जबलपुर/नीमच। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि बंद की गई सभी इंटर-स्टेट परिवहन चेक पोस्ट को दोबारा शुरू किया जाए। अदालत ने इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए कहा कि एमपी चेक पोस्ट को बंद करना जनहित के खिलाफ है और इससे ओवरलोडिंग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
न्यायालय के इस फैसले के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है और अब सरकार को तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई करनी होगी।
सरकार के फैसले पर अदालत की सख्त टिप्पणी
न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि सरकार ने पहले अदालत को आश्वासन दिया था कि एमपी चेक पोस्ट लगातार संचालित रहेंगे ताकि ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण रखा जा सके।
लेकिन इसके बावजूद 30 जून 2024 को सभी अंतरराज्यीय चेक पोस्ट बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया। अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए कहा कि यह अदालत के आदेशों की अवमानना के समान है।
2006 की जनहित याचिका से जुड़ा मामला
इस पूरे मामले की शुरुआत वर्ष 2006 में दायर एक जनहित याचिका से हुई थी। उस समय सड़कों पर बढ़ती ओवरलोडिंग को लेकर चिंता जताई गई थी। राज्य सरकार ने तब शपथ पत्र देकर भरोसा दिलाया था कि एमपी चेक पोस्ट के माध्यम से ओवरलोडिंग पर सख्ती से नियंत्रण रखा जाएगा। लेकिन बाद में इन्हें बंद कर दिया गया, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।
नयागांव जैसे बॉर्डर क्षेत्रों पर बड़ा असर
इस आदेश का सीधा असर नीमच जिले के नयागांव सहित प्रदेश के सभी सीमावर्ती क्षेत्रों पर पड़ेगा। नयागांव, जो मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच एक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट है, वहां रोजाना बड़ी संख्या में भारी वाहन गुजरते हैं।
अब एमपी चेक पोस्ट दोबारा शुरू होने से यहां वाहनों की सघन जांच होगी और ओवरलोडिंग पर लगाम लगेगी। इससे सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है।
30 दिन में लागू करना होगा आदेश
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदेश की प्रति मिलने के 30 दिनों के भीतर सभी बंद एमपी चेक पोस्ट फिर से चालू किए जाएं।
यदि इस समय सीमा का पालन नहीं किया गया, तो याचिकाकर्ता को अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का अधिकार होगा। इससे स्पष्ट है कि इस बार सरकार के पास कोई विकल्प नहीं बचा है।
परिवहन विभाग पर बढ़ा दबाव
इस फैसले के बाद परिवहन विभाग पर दबाव बढ़ गया है। सीमावर्ती जिलों में स्टाफ की तैनाती, संसाधनों की व्यवस्था और निगरानी तंत्र को मजबूत करना अब जरूरी हो गया है।
एमपी चेक पोस्ट फिर से शुरू होने से न केवल राजस्व बढ़ेगा, बल्कि अवैध परिवहन गतिविधियों पर भी रोक लगेगी।
सड़क सुरक्षा और जनहित को मिलेगा लाभ
चेक पोस्ट दोबारा शुरू होने से सड़कों की सुरक्षा बेहतर होगी। ओवरलोडिंग के कारण सड़कों को होने वाला नुकसान कम होगा और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
आम जनता और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह फैसला राहत भरा माना जा रहा है। एमपी चेक पोस्ट की बहाली से व्यवस्था फिर से मजबूत होने की उम्मीद है।
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