Mandsaur Court Fight: मंदसौर न्यायालय में हाईवोल्टेज ड्रामा, प्रेमी के साथ पहुंची विवाहिता की ससुराल पक्ष से भिड़ंत, 2 आरोपी जेल भेजे गए

Mandsaur Court Fight
मंदसौर। न्याय के मंदिर कहे जाने वाले न्यायालय परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो पक्ष आपस में भिड़ गए। सोमवार शाम को Mandsaur Court Fight का एक ऐसा मामला सामने आया जिसने कानूनी सुरक्षा और सामाजिक रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक विवाहित महिला अपने प्रेमी के साथ दस्तावेजी प्रक्रिया के लिए पहुंची थी, जहाँ पहले से मौजूद ससुराल और मायके पक्ष के लोगों ने उनके साथ जमकर मारपीट की।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद रेवास देवड़ा क्षेत्र से जुड़ा है। यहाँ की एक विवाहित महिला पिछले कुछ समय से अपने पति संजय और दो मासूम बच्चों को छोड़कर अपने कथित प्रेमी दीपक (निवासी रेवास देवड़ा) के साथ रह रही थी। बताया जा रहा है कि महिला और उसका प्रेमी दीपक सोमवार को मंदसौर जिला न्यायालय परिसर में अपने संबंधों को कानूनी जामा पहनाने या विवाह संबंधी किसी दस्तावेजी प्रक्रिया को पूरा करने के उद्देश्य से पहुंचे थे।
जैसे ही इस बात की भनक महिला के ससुराल पक्ष और मायके पक्ष के लोगों को लगी, वे भी भारी संख्या में न्यायालय परिसर में एकत्र हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही महिला और उसका प्रेमी कोर्ट रूम के बाहर नजर आए, दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
Mandsaur Court Fight: लात-घूंसों से चला न्याय के परिसर में संघर्ष
देखते ही देखते यह बहस हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। न्यायालय परिसर, जहाँ लोग न्याय की उम्मीद में आते हैं, वहाँ सरेआम लात-घूंसे चलने लगे। ससुराल पक्ष के लोगों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने महिला और उसके प्रेमी दीपक जायसवाल की बीच सड़क पर पिटाई शुरू कर दी। Mandsaur Court Fight का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग एक-दूसरे पर हमला करते और चिल्लाते नजर आ रहे हैं।
इस घटना के दौरान कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों और अन्य पक्षकारों के बीच हड़कंप मच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस की एंट्री और वैधानिक कार्रवाई
सूचना मिलते ही वायडी नगर पुलिस और कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को बिगड़ने से पहले ही नियंत्रित किया और मारपीट कर रहे दोनों पक्षों के लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस मामले में मुख्य आरोपी दीपक पिता राजू जायसवाल (प्रेमी) और संजय पिता मुन्ना लाल (पति) के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
कोतवाली पुलिस ने बताया कि शांति भंग करने और सार्वजनिक स्थान पर विवाद करने के चलते दोनों मुख्य पक्षों पर धारा 151 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार को पुलिस ने दोनों को सक्षम न्यायालय (तहसीलदार) के समक्ष पेश किया, जहाँ से उन्हें एक दिन के लिए जेल भेज दिया गया है।
सीसीटीवी और वीडियो फुटेज से होगी पहचान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और मौके पर मौजूद लोगों द्वारा बनाए गए मोबाइल वीडियो की जांच की जा रही है। वीडियो के आधार पर उन अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है जिन्होंने कानून को हाथ में लिया और मारपीट की। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कोर्ट परिसर की गरिमा भंग करने और हिंसा फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सामाजिक और कानूनी पहलू
यह घटना न केवल एक पारिवारिक विवाद है, बल्कि यह दर्शाती है कि समाज में आवेश किस कदर हावी हो रहा है। Mandsaur Court Fight जैसी घटनाएं न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगाती हैं। हालांकि पुलिस की तत्परता से मामला और ज्यादा नहीं बढ़ा, लेकिन कोर्ट परिसर में इस तरह के “हाईवोल्टेज ड्रामे” ने आम नागरिक को हैरान कर दिया है।
वर्तमान में महिला को उसके परिजनों के सुपुर्द करने या उचित काउंसलिंग की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसक वारदातों को रोका जा सके।
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