Neemuch Juna Bazar Vivad: पार्किंग विवाद में नया मोड़, तेली समाज ने खोला मोर्चा; बोहरा समाज पर लगाए संगीन आरोप

Neemuch Juna Bazar Vivad
नीमच: Neemuch Juna Bazar Vivad मध्य प्रदेश के नीमच सिटी के जूना बाजार क्षेत्र में पार्किंग और अतिक्रमण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े सामाजिक संघर्ष का रूप लेता जा रहा है। Neemuch Juna Bazar Vivad में शनिवार को एक नया और आक्रामक मोड़ तब आया, जब क्षत्रिय राठौर तेली समाज का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचा। समाज के लोगों ने न केवल पिछले दिनों बोहरा समाज द्वारा दिए गए ज्ञापन को झूठा करार दिया, बल्कि उन पर ही सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
Neemuch Juna Bazar Vivad यह मामला अब केवल पार्किंग तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसमें ‘अवैध नशे के कारोबार’ के आरोपों से लेकर ‘धार्मिक स्थल की पवित्रता’ तक के मुद्दे जुड़ गए हैं।
10 दिसंबर के ज्ञापन को बताया ‘झूठा और मनगढ़ंत’
Neemuch Juna Bazar Vivad तेली समाज द्वारा सौंपे गए लिखित आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि 10 दिसंबर को बोहरा समाज ने दीपक बारोड के खिलाफ जो ज्ञापन दिया था, वह पूरी तरह से निराधार है। समाज के प्रतिनिधियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि उस ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को गुमराह करना और शहर का सांप्रदायिक माहौल खराब करना था।
समाज के वरिष्ठ जनों का कहना है कि प्रशासन को एकतरफा कार्रवाई करने के बजाय जमीनी हकीकत की जांच करनी चाहिए। उनका आरोप है कि Neemuch Juna Bazar Vivad की आड़ में एक विशेष परिवार को निशाना बनाया जा रहा है जो वर्षों से शांतिपूर्वक अपना व्यवसाय कर रहा है।
दूध डेयरी को ‘नशे का कारोबार’ बताने पर भड़का समाज
Neemuch Juna Bazar Vivad विवाद का सबसे संवेदनशील पहलू दीपक बारोड के व्यवसाय को लेकर लगाए गए आरोप हैं। दीपक बारोड के भाई, मंगल बारोड ने मीडिया को बताया कि उनका परिवार पीढ़ियों से दूध का व्यवसाय करता आ रहा है। उन्होंने कहा, “बोहरा पक्ष ने अपने ज्ञापन में हमारे दूध के धंधे को ‘अवैध नशे का कारोबार’ बताया है। यह हमारे परिवार की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की एक घिनौनी साजिश है। हम मेहनत-मजदूरी करने वाले लोग हैं, नशे का कारोबार करना तो दूर, हम इसके बारे में सोचते भी नहीं हैं।”
ग्राहकों से अभद्रता और गुंडागर्दी के आरोप
Neemuch Juna Bazar Vivad पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में तेली समाज ने बोहरा समाज के कुछ विशेष व्यक्तियों—जुझर भाई, जुनैद बोहरा और अरशद बोहरा—को नामजद करते हुए उन पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। आवेदन के अनुसार:
ये लोग दीपक की दुकान पर आने वाले ग्राहकों के साथ आए दिन अभद्रता करते हैं।
ग्राहकों के वाहनों को जानबूझकर गिरा दिया जाता है।
विरोध करने पर अश्लील गालियां दी जाती हैं और धमकाया जाता है।
समाज का कहना है कि इन हरकतों की वजह से न केवल उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है, बल्कि आम नागरिकों में भी भय का माहौल है।
धार्मिक भावनाओं को आहत करने का बड़ा दावा
Neemuch Juna Bazar Vivad में धार्मिक एंगल भी सामने आया है। तेली समाज ने आरोप लगाया है कि पास ही स्थित भेरूजी मंदिर के आसपास जानबूझकर गंदगी फैलाई जाती है। उनका कहना है कि मंदिर परिसर के पास कूड़ा-कचरा फेंकना और थूकना हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का एक सुनियोजित प्रयास है।
इसके अलावा, पास ही स्थित एक सार्वजनिक हैंडपंप, जिसका उपयोग स्थानीय रहवासी पीने के पानी के लिए करते हैं, उसे भी निशाना बनाया जा रहा है। आरोप है कि आते-जाते समय हैंडपंप पर थूका जाता है और लात-घूंसे मारे जाते हैं, जिससे पेयजल दूषित होने और बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
शासकीय भूमि पर कब्जा और मारपीट
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि हैंडपंप के पास की शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। वहां रेलिंग और चद्दर का शेड लगाकर रास्ता संकरा कर दिया गया है, जो विवाद की एक बड़ी वजह है।तेली समाज ने दावा किया है कि उनके पास 5-6 महीने पहले हुई मारपीट और गाली-गलौज की घटनाओं के पुख्ता वीडियो फुटेज मौजूद हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इन वीडियो साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जाए। समाज का कहना है कि बोहरा पक्ष द्वारा लगातार उकसाने वाली कार्रवाई की जा रही है, लेकिन वे अब तक संयम बरते हुए थे।
निष्पक्ष जांच और अतिक्रमण हटाने की मांग
एसपी कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए क्षत्रिय राठौर तेली समाज ने प्रशासन से दो टूक मांग की है:
जूना बाजार क्षेत्र में किए गए सभी अवैध अतिक्रमणों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।
पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि शहर में शांति और सामाजिक सौहार्द बना रहे।
फिलहाल, पुलिस ने आवेदन ले लिया है और मामले की जांच का आश्वासन दिया है। लेकिन जिस तरह से दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, उससे Neemuch Juna Bazar Vivad के जल्द थमने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। प्रशासन के लिए अब यह चुनौती होगी कि वे किस तरह दोनों समुदायों के बीच विश्वास बहाल करते हैं।
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