नीमच में खाकी हुई दागदार: नशे में धुत Police constable ने सब्जी विक्रेता को मारी टक्कर, विरोध पर दिखाई वर्दी की हनक, अब नपे

नीमच। मध्यप्रदेश के नीमच जिले से पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक Police constable ने न केवल शराब के नशे में सड़क पर उत्पात मचाया, बल्कि अपनी सुरक्षा करने वाली वर्दी का दुरुपयोग कर एक गरीब सब्जी विक्रेता को धमकाया भी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। नीमच एसपी के निर्देश पर आरोपी Police constable को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
क्या है पूरा वाकया?
घटना बुधवार सुबह की है, जब नीमच सिटी थाना क्षेत्र के जेतपुरा फंटे के पास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चश्मदीदों के मुताबिक, पुलिस लाइन में पदस्थ Police constable जयराम मेघवाल शराब के नशे में पूरी तरह धुत था। वह अपनी गाड़ी को काफी तेज और लापरवाही से चला रहा था। इसी दौरान उसने सड़क किनारे अपनी बाइक पर सब्जी बेच रहे गिरदौड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह राणावत को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी तेज थी कि सुरेंद्र सिंह की बाइक गिर गई और उसकी सब्जियां सड़क पर बिखर गईं। गनीमत रही कि इस हादसे में सुरेंद्र सिंह को कोई गंभीर चोट नहीं आई। लेकिन जब पीड़ित ने अपनी हिम्मत जुटाकर Police constable से सावधानी से गाड़ी चलाने को कहा, तो माफी मांगने के बजाय आरक्षक आगबबूला हो गया।
वर्दी का अहंकार और भद्दी गालियां
नशे की हालत में Police constable जयराम मेघवाल अपनी सुध-बुध खो बैठा था। उसने बीच सड़क पर सुरेंद्र सिंह को सरेआम भद्दी-भद्दी गालियां देना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, आरक्षक ने अपनी वर्दी का धौंस दिखाते हुए पीड़ित को झूठे केस में फंसाने और जेल भेजने की धमकी भी दी। पीड़ित सुरेंद्र सिंह हाथ जोड़कर अपनी बिखरी हुई सब्जियों और नुकसान की बात करता रहा, लेकिन Police constable का पारा सातवें आसमान पर था।
वहां मौजूद लोगों ने जब पुलिसकर्मी की इस हरकत का विरोध किया, तो वह उनसे भी उलझने लगा। इसी दौरान किसी ने इस पूरी घटना का मोबाइल से वीडियो बना लिया। वीडियो में Police constable साफ तौर पर नशे में झूमता और अभद्र भाषा का प्रयोग करता नजर आ रहा है। यही वीडियो बाद में आरक्षक के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत बना।
करणी सेना और ग्रामीणों ने घेरा थाना
जैसे ही यह खबर फैली कि एक Police constable ने गरीब सब्जी वाले के साथ बदसलूकी की है, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। करणी सेना के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग नीमच सिटी थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपी आरक्षक पर सख्त कार्रवाई की मांग की। गजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि “समाज की रक्षा करने वाले ही जब रक्षक से भक्षक बन जाएं और शराब पीकर गरीबों को धमकाएं, तो जनता कहाँ जाएगी?” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस Police constable को तुरंत निलंबित नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे।
प्रशासनिक एक्शन: आरक्षक निलंबित
मामले की गंभीरता और वायरल वीडियो के पुख्ता सबूतों को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत हरकत में आए। सीएसपी किरण चौहान ने बताया कि प्राथमिक जांच में आरक्षक जयराम मेघवाल दोषी पाया गया है। शराब के नशे में ड्यूटी के नियमों का उल्लंघन करना और आम नागरिक के साथ अभद्र व्यवहार करना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर उक्त Police constable को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अगर कोई पुलिसकर्मी इस तरह की हरकत करता है, तो उसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। फिलहाल आरोपी Police constable के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है ताकि उसकी सेवा पुस्तिका पर भी इसका संज्ञान लिया जा सके।
जनता में पुलिस के प्रति अविश्वास
यह घटना नीमच पुलिस के लिए एक बड़ा सबक है। एक तरफ जहाँ पुलिस ‘जनसेवा-देशभक्ति’ का नारा देती है, वहीं दूसरी तरफ ऐसे Police constable विभाग की मेहनत पर पानी फेर देते हैं। आम नागरिकों का कहना है कि पुलिसकर्मियों की नियमित तौर पर काउंसलिंग और मेडिकल चेकअप होना चाहिए ताकि ड्यूटी के दौरान कोई भी नशे की हालत में न रहे।
फिलहाल, एसपी की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित पक्ष और ग्रामीणों में थोड़ा संतोष है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या केवल निलंबन से ही ऐसे पुलिसकर्मियों की मानसिकता बदलेगी? क्या पीड़ित सब्जी विक्रेता को उसके हुए नुकसान की भरपाई मिलेगी? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो अब भी नीमच की जनता के मन में तैर रहे हैं।
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