3 New Rules: Railway Emergency Quota आवेदन का समय बदला, अब 10 घंटे पहले चार्ट
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
13 जनवरी 2026, (अपडेटेड 13 जनवरी 2026, 10:36 अपराह्न IST)

रतलाम/नीमच। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए Railway Emergency Quota Rules में एक बड़ा बदलाव किया है। रेलवे बोर्ड के नए निर्देशों के अनुसार, अब ट्रेनों का आरक्षण चार्ट ट्रेन प्रस्थान से कम से कम 10 घंटे पहले तैयार किया जा रहा है। इस तकनीकी बदलाव के कारण अब वीआईपी (VIP) या आपातकालीन कोटे के लिए आवेदन करने वाले यात्रियों को अपने समय प्रबंधन में सावधानी बरतनी होगी।

पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि चार्टिंग प्रक्रिया में हुए इस बदलाव के कारण अब आपातकालीन कोटा (EQ) के लिए आवेदन स्वीकार करने की समय सीमा को भी पूरी तरह बदल दिया गया है। यदि आप निर्धारित समय के बाद आवेदन करते हैं, तो आपका फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा।

क्यों बदला गया समय?

रेलवे की नई नीति के तहत अब चार्ट प्रस्थान से 10 घंटे पहले तैयार होने लगा है। पहले यह समय कम था, जिससे अंतिम समय तक पैरवी और रसूख के आधार पर सीटें आवंटित हो जाती थीं। लेकिन अब Railway Emergency Quota Rules को सख्त बनाते हुए सॉफ्टवेयर और मैन्युअल प्रक्रिया में तालमेल बिठाया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब वेटिंग लिस्ट वाले उन यात्रियों को बहुत पहले पता चल जाएगा कि उनकी सीट कंफर्म हुई है या नहीं, जो आपातकालीन कोटे पर निर्भर हैं।

समय सारणी: कब और कैसे जमा करें आवेदन?

रतलाम मंडल ने ट्रेनों के प्रस्थान समय के आधार पर तीन अलग-अलग श्रेणियों में आवेदन जमा करने का समय निर्धारित किया है:

  1. सुबह की ट्रेनें (05:01 AM से 06:00 PM): अगर आपकी ट्रेन सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे के बीच है, तो आपको Railway Emergency Quota Rules के तहत अपना आवेदन एक दिन पहले सुबह 11:30 बजे तक संबंधित बॉक्स में डालना होगा।

  2. शाम की ट्रेनें (06:01 PM से 11:59 PM): जिन ट्रेनों का समय शाम 6 बजे के बाद और आधी रात से पहले है, उनके लिए आवेदन एक दिन पहले दोपहर 1:00 बजे तक जमा किए जा सकेंगे।

  3. देर रात या अलसुबह की ट्रेनें (रात 12:01 AM से सुबह 05:00 AM): ऐसी ट्रेनों के लिए नियम सबसे कड़े हैं। यदि आपकी ट्रेन अगले दिन रात 12 बजे के बाद है, तो आपको दो दिन पहले ही दोपहर 4:00 बजे तक अपना आवेदन जमा करना होगा।

आम यात्रियों पर क्या होगा असर?

रेलवे का यह कदम दलाली और अंतिम समय में होने वाली अफरा-तफरी को रोकने के लिए उठाया गया है। Railway Emergency Quota Rules के नए नियमों से उन यात्रियों को राहत मिलेगी जो गंभीर बीमारी, परिवार में मृत्यु या किसी सरकारी कार्य के लिए अचानक यात्रा करना चाहते हैं। हालांकि, अब यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना और पैरवी के दस्तावेज कम से कम 24 से 48 घंटे पहले तैयार रखने होंगे।

Railway Emergency Quota Rules में अधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा और उसे सीधे निरस्त कर दिया जाएगा। रतलाम मंडल के तहत आने वाले नीमच, मंदसौर और अन्य स्टेशनों के यात्रियों के लिए यह जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यदि आप भी आने वाले दिनों में यात्रा करने वाले हैं और Railway Emergency Quota Rules का लाभ उठाना चाहते हैं, तो रेलवे स्टेशन के चक्कर लगाने से पहले अपनी ट्रेन का प्रस्थान समय जरूर चेक कर लें। याद रखें, 10 घंटे पहले चार्ट तैयार होने का मतलब है कि आपकी किस्मत का फैसला अब बहुत पहले हो जाएगा।


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Aakash Sharma
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