सड़क सुरक्षा के लिए नीमच पुलिस का ‘सुरक्षा चक्र’: 150 वाहनों पर लगाए रेडियम, हुड़दंगियों और स्टंटबाजों की अब खैर नहीं

Neemuch Road Safety

Neemuch Road Safety

नीमच। नए साल के आगाज़ के साथ ही सड़कों पर बढ़ते हादसों को रोकने और आमजन को सुरक्षित सफर का अहसास कराने के लिए नीमच पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, पूरे जनवरी माह को “राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह” के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में Neemuch Road Safety को प्राथमिकता देते हुए जिला पुलिस ने एक व्यापक अभियान छेड़ दिया है, जिसका उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है।

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हादसों पर ‘रेडियम’ का प्रहार

सर्दियों के इस मौसम में कोहरे और धुंध के कारण रात के समय सड़कों पर खड़े ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली अक्सर बड़े हादसों का सबब बनते हैं। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए 8 जनवरी 2026 को नीमच यातायात पुलिस ने एक विशेष मुहिम (Neemuch Road Safety) चलाई। पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल के कुशल निर्देशन में यातायात थाना प्रभारी सोनू बडगुर्जर और उनकी टीम ने शहर के प्रमुख मार्गों पर करीब 100 से 150 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों को रोककर उनके पीछे लाल और पीले रंग के रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए।

अक्सर देखा गया है कि रिफ्लेक्टर न होने के कारण पीछे से आ रहे वाहन चालक को रात में बड़े वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे भीषण टक्कर हो जाती है। Neemuch Road Safety के तहत लगाए गए ये रेडियम दूर से ही चमकेंगे, जिससे पीछे से आने वाले वाहन चालकों को पर्याप्त समय मिल सकेगा और हादसों पर लगाम लगेगी।

हुड़दंगियों और स्टंटबाजों पर पुलिस की टेढ़ी नजर

इस Neemuch Road Safety अभियान का एक सख्त पहलू उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना भी है जो सड़क पर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं। पुलिस को स्पष्ट आदेश प्राप्त हुए हैं कि शराब पीकर वाहन चलाने वाले (Drunk and Drive), सड़कों पर स्टंट करने वाले युवाओं और पटाखा छोड़ने वाली बुलेट चलाने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए।

यायायात पुलिस अब ब्रीथ एनालाइजर मशीनों के साथ तैनात है। यदि कोई भी चालक नशे की हालत में पाया जाता है, तो न केवल उसका वाहन जब्त किया जाएगा, बल्कि मामले को सीधे माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे। Neemuch Road Safety सुनिश्चित करने के लिए उन मॉडिफाइड बुलेट बाइकर्स को भी निशाने पर लिया जा रहा है, जो साइलेंसर बदलकर तेज आवाज करते हैं और जनता को परेशान करते हैं।

डिजिटल और फिजिकल जागरूकता का समन्वय

पुलिस केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लोगों को जागरूक कर रही है। पुलिस अधीक्षक की मंशा के अनुरूप, सोशल मीडिया के लिए विशेष डिजिटल फ्लैक्स और बैनर तैयार किए गए हैं। इन बैनरों को शहर में संचालित ऑटो, बसों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य हर नागरिक को यातायात के नियमों से रूबरू कराना है। प्रशासन का मानना है कि जब तक जनता जागरूक नहीं होगी, तब तक Neemuch Road Safety का लक्ष्य पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं किया जा सकता।

काली फिल्म और नाबालिग चालकों पर शिकंजा

अक्सर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर काली फिल्म (Black Film) लगी होती है। अभियान के तहत ऐसी गाड़ियों की चेकिंग तेज कर दी गई है और मौके पर ही फिल्म हटवाई जा रही है। इसके अलावा, पुलिस ने अभिभावकों से भी मार्मिक अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को दुपहिया या चार पहिया वाहन न सौंपें। Neemuch Road Safety के आंकड़ों के अनुसार, कम उम्र में वाहन चलाना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि कई बार यह जानलेवा भी साबित होता है।

वरिष्ठ अधिकारियों का सीधा निर्देशन

यह पूरा अभियान पुलिस अधीक्षक श्री अंकित जायसवाल, अति. पुलिस अधीक्षक श्री नवलसिंह सिसोदिया और नगर पुलिस अधीक्षक श्री किरण चौहान के सीधे मार्गदर्शन में चल रहा है। अधिकारियों का साफ कहना है कि “सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा” केवल एक थीम नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। यातायात पुलिस की यह टीम प्रतिदिन शहर के अलग-अलग हिस्सों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है ताकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जन-धन की हानि को शून्य किया जा सके।

अंत में, पुलिस की यह अपील हर नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है: “सड़कें आपके सफर के लिए हैं, स्टंट के लिए नहीं। शराब पीकर गाड़ी चलाना खुद को और अपने परिवार को मौत के मुंह में धकेलने जैसा है।” Neemuch Road Safety अभियान का हिस्सा बनें और नियमों का पालन करें।


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