10 सेकंड में मौत को मात! रतलाम में RPF जवानों ने महिला को ‘यमराज’ के चंगुल से निकाला बाहर, रोंगटे खड़े कर देगा यह Ratlam Rescue Video

Ratlam RPF Rescue
रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम रेलवे स्टेशन पर बुधवार दोपहर एक ऐसी घटना घटी जिसे देखकर वहां मौजूद हर शख्स की रूह कांप गई। प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर एक महिला यात्री चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच बने जानलेवा गैप में समाने ही वाली थी कि तभी ‘देवदूत’ बनकर आए RPF जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर उसे खींच लिया। इस Ratlam RPF Rescue का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
सामान लेने उतरी थी महिला, चलती ट्रेन बनी काल
घटना बुधवार दोपहर करीब 3:15 बजे की है। नई दिल्ली से मुंबई सेंट्रल की ओर जाने वाली स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 04002) रतलाम स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर खड़ी थी। कोच संख्या S-3 में सवार एक महिला यात्री ट्रेन रुकने के दौरान कुछ जरूरी सामान लेने के लिए नीचे उतरी थी। उसे अंदाजा नहीं था कि ट्रेन इतनी जल्दी चल देगी। जैसे ही ट्रेन ने रफ्तार पकड़ना शुरू की, महिला घबरा गई और उसने दौड़कर कोच में चढ़ने का प्रयास किया।
फिसला पैर और शुरू हुआ मौत का तांडव
चश्मदीदों के मुताबिक, महिला के आगे दो अन्य पुरुष यात्री सुरक्षित रूप से चलती ट्रेन में चढ़ चुके थे। उन्हें देखकर महिला ने भी हिम्मत जुटाई और कोच का हैंडल पकड़ा। लेकिन ट्रेन की गति बढ़ चुकी थी और इसी आपाधापी में महिला का पैर पायदान से फिसल गया। अगले ही पल वह महिला ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच बने संकरे गैप में आधी लटक गई। ट्रेन की रफ्तार के साथ वह पटरियों की तरफ खिंचने लगी थी। यह दृश्य इतना खौफनाक था कि प्लेटफॉर्म पर खड़े लोग चिल्लाने लगे, लेकिन किसी की भी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई।
Ratlam RPF Rescue: जवानों की फुर्ती ने बचाई जान
ठीक उसी समय प्लेटफॉर्म पर मुस्तैद RPF के जांबाज हेड कॉन्स्टेबल चंद्रकांत तिवारी, नरेंद्र राठौड़ और सब इंस्पेक्टर श्रद्धा ठाकुर की नजर उस पर पड़ी। बिना एक सेकंड गंवाए, तीनों जवानों ने महिला की ओर स्प्रिंट लगाई। हेड कॉन्स्टेबल चंद्रकांत तिवारी ने सबसे पहले महिला का हाथ हैंडल से छुड़वाया ताकि वह ट्रेन के साथ और अंदर न खिंचे। वहीं, नरेंद्र राठौड़ ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए महिला को उस संकरे गैप से बाहर की तरफ खींच लिया। यह पूरा Ratlam RPF Rescue ऑपरेशन महज 10 से 12 सेकंड के भीतर अंजाम दिया गया। अगर एक पल की भी देरी होती, तो महिला ट्रेन के पहियों के नीचे आ सकती थी।
ट्रेन रुकवाकर परिवार से मिलवाया
महिला इस हादसे के बाद इतनी सदमे में थी कि वह कुछ बोल भी नहीं पा रही थी। सब इंस्पेक्टर श्रद्धा ठाकुर ने उसे सहारा दिया, पानी पिलाया और ढांढस बंधाया। जवानों ने तुरंत गार्ड को सिग्नल देकर इमरजेंसी ब्रेक लगवाए और ट्रेन को रुकवाया। इसके बाद महिला को सुरक्षित उसके कोच और परिवार तक पहुंचाया गया। महिला के परिजनों ने रोते हुए RPF जवानों का आभार व्यक्त किया।
आरपीएफ टीआई पीआर मीणा ने इस वीरतापूर्ण कार्य के लिए जवानों की सराहना करते हुए कहा कि जवानों की सतर्कता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के कारण आज एक बड़ी अनहोनी टल गई। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का जोखिम न उठाएं।
रेलवे सुरक्षा को लेकर अहम सबक
यह घटना उन हजारों यात्रियों के लिए एक चेतावनी है जो अपनी जान जोखिम में डालकर चलती ट्रेन पकड़ने की कोशिश करते हैं। रतलाम की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सुरक्षा बल न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हैं, बल्कि वे विषम परिस्थितियों में जीवन रक्षक की भूमिका भी निभाते हैं। यह Ratlam RPF Rescue वीडियो अब रेलवे सुरक्षा अभियानों के लिए एक मिसाल बन गया है।
The Times of MP की जनता से विशेष अपील
रतलाम की यह घटना हम सभी के लिए एक बड़ा सबक है। The Times of MP अपने सभी पाठकों और रेल यात्रियों से यह विनम्र अपील करता है कि:
जल्दबाजी न करें: ट्रेन छूट जाने पर दूसरी ट्रेन ली जा सकती है, लेकिन जीवन दोबारा नहीं मिलता। कुछ मिनटों की बचत के लिए चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का जोखिम कतई न उठाएं।
सामान से कीमती जान है: अक्सर यात्री सामान के चक्कर में चलती ट्रेन से उतरते हैं। याद रखें, सामान दोबारा खरीदा जा सकता है, जान नहीं।
जागरूक बनें: यदि आप प्लेटफॉर्म पर किसी को ऐसा जोखिम उठाते देखें, तो उसे तुरंत टोकें और आरपीएफ (RPF) या जीआरपी (GRP) को सूचित करें।
नियमों का पालन करें: रेलवे द्वारा दी गई पीली पट्टी (Yellow Line) के पीछे खड़े रहें और ट्रेन के पूरी तरह रुकने का इंतजार करें।
आपकी एक छोटी सी सावधानी आपको और आपके परिवार को उम्र भर के दुख से बचा सकती है। इस Ratlam RPF Rescue वीडियो को शेयर करें ताकि अन्य लोग भी जागरूक हो सकें।
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