छोटीसादड़ी पुलिस ने 3 किमी खदेड़कर जंगल में पकड़ा 40 किलो डोडाचूरा जब्त, तस्करों का खेल खत्म

डोडाचूरा जब्त
प्रतापगढ़ (उदयपुर) न्यूज | मेवाड़ के शांत कहे जाने वाले इलाकों में नशा तस्करों ने अपनी जड़ें जमानी शुरू कर दी हैं, लेकिन खाकी की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे पुलिस के ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत, छोटीसादड़ी पुलिस ने 14 जनवरी 2026 की रात एक बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने नाकाबंदी तोड़कर भाग रही एक कार का फिल्मी अंदाज में पीछा किया और घेराबंदी कर 40.540 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा जब्त करने में कामयाबी पाई। इस कार्रवाई ने जिले में सक्रिय ड्रग माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है।
ऑपरेशन चक्रव्यूह: जब तस्करों ने पुलिस को दी चुनौती
यह पूरा वाकया 14 जनवरी की शाम का है। जिला पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों के बाद, थानाधिकारी नारायणलाल अपनी टीम के साथ ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत गोमाना क्षेत्र में तैनात थे। पुलिस का मुखबिर तंत्र सक्रिय था और हर आने-जाने वाले वाहन पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। तभी, स्वरूपगंज की ओर से एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार (RJ 27 CN 2336) आती दिखाई दी।
पुलिस को देखते ही कार की रफ्तार में एक अजीब सी हड़बड़ाहट दिखी। पुलिस टीम ने टॉर्च और डंडे के इशारे से चालक को रुकने का संकेत दिया। सामान्य तौर पर लोग पुलिस को देख गाड़ी धीमी कर लेते हैं, लेकिन इस कार के चालक ने इसके ठीक उलट किया। उसने एक्सीलेटर दबाया और बैरिकेडिंग को धता बताते हुए गाड़ी को हवा की गति से स्वरूपगंज होते हुए चौहानखेड़ा की तरफ मोड़ दिया।
सुनसान सड़क पर ‘चोर-पुलिस’ का हाई-वोल्टेज ड्रामा
जैसे ही कार ने नाकाबंदी तोड़ी, पुलिस टीम समझ गई कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। थानाधिकारी ने बिना एक भी पल गंवाए अपनी सरकारी जीप तस्करों के पीछे दौड़ा दी। यह दृश्य किसी बॉलीवुड थ्रिलर फिल्म जैसा था—आगे तस्करों की भागती कार और पीछे सायरन बजाती पुलिस की गाड़ी।
तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए सीतामाता वन्यजीव अभ्यारण्य के सुनसान रास्ते को चुना। करीब 2 से 3 किलोमीटर तक यह रेस चलती रही। तस्करों को लगा कि वे जंगल के रास्ते अंधेरे का फायदा उठाकर गायब हो जाएंगे, लेकिन वे यह भूल गए कि आगे का रास्ता बंद है।
अभ्यारण्य का वन नाका बना तस्करों के लिए पिंजरा
तस्करों की किस्मत ने उनका साथ तब छोड़ दिया जब वे सीतामाता अभ्यारण्य के वन नाके तक पहुंचे। वहां लोहे का गेट और पत्थरों की दीवार ने उनका रास्ता रोक दिया। आगे जाने की कोई जगह नहीं थी। कार को मजबूरी में झटके के साथ रोकना पड़ा। गाड़ी रुकते ही उसमें सवार दो युवक, चालक और उसका साथी, उतरकर जंगल की झाड़ियों में भागने की कोशिश करने लगे।
लेकिन पुलिस टीम, जो साये की तरह उनका पीछा कर रही थी, मौके पर पहुंच चुकी थी। जवानों ने अदम्य साहस और फुर्ती दिखाते हुए इलाके की घेराबंदी कर ली और दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
तलाशी में मिला नशे का जखीरा: 40 किलो डोडाचूरा जब्त
आरोपियों को काबू में करने के बाद पुलिस ने स्विफ्ट कार की तलाशी ली। डिक्की और पिछली सीट पर रखे प्लास्टिक के कट्टों को जब खोला गया, तो पुलिस का शक यकीन में बदल गया। कट्टों में अवैध मादक पदार्थ भरा हुआ था। वजन करने पर कुल 40 किलो 540 ग्राम डोडाचूरा जब्त किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान बताई है। कार चला रहा मुख्य आरोपी कमलेश (35) पुत्र बगदीराम गुर्जर है, जो चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला थाना क्षेत्र के किशनकरेरी गांव का निवासी है। उसका साथी सत्यनारायण (22) पुत्र डालू गुर्जर है, जो मंगलवाड़ थाना क्षेत्र के नीमगांव (चित्तौड़गढ़) का रहने वाला है।
ये दोनों तस्कर चित्तौड़गढ़ से प्रतापगढ़ के रास्ते मादक पदार्थ की तस्करी कर रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने यह माल कहां से उठाया था और डिलीवरी कहां दी जानी थी।
एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 8/15 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार को भी जब्त कर लिया गया है। थानाधिकारी ने बताया कि इस डोडाचूरा जब्त की कार्रवाई से एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है। पुलिस अब इनके मोबाइल कॉल डिटेल्स और पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि इस धंधे के असली सरगना तक पहुंचा जा सके।
प्रतापगढ़ पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों का कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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