नीमच मंदिर चोर गिरोह का पर्दाफाश: 5 शातिर बदमाश गिरफ्तार, 10 बड़ी वारदातों का पुलिस ने किया खुलासा

नीमच मंदिर चोर गिरोह
नीमच (क्राइम रिपोर्टर): भगवान के घर को ही निशाना बनाने वाले पापियों की अब खैर नहीं। नीमच पुलिस ने आस्था के केंद्रों पर डाका डालने वाले एक कुख्यात अंतर्राज्यीय गैंग को दबोच लिया है। पुलिस की इस बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ में नीमच मंदिर चोर गिरोह के 5 शातिर सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं। इन बदमाशों ने जिले के अलग-अलग मंदिरों से भगवान के आभूषण, दानपेटियां और श्रद्धालुओं की गाड़ियां चुराने का गुनाह कबूल किया है।
पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल के निर्देशन में मिली इस सफलता ने न केवल 10 अनसुलझी वारदातों से पर्दा उठाया है, बल्कि पुजारियों और आम जनता के मन में बैठे डर को भी खत्म किया है।
पुलिस ने ऐसे बिछाया जाल
बीते कुछ समय से जिले में धार्मिक स्थलों पर चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। कहीं भगवान का छत्र गायब हो रहा था, तो कहीं दानपेटी के ताले टूट रहे थे। इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी अंकित जायसवाल ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसौदिया और सीएसपी किरण चौहान के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की। थाना प्रभारी नीमच सिटी पुष्पा सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस ने ‘ग्राम रक्षा समिति’ के साथ मिलकर जाल बिछाया, जिसमें आखिरकर यह नीमच मंदिर चोर गिरोह फंस ही गया।
नवलपुरा में ताला तोड़ते रंगे हाथों पकड़े गए
19 जनवरी 2026 की रात इस गैंग के लिए आखिरी रात साबित हुई। पुलिस टीम और नवलपुरा ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों ने दो संदिग्धों—अर्जुन उर्फ चिका भील और विजय उर्फ नरेन्द्र हरिजन—को नवलपुरा मंदिर का ताला तोड़ने की कोशिश करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। थाने लाकर जब पुलिस ने थोड़ी सख्ती दिखाई, तो उन्होंने नीमच मंदिर चोर गिरोह के बाकी सदस्यों और अपनी करतूतों का कच्चा-चिट्ठा खोल दिया।
उनकी निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के अन्य तीन सदस्यों—सोनू भील (चित्तौड़गढ़), सन्नी माली (नीमच सिटी) और रोहित भील (भरभड़िया) को भी गिरफ्तार कर लिया।
दिन में ‘रेकी’, रात में ‘हाथ की सफाई’
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह नीमच मंदिर चोर गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता था। गैंग का सबसे कम उम्र का सदस्य, 18 वर्षीय रोहित, दिन में मंदिरों और सूने स्थानों की रेकी (जासूसी) करता था। वह यह देखता था कि कहाँ सुरक्षा कम है और भागने का रास्ता कौन सा है। इसके बाद रात के अंधेरे में बाकी साथी वारदातों को अंजाम देते थे। रोहित को इस काम के बदले चोरी के माल में से हिस्सा मिलता था।
इन 10 बड़ी वारदातों का हुआ खुलासा
इस गिरोह के पकड़े जाने से पुलिस ने राहत की सांस ली है, क्योंकि एक साथ 10 अपराधों का खुलासा हुआ है:
उगरान बालाजी मंदिर: अष्टधातु का मुकुट और चांदी की चेन चोरी।
राज पैलेस कालिका मंदिर: चांदी का छत्र और दानपेटी साफ।
जीरन अंबेमाता मंदिर: 3-4 चांदी के छत्र और मुकुट चोरी।
पीराना देवनारायण मंदिर: 8 छोटे और एक बड़ा चांदी का छत्र पार।
शाहबुद्दीन दरगाह: दानपेटी तोड़ी।
जावद बालाजी मंदिर: दानपेटी से नकदी चोरी।
मंशापूर्ण बालाजी (नवलपुरा): चांदी का छत्र और नकदी चोरी। इसके अलावा, इस नीमच मंदिर चोर गिरोह ने पिपलियामंडी और जावद से मोटरसाइकिलें चुराने की बात भी कबूली है। इनका जाल मंदसौर और राजस्थान के निंबाहेड़ा तक फैला हुआ था।
डेढ़ लाख का मशरुका बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मंदिरों से चुराए गए चांदी के छत्र, नगदी, लोहे की रॉड, पेचकस और चोरी की कुल 4 मोटरसाइकिलें जप्त की हैं। जप्त किए गए मशरुका की कुल कीमत लगभग 1 लाख 52 हजार रुपये बताई गई है।
आदतन मुजरिम है सरगना पकड़े गए आरोपियों में सोनू भील शातिर अपराधी है, जिस पर राजस्थान और एमपी में पहले से 15 मामले दर्ज हैं। पुलिस की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पुष्पा सिंह चौहान, साइबर सेल प्रभारी प्रदीप शिंदे और उनकी टीम की भूमिका सराहनीय रही। इस नीमच मंदिर चोर गिरोह के पकड़े जाने से जिले में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
यह भी पढ़ें: नीमच समाचार: कर्ज के खौफनाक साये में बघाना का युवक; जहर खाकर ICU में लड़ रहा मौत से जंग, पुलिस जांच शुरू

