नीमच जल संकट: न्यू इंदिरा नगर में सीवरेज मिश्रित पानी की सप्लाई से हाहाकार, सैकड़ों परिवारों की जान संकट में
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
21 जनवरी 2026, (अपडेटेड 21 जनवरी 2026, 3:31 अपराह्न IST)

नीमच | ‘जल ही जीवन है’, यह कहावत नीमच शहर के वार्ड क्रमांक 8 में रहने वाले बाशिंदों के लिए एक क्रूर मजाक बनकर रह गई है। शहर में एक तरफ गर्मी की आहट है, तो दूसरी तरफ नीमच जल संकट का एक भयानक रूप न्यू इंदिरा नगर (New Indra Nagar) में देखने को मिल रहा है। यहाँ पिछले कई दिनों से नलों में पीने के साफ पानी की जगह गटर जैसा बदबूदार और गंदा पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे पूरा इलाका महामारी के मुहाने पर खड़ा हो गया है।

नलों से बह रहा है बीमारी बांटने वाला पानी

वार्ड नंबर 8 के न्यू इंदिरा नगर के निवासियों का कहना है कि वे नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सुबह होते ही जब वे उम्मीद के साथ नल चालू करते हैं, तो उसमें से सड़ांध मारता हुआ कीचड़ जैसा पानी निकलता है। स्थानीय गृहिणियों का कहना है कि पानी की बदबू इतनी तीव्र है कि घर के अंदर सांस लेना भी दूभर हो जाता है।

यह नीमच जल संकट केवल पानी न मिलने का नहीं, बल्कि ‘जहर’ मिलने का है। रहवासियों ने बताया कि पाइपलाइन में लीकेज होने की वजह से सीवरेज (गटर) का पानी पेयजल लाइन में मिल रहा है। इस दूषित पानी से न तो खाना बनाया जा सकता है, न कपड़े धोए जा सकते हैं और पीना तो दूर की बात है। दैनिक जरूरतों के लिए भी लोग एक-एक बूंद साफ पानी के लिए तरस रहे हैं।

प्रशासन की लापरवाही और GBS का मंडराता खतरा

सबसे चिंताजनक बात यह है कि शहर में पहले से ही GBS (गुलियन-बैरे सिंड्रोम) जैसी गंभीर और दुर्लभ बीमारी के मरीज सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अस्वच्छता और दूषित पानी इस तरह की बीमारियों को न्योता देता है। न्यू इंदिरा नगर में जिस स्तर का नीमच जल संकट और गंदगी है, उससे यहाँ के बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि उन्होंने पीएचई (PHE) विभाग, जल प्रदाय शाखा और नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार फोन किया और शिकायतें दीं। लेकिन, ‘अंधेर नगरी’ की तर्ज पर काम कर रहे प्रशासन ने अब तक सुध नहीं ली है। ऐसा लगता है कि अधिकारी किसी बड़े हादसे या महामारी फैलने का इंतजार कर रहे हैं।

महंगा पानी खरीदने को मजबूर गरीब परिवार

इस इलाके में रहने वाले ज्यादातर परिवार मध्यम वर्गीय और श्रमिक वर्ग से आते हैं। नीमच जल संकट के कारण उन्हें अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा अब बाजार से पानी के कैंपर खरीदने में खर्च करना पड़ रहा है। एक स्थानीय निवासी ने गुस्से में कहा, “हम टैक्स भरते हैं ताकि हमें साफ पानी मिले, लेकिन हमें बदले में बीमारियां दी जा रही हैं। अगर हमारे बच्चे इस गंदे पानी से बीमार हुए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा—नगर पालिका या प्रशासन?”

आक्रोश: ‘समस्या हल नहीं हुई तो चक्काजाम करेंगे’

प्रशासन की लगातार अनदेखी और नीमच जल संकट के गहराते प्रभाव ने अब लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। वार्ड वासियों ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 से 48 घंटों के अंदर पाइपलाइन का लीकेज नहीं सुधारा गया और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

रहवासियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे नगर पालिका कार्यालय का घेराव करेंगे और जरूरत पड़ी तो मुख्य सड़क पर चक्काजाम भी किया जाएगा। उनकी मांग है कि जब तक लाइन रिपेयर नहीं होती, तब तक प्रशासन टैंकरों के माध्यम से नि:शुल्क साफ पानी घर-घर पहुंचाए।


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Aakash Sharma
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आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

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