12 जनवरी: नीमच में 4 घंटे की महा बिजली कटौती, जावद फीडर और कनावटी सहित कई क्षेत्रों में बंद रहेगी सप्लाई

बिजली कटौती
नीमच। जिले के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना सामने आ रही है। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा तकनीकी सुधार और आवश्यक रखरखाव के चलते सोमवार, 12 जनवरी 2026 को जिले के एक बड़े हिस्से में बिजली कटौती करने का निर्णय लिया गया है। यह शटडाउन विशेष रूप से जावद फीडर से जुड़े शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को प्रभावित करेगा। विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं ताकि उपभोक्ता समय रहते अपनी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर सकें।
रखरखाव के कारण लिया गया बड़ा शटडाउन
विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 220 KV नीमच सब-स्टेशन से निकलने वाले 33 KV जावद फीडर पर विद्युत सुधार कार्य किया जाना अत्यंत अनिवार्य है। इस तकनीकी प्रक्रिया के दौरान लाइनों की मरम्मत, इंसुलेटर्स की जांच और पेड़ों की छंटाई जैसे कार्य संपन्न किए जाएंगे। इस मेंटेनेंस के चलते सुबह 09:00 बजे से दोपहर 13:00 बजे (1 बजे) तक क्षेत्र में बिजली कटौती प्रभावी रहेगी। विभाग का तर्क है कि समय-समय पर इस तरह के मेंटेनेंस से भविष्य में होने वाले बड़े फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्याओं से निजात मिलती है।
इन प्रमुख क्षेत्रों में रहेगा अंधेरा (Affected Areas List)
इस बिजली कटौती का व्यापक असर कई महत्वपूर्ण रिहायशी और व्यापारिक क्षेत्रों पर पड़ने वाला है। विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार निम्नलिखित क्षेत्र पूर्णतः प्रभावित रहेंगे:
कनावटी ग्रिड (33/11 KV): इस ग्रिड के अंतर्गत आने वाले सभी फीडर और उनसे जुड़े गांव सोमवार सुबह से ही बिजली विहीन रहेंगे।
डूंगलावदा (Dunglawada): ग्रामीण क्षेत्र के इस प्रमुख केंद्र में सुबह के समय सप्लाई पूरी तरह बाधित रहेगी।
चंगेरा मंडी (Changera Mandi): व्यापारिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में भी 4 घंटे का शटडाउन रहेगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
अन्नपूर्णा रिट्रीट कनावटी: इस आवासीय कॉलोनी और इसके आसपास के क्षेत्रों में भी बिजली कटौती का असर दिखेगा।
हकीमी रस्सी फैक्ट्री: औद्योगिक क्षेत्र के इस हिस्से में मशीनों का संचालन सुबह 9 से 1 बजे तक बंद रखना होगा।
ग्रिड ऑपरेटरों और औद्योगिक उपभोक्ताओं को कड़े निर्देश
विद्युत मंडल ने स्पष्ट किया है कि संबंधित ग्रिड ऑपरेटर, टी.ए. (Technical Assistants) और सभी फैक्ट्री उपभोक्ता अपने अधीन आने वाले साथियों और वरिष्ठ अधिकारियों को इस सूचना से समय रहते अवगत करा दें। औद्योगिक इकाइयों को विशेष रूप से सलाह दी गई है कि वे अपने कार्यबल और उत्पादन के समय को इस बिजली कटौती के अनुसार एडजस्ट करें, ताकि अचानक बिजली जाने से किसी भी प्रकार की मशीनरी या वित्तीय हानि न हो।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि कार्य की जटिलता और आवश्यकता को देखते हुए शटडाउन का समय घटाया या बढ़ाया भी जा सकता है। यदि सुधार कार्य नियत समय से पूर्व समाप्त हो जाता है, तो सप्लाई जल्दी बहाल कर दी जाएगी।
सुरक्षा नियमों का पालन: ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
लाइनों पर काम करने वाले लाइनमैन और तकनीकी कर्मचारियों के लिए विभाग ने सख्त चेतावनी जारी की है। इस अस्थाई परमिट के दौरान कार्य करते समय सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य है। विभाग ने निर्देश दिया है कि:
कार्य के दौरान हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और इंसुलेटेड जूते (Shoes) पहनना अनिवार्य है।
हाथों में हैंडग्लोब्स और काम शुरू करने से पहले अर्थ रॉड का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
सीढ़ी और अन्य उपकरणों की मजबूती की जांच पहले ही कर ली जाए।
किसी भी परिस्थिति में बिना अधिकृत व्यक्ति (Permit Authority) से संपर्क किए और परमिट प्राप्त किए बिना कार्य प्रारंभ न करें।
आम जनता के लिए सुझाव
चूंकि सोमवार को एक बड़ा कार्य दिवस होता है, ऐसे में 4 घंटे की बिजली कटौती आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे पानी भरने, मोबाइल/लैपटॉप चार्ज करने और अन्य विद्युत उपकरणों से जुड़े जरूरी काम सुबह 9:00 बजे से पहले ही निपटा लें। विशेष रूप से चंगेरा मंडी और कनावटी क्षेत्र के किसान और व्यापारी अपनी प्लानिंग इसी अनुसार करें।
अधिक जानकारी या किसी भी प्रकार की पूछताछ के लिए उपभोक्ता संबंधित वितरण केंद्र के कनिष्ठ अभियंता (JE) या विद्युत शिकायत नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
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