Goa Fire: थाइलैंड में Luthra Brothers Detained, हथकड़ी में जकड़े बिर्च क्लब के मालिक, जलते क्लब को छोड़ भागे थे

Luthra Brothers Detained

पणजी/नई दिल्ली: गोवा के इतिहास के सबसे भयावह अग्निकांडों में से एक, बिर्च नाइट क्लब हादसे के 5वें दिन जाँच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। 25 बेगुनाह जिंदगियों को लील लेने वाली उस काली रात के मुख्य सूत्रधार और क्लब के मालिक, सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा, कानून के शिकंजे में आ चुके हैं। गुरुवार को एक नाटकीय घटनाक्रम में थाईलैंड से Luthra Brothers Detained होने की खबर की पुष्टि हुई। थाईलैंड पुलिस ने दोनों भाइयों को हिरासत में ले लिया है।

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सोशल मीडिया और मीडिया में जारी हुई उनकी ताजा तस्वीरों Luthra Brothers Detained ने पूरे देश में गुस्से की लहर दौड़ा दी है। तस्वीरों में दोनों भाई हथकड़ी पहने नजर आ रहे हैं और उनके हाथों में वही पासपोर्ट हैं, जिनके दम पर वे कानून को चकमा देकर देश छोड़कर भागे थे। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय अधिकारियों की एक स्पेशल टीम थाईलैंड पहुँच चुकी है और अगले 24 घंटों के भीतर इन भगोड़ों को भारत लाया जाएगा, जहाँ गोवा पुलिस उनका ‘स्वागत’ करने के लिए तैयार है।

देखे उस रात को कैसे लगी आग

मौत का मंजर और भागने की ‘कायरना’ तैयारी

इस पूरे मामले में जो सबसे चौंकाने वाला और अमानवीय पहलू सामने आया है, वह लूथरा ब्रदर्स की भागने की टाइमिंग है। जांच एजेंसियों के हाथ लगे इलेक्ट्रॉनिक सबूत बताते हैं कि इंसानियत उस रात शर्मसार हो गई थी।

6 दिसंबर की रात जब बिर्च नाइट क्लब लपटों में घिरा था और फायर ब्रिगेड की टीम अपनी जान पर खेलकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने की जद्दोजहद कर रही थी, ठीक उसी वक्त क्लब के मालिक अपनी जान और चमड़ी बचाने की जुगत में लगे थे। खबर है कि Luthra Brothers Detained होने से पहले, वे फुकेट में छिपे हुए थे।

डिजिटल फुटप्रिंट से हुआ खुलासा: अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक:

  • रात 1:17 बजे: जब क्लब में अफरा-तफरी मची थी, लूथरा बंधुओं ने एक ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल पर लॉग-इन किया।

  • सुबह 5:30 बजे: उन्होंने इंडिगो की फ्लाइट (6E 1073) पकड़ी और दिल्ली से सीधे फुकेट (थाईलैंड) के लिए उड़ान भर दी।

यह तथ्य साबित करता है कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय भागने को प्राथमिकता दी। उन पर गैर इरादतन हत्या और घोर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

इंटरपोल का शिकंजा और ब्लू कॉर्नर नोटिस

लूथरा ब्रदर्स के फरार होने की खबर मिलते ही गोवा पुलिस और केंद्र सरकार हरकत में आ गई थी। चूकिं मामला बेहद संवेदनशील था, इसलिए गोवा पुलिस ने तुरंत विदेश मंत्रालय और सीबीआई के जरिए इंटरपोल (International Criminal Police Organization) से संपर्क साधा।

भारत के अनुरोध पर इंटरपोल ने दोनों भाइयों के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया था। यह नोटिस किसी अपराधी की लोकेशन ट्रेस करने और उसकी पहचान सत्यापित करने के लिए जारी किया जाता है। इसी अंतरराष्ट्रीय सहयोग का नतीजा है कि आज Luthra Brothers Detained हैं और जल्द ही भारतीय कानून का सामना करेंगे। इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट एक्ट 1967 की धारा 10ए का इस्तेमाल करते हुए उनके पासपोर्ट भी सस्पेंड कर दिए थे।

कोर्ट रूम ड्रामा: “हम बिजनेस ट्रिप पर थे”

हैरानी की बात यह है कि एक तरफ जहाँ पुलिस उन्हें ढूंढ रही थी, वहीं दूसरी तरफ उनके वकीलों ने बुधवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर कर दी।

कोर्ट में लूथरा ब्रदर्स के वकील ने दलील दी,

“मेरे मुवक्किल काम के सिलसिले में थाईलैंड गए थे, वे भाग नहीं रहे थे। वे अब देश लौटना चाहते हैं और जाँच में सहयोग करना चाहते हैं,

लेकिन उन्हें डर है कि भारत आते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

हालाँकि, दिल्ली पुलिस ने इस दलील का कड़ा विरोध किया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि गोवा की एक अदालत पहले ही उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर चुकी है। यह कोई साधारण बिजनेस ट्रिप नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया पलायन था।

अब तक 6 गिरफ्तारियां, दिल्ली कनेक्शन आया सामने

Luthra Brothers Detained मामले की आंच अब गोवा से निकलकर दिल्ली तक पहुँच चुकी है। चूँकि लूथरा ब्रदर्स, उनके बिजनेस पार्टनर और कई कर्मचारी दिल्ली के निवासी हैं, इसलिए दिल्ली पुलिस भी गोवा पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जांच कर रही है।

Luthra Brothers Detained होने के अलावा, अब तक पुलिस ने कुल 6 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा है:

  1. राजीव मोदक: चीफ जनरल मैनेजर

  2. विवेक सिंह: जनरल मैनेजर

  3. राजीव सिंघानिया: बार मैनेजर

  4. रियांशु ठाकुर: गेट मैनेजर

  5. भरत कोहली: कर्मचारी

  6. अजय गुप्ता: क्लब का सह-मालिक (Partner)

अजय गुप्ता को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था और साकेत कोर्ट से 36 घंटे की ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे गोवा ले जाया गया है।

प्रशासन का एक्शन: आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध

Luthra Brothers Detained बिर्च नाइट क्लब में आग लगने का मुख्य कारण ‘इलेक्ट्रिक पटाखे’ बताए गए थे। इस घटना से सबक लेते हुए नॉर्थ गोवा जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। अब नाइट क्लबों, होटलों और पर्यटकों की आवाजाही वाली जगहों पर किसी भी प्रकार की आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

क्रिसमस और न्यू ईयर के जश्न को देखते हुए दिल्ली फायर सर्विस ने भी राजधानी के सभी रेस्टोरेंट और क्लबों में फायर सेफ्टी ऑडिट के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन अब कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है।

अब जब Luthra Brothers Detained हैं, तो पीड़ितों के परिवारों में न्याय की उम्मीद जागी है। यह गिरफ्तारी उन सभी रसूखदारों के लिए एक चेतावनी भी है जो समझते हैं कि वे कानून से ऊपर हैं।


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