलिए किया गया था ताकि पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचा जा सके और “धार्मिक आवरण” में गलत काम बेखौफ जारी रहे।
Bajrang Dal Action Mandsaur: मौके पर पहुँचा संगठन
काफी समय से मिल रही शिकायतों के बाद, जब यह मामला बजरंग दल के संज्ञान में आया, तो कार्यकर्ताओं ने तुरंत कार्रवाई करने का निर्णय लिया। Bajrang Dal Action Mandsaur मुहिम के तहत दर्जनों कार्यकर्ता पिपलियामंडी स्थित उस होटल पर जा धमके।
मौके पर पहुँचते ही कार्यकर्ताओं ने पाया कि शिकायतें सही थीं। होटल के भीतर का माहौल और वहां भगवान की तस्वीरों की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं के गुस्से को और भड़का दिया। बजरंग दल के पदाधिकारियों ने होटल संचालक को रंगे हाथों घेरा और कड़ी आपत्ति जताई। वहां मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक, माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था, लेकिन कार्यकर्ताओं ने संयम रखते हुए सबसे पहले धार्मिक अपमान को रोकने की प्राथमिकता दी।
संचालक की हेकड़ी निकली, खुद हटाए भगवान के पोस्टर
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का रौद्र रूप देखकर होटल संचालक के होश उड़ गए। कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि “सनातन धर्म के प्रतीकों का उपयोग गंदे धंधों को छिपाने के लिए करना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
विरोध इतना तीखा था कि होटल संचालक को अपनी गलती का एहसास तुरंत हो गया। Bajrang Dal Action Mandsaur के प्रभाव के चलते, संचालक ने बिना किसी देरी के सीढ़ी लगाकर दुकान के बोर्ड से भगवान का नाम हटाया। इसके साथ ही, दीवारों पर लगे देवी-देवताओं के चित्रों को भी तुरंत उतार दिया गया। इस पूरी घटना का वीडियो और फोटो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें संचालक स्वयं धार्मिक पोस्टर हटाते हुए नजर आ रहा है।
“भविष्य में नहीं मिलेगी माफी”
बजरंग दल के जिला और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों ने होटल संचालक को सख्त समझाइश दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापार करना सबका अधिकार है, लेकिन व्यापार की आड़ में अनैतिक कार्य करना और उसके लिए भगवान के नाम का सहारा लेना एक गंभीर अपराध है।
कार्यकर्ताओं ने कहा,
“यह न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है, बल्कि इससे समाज में एक बहुत ही गलत संदेश जाता है। यदि भविष्य में इस होटल या आसपास के किसी भी प्रतिष्ठान में इस तरह की पुनरावृत्ति पाई गई, तो संगठन कानूनन सख्त कदम उठाएगा और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।”
स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस
इस होटल को लेकर आसपास के रहवासी और अन्य दुकानदार भी काफी समय से परेशान थे। बही चौपाटी जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह की गतिविधियों से वहां का माहौल खराब हो रहा था। Bajrang Dal Action Mandsaur की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को भी ऐसे होटलों पर नियमित जांच करनी चाहिए ताकि “टोल प्लाज़ा और हाईवे” के किनारे चल रहे ऐसे अवैध कार्यों पर पूर्णतः लगाम लग सके।
फिलहाल, होटल से धार्मिक प्रतीक हटा दिए गए हैं और संचालक ने भविष्य में ऐसी गलती न करने की कसम खाई है। लेकिन यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या आस्था के प्रतीकों का दुरुपयोग रोकने के लिए सिर्फ सामाजिक संगठनों को ही आगे आना होगा?
यह भी पढ़ें: Couple Throws Water on Baraat : DJ के शोर पर मचा संग्राम, नींद हराम होने पर मच गई अफरातफरी

