Neemuch Water: कलेक्टर के 7 कड़े निर्देश, दूषित पानी पिलाया तो नपेंगे अधिकारी; हेल्पलाइन जारी

Neemuch Water

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नीमच | नीमच जिले में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन अब आर-पार के मूड में है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि Neemuch Water की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों की कार्यक्षमता पर सवाल खड़ा करेगी। जिले में जल-जनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए कलेक्टर ने जिले की सभी नगरीय निकायों के लिए 7 विशेष और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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शुक्रवार Neemuch Water को हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अब केवल बैठकों से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर परिणाम देने होंगे। जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी पराग जैन ने बताया कि कलेक्टर ने सभी सीएमओ (CMO) को 3 दिन के भीतर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।

1. टंकियों की सफाई का अब ‘लाइव’ रिकॉर्ड

Neemuch Water सप्लाई का मुख्य केंद्र जल टंकियां हैं। अक्सर शिकायतें आती हैं कि टंकियों की सफाई महीनों तक नहीं होती। अब कलेक्टर ने आदेश दिया है कि प्रत्येक निकाय क्षेत्र की उच्च स्तरीय टंकियों की न केवल नियमित सफाई होगी, बल्कि सफाई की तारीख भी टंकी पर मोटे अक्षरों में लिखनी होगी। यह कदम आम जनता को जागरूक करने और प्रशासन की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

2. 24 घंटे में दुरुस्त करना होगा पाइपलाइन लीकेज

शहर की गलियों और नालियों के पास से गुजरने वाली पाइपलाइनें सबसे ज्यादा दूषित होती हैं। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि पाइपलाइनों का नियमित निरीक्षण किया जाए। यदि कहीं भी लीकेज पाया जाता है, तो उसे 24 घंटे के अंदर ठीक करना अनिवार्य होगा। Neemuch Water को शुद्ध रखने के लिए लीकेज वाले क्षेत्रों, विशेषकर खुली नालियों और सीवर लाइनों के पास, विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।

3. क्लोरीनेशन और तकनीकी शुद्धिकरण

नलकूपों और हैण्डपम्पों के पानी को पीने योग्य बनाने के लिए ब्लीचिंग पाउडर और लिक्विड सोडियम हाइपोक्लोराईड का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। जल उपचार संयंत्रों (WTP) में लगे फिल्टर बेड का मेंटेनेंस और एलम/क्लोरीन की मात्रा का सही अनुपात सुनिश्चित करना अब निकायों की प्राथमिकता होगी। वैज्ञानिक तरीके से जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया को कड़ाई से लागू किया जा रहा है।

4. कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की नियमित जांच

पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया का होना गंभीर बीमारियों को न्यौता देता है। Neemuch Water की जांच के लिए अब निकायों को अंतिम उपभोक्ता (Last distribution point) के घर से पानी के सैंपल लेने होंगे। इन सैंपल्स की लैब में जांच करवाई जाएगी और उसका पूरा रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पानी में किसी भी प्रकार का जैविक प्रदूषण न हो।

5. शिकायतों पर तत्काल ‘इमरजेंसी’ रिस्पॉन्स

यदि किसी भी क्षेत्र से गंदे, रंगीन या बदबूदार पानी की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित निकाय को तत्काल प्रभाव से उस क्षेत्र की जल आपूर्ति रोकनी होगी। जब तक जल स्रोत को शुद्ध नहीं कर लिया जाता, तब तक अन्य माध्यमों से नागरिकों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसी शिकायतों का निराकरण हर हाल में 24 घंटे के भीतर होना चाहिए।

6. जिला स्तरीय हेल्पलाइन का गठन

नागरिकों की समस्याओं को सुनने के लिए Neemuch Water हेल्पलाइन स्थापित की गई है। यदि आपको दूषित जल मिल रहा है, तो आप नीचे दिए गए नंबरों पर सीधे शिकायत दर्ज करवा सकते हैं:

  • 7697484769

  • 8109207374

इन नंबरों पर आने वाली शिकायतों की मॉनिटरिंग खुद जिला प्रशासन करेगा।

7. जवाबदेही तय: 3 दिन में चाहिए रिपोर्ट

कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने साफ कर दिया है कि यह केवल एक परामर्श नहीं बल्कि एक आदेश है। सभी सीएमओ को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित कर 3 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जनता से अपील: जिला प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण में सहयोग करें और अपने आसपास के जल स्रोतों को गंदा न होने दें। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में आए सुझावों के बाद निकायों ने पहले ही सुधार कार्य शुरू कर दिया है, जिससे उम्मीद है कि आगामी हफ्तों में Neemuch Water की स्थिति में बड़ा सुधार दिखेगा।


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