7 आरोपियों की गिरफ्तारी: Neemuch Land Fraud Case में बड़ा खुलासा, विक्रम सीमेंट का अधिकारी भी लपेटे में

Neemuch Land Fraud Case

Neemuch Land Fraud Case

नीमच/जावद। मध्य प्रदेश में भू-माफियाओं के खिलाफ मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद अब प्रशासन और पुलिस एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में Neemuch Land Fraud Case में नयागाँव चौकी पुलिस और जावद थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने न केवल इस जमीन घोटाले के मुख्य षडयंत्रकर्ता को दबोचा है, बल्कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में क्षेत्र की प्रतिष्ठित विक्रम सीमेंट फैक्ट्री के एक अधिकारी की संलिप्तता का भी पर्दाफाश किया है।

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क्या है पूरा मामला?

यह Neemuch Land Fraud Case राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के चरलिया ब्राह्मण निवासी बंशीलाल धाकड़ की शिकायत से शुरू हुआ। बंशीलाल के पिता स्वर्गीय बगदूराम धाकड़ के नाम पर नयागाँव क्षेत्र में बेशकीमती जमीन स्थित थी। आरोपियों ने इस जमीन को हड़पने के लिए एक बेहद शातिर योजना बनाई। बंशीलाल का आरोप था कि आरोपियों ने उनके दिवंगत पिता की एक कूट-रचित (फर्जी) वसीयत तैयार की। इस फर्जी वसीयत के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर नामांतरण कराया गया और फिर जमीन की रजिस्ट्री अन्य लोगों के नाम कर दी गई।

पुलिस की सक्रियता और बड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री के ‘विशेष भू-माफिया विरोधी अभियान’ के तहत नीमच एसपी अंकित जायसवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए थे। एएसपी नवलसिंह सिसौदिया और जावद एसडीओपी रोहित राठौर के मार्गदर्शन में जावद थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा और नयागाँव चौकी प्रभारी मंगलसिंह राठौड़ की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और दस्तावेजों की गहन जांच की।

जांच में पाया गया कि इस पूरे Neemuch Land Fraud Case का ताना-बाना बेहद बारीकी से बुना गया था। पुलिस ने शुरुआत में विकास चंद्रावत सहित अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन मुख्य सरगना पुलिस की पकड़ से बाहर था।

मुख्य आरोपी अक्षय शर्मा गिरफ्तार, फैक्ट्री अधिकारी का नाम आया सामने

पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद इस Neemuch Land Fraud Case के मास्टरमाइंड अक्षय शर्मा पिता राजेंद्र शर्मा, निवासी बाबल को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। अक्षय शर्मा को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान हुई कड़ी पूछताछ में अक्षय ने जो खुलासे किए, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए।

अक्षय ने बताया कि इस साजिश में विक्रम सीमेंट फैक्ट्री खोर का अधिकारी प्रमोद रथ भी पूरी तरह शामिल था। प्रमोद रथ फैक्ट्री के लिए जमीन खरीदने और प्रबंधन का कार्य देखता था। आरोप है कि उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन हड़पने की इस साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने अब प्रमोद रथ को भी इस मामले में आरोपी बनाया है।

अब तक इन आरोपियों पर गिर चुकी है गाज

इस बहुचर्चित Neemuch Land Fraud Case में अब तक पुलिस कई गिरफ्तारियां कर चुकी है। गिरफ्तार और नामजद आरोपियों की सूची इस प्रकार है:

  1. अक्षय शर्मा (मुख्य षडयंत्रकर्ता – गिरफ्तार)

  2. पुष्पाबाई गर्ग (चित्तौड़गढ़ – पूर्व में गिरफ्तार)

  3. अनिल गर्ग (चित्तौड़गढ़ – पूर्व में गिरफ्तार)

  4. संतोषबाई जोशी (जावद – पूर्व में गिरफ्तार)

  5. मदनलाल जोशी (जावद – पूर्व में गिरफ्तार)

  6. विकास चंद्रावत (जावद – पूर्व में गिरफ्तार)

  7. बाबूलाल नाथ (प्रतापगढ़ – नामजद)

  8. प्रमोद रथ (विक्रम सीमेंट अधिकारी – नया आरोपी)

कानूनी धाराएं और आगे की जांच

पुलिस ने इस Neemuch Land Fraud Case में भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की गंभीर धाराओं 318(4), 336, 338, 339, 340 और 61(2, 3(5)) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। यह कार्रवाई अन्य भू-माफियाओं के लिए भी एक कड़ा संदेश है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने प्रमोद रथ के साथ मिलकर क्षेत्र की अन्य जमीनों के साथ भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा किया है।

अधिकारियों का कहना है कि Neemuch Land Fraud Case की विवेचना अभी जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और सफेदपोश चेहरों से नकाब हट सकता है। क्षेत्र के किसानों और जमीन मालिकों में इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।


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