Gold Silver Price Crash: बाजार में भूचाल! चांदी ₹1 लाख और सोना ₹20 हजार टूटा, निवेशकों के उड़े होश

Gold Silver Price Crash

Gold Silver Price Crash

नई दिल्ली/मुंबई: कमोडिटी बाजार के इतिहास में 30 जनवरी की तारीख को शायद ही कोई निवेशक भुला पाएगा। गुरुवार को गोल्ड और सिल्वर मार्केट में जो हुआ, उसे ‘गिरावट’ नहीं बल्कि ‘रक्तपात’ कहना गलत नहीं होगा। रात 11:55 बजे जब बाजार बंद हुआ, तो स्क्रीन पर लाल निशानों की बाढ़ आ चुकी थी। Gold Silver Price Crash की इस आंधी में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के भाव में 1,06,092 रुपए की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई।

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सिर्फ चांदी ही नहीं, सोने की चमक भी फीकी पड़ गई। पीली धातु (Gold) में भी 20 हजार रुपए से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। आइए, इस पूरे घटनाक्रम और इसके पीछे की वजहों को विस्तार से समझते हैं।

MCX पर हाहाकार: एक ही दिन में 26% टूटी चांदी

बाजार के जानकारों का कहना है कि यह गिरावट सामान्य नहीं है। 29 जनवरी को चांदी जिस बुलंदी पर थी, वहां से अचानक धड़ाम से गिरना किसी झटके से कम नहीं है। आंकड़ों पर गौर करें तो:

  • चांदी (Silver): 29 जनवरी को भाव 3,99,893 रुपए प्रति किलो था। 30 जनवरी को बाजार बंद होते समय यह लुढ़ककर 2,93,801 रुपए पर आ गया। यानी एक ही दिन में सीधे 26.53% की गिरावट।

  • सोना (Gold): सोने में भी करीब 12% की गिरावट रही। 29 जनवरी को जो सोना 1,69,403 रुपए (10 ग्राम) पर ट्रेड कर रहा था, वह गिरकर 1,49,080 रुपए पर आ गया। यानी 20,323 रुपए की सीधी कमी।

शुक्रवार को इसका असर ईटीएफ (ETF) पर भी दिखा, जहां सोने और चांदी के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में 23% तक की गिरावट दर्ज की गई।

सर्राफा बाजार में भी मंदी की मार

ऐसा नहीं है कि यह Gold Silver Price Crash सिर्फ वायदा बाजार (MCX) तक सीमित रहा। इसका असर हाजिर बाजार यानी सर्राफा (Spot Market) पर भी दिखा। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक:

  • शुक्रवार को सर्राफा बाजार में चांदी 40,638 रुपए सस्ती होकर 3,39,350 रुपए प्रति किलो पर आ गई।

  • वहीं, 24 कैरेट सोने का भाव 9,545 रुपए गिरकर 1,65,795 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।

आखिर क्यों आया बाजार में इतना बड़ा भूचाल?

इस भारी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण माने जा रहे हैं:

  1. जबरदस्त मुनाफा वसूली (Profit Booking): पिछले कुछ हफ्तों से सोना-चांदी अपने ‘ऑल टाइम हाई’ पर चल रहे थे। जिन निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी की थी, उन्हें यह मुनाफा काटने का सही समय लगा। बड़े फंड हाउस और रिटेल निवेशकों ने एक साथ बिकवाली शुरू कर दी।

  2. फिजिकल डिमांड में कमी: जब कीमतें आसमान छूने लगती हैं, तो आम खरीदार बाजार से दूर हो जाता है। रिकॉर्ड हाई रेट्स के कारण ज्वैलरी और सिक्कों की फिजिकल डिमांड (Physical Demand) एकदम ठंडी पड़ गई थी।

  3. औद्योगिक चिंताएं: चांदी का बड़ा हिस्सा इंडस्ट्री में इस्तेमाल होता है। वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग को लेकर उठीं चिंताओं ने भी आग में घी का काम किया।

MCX और सर्राफा के भाव में अंतर क्यों?

अक्सर लोग भ्रमित होते हैं कि MCX के भाव और सुनार की दुकान के भाव में इतना अंतर क्यों है? इसे समझना आसान है। MCX एक शेयर बाजार जैसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां ट्रेडिंग होती है और हर सेकंड भाव बदलते हैं। वहीं, सर्राफा (Sarafa) वह बाजार है जहां फिजिकल लेन-देन होता है। इसमें सोने को लाने-ले जाने (Logistics), सुरक्षा (Insurance) और स्टोरेज का खर्चा जुड़ जाता है, इसलिए यहां भाव थोड़े ज्यादा होते हैं।

आम खरीदार के लिए जरूरी सलाह: असली-नकली की पहचान कैसे करें?

इस Gold Silver Price Crash के बाद अगर आप खरीदारी का मन बना रहे हैं, तो सावधानी बरतना बहुत जरूरी है।

सोना खरीदते समय:

  • हॉलमार्क देखें: हमेशा BIS हॉलमार्क वाली ज्वैलरी ही खरीदें। उस पर एक 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड (जैसे AZ4524) होता है।

  • क्रॉस चेक करें: खरीदने से पहले IBJA की वेबसाइट या अन्य विश्वसनीय स्रोतों से उस दिन का 24, 22 और 18 कैरेट का भाव जरूर चेक करें।

चांदी की शुद्धता जांचने के 4 घरेलू तरीके:

  1. मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक की तरफ आकर्षित नहीं होती।

  2. बर्फ का टुकड़ा: चांदी ऊष्मा की सबसे अच्छी सुचालक है। चांदी के सिक्के पर बर्फ का टुकड़ा रखें, वह सामान्य से बहुत तेजी से पिघलेगा।

  3. सूंघकर देखें: असली चांदी गंधहीन होती है। अगर धातु जैसी या तांबे जैसी गंध आए, तो उसमें मिलावट हो सकती है।

  4. कपड़ा टेस्ट: चांदी को सफेद सूती कपड़े से रगड़ने पर अगर काला निशान आए, तो वह असली है (ऑक्सीडेशन के कारण)।

RBI और चीन की आक्रामक खरीदारी: क्या है संकेत?

बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच केंद्रीय बैंक शांत नहीं बैठे हैं। भारत का रिज़र्व बैंक (RBI) लगातार अपने खजाने में सोना भर रहा है। 2024 से अब तक RBI ने 75 टन सोना खरीदा है, जिससे कुल भंडार 880 टन हो गया है। यह देश के विदेशी मुद्रा भंडार का 14% है।

यही हाल चीन का है। चीन का केंद्रीय बैंक ‘पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना’ भी डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए धड़ल्ले से सोना खरीद रहा है। भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Risks) को देखते हुए दुनिया भर के देश सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मान रहे हैं।

क्या घरों में रखा सोना बनेगा कमाई का जरिया?

भारत में एक बड़ी चुनौती ‘आइडल गोल्ड’ (Idle Gold) की है। रिपोर्ट बताती है कि भारत का 75-80% सोना ज्वैलरी के रूप में तिजोरियों में बंद है, जो अर्थव्यवस्था में कोई योगदान नहीं देता। सरकार ने गोल्ड बॉन्ड (SGB) और डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प निकाले हैं ताकि लोग ‘पेपर गोल्ड’ की तरफ बढ़ें, लेकिन भारतीयों का गहनों के प्रति मोह आज भी बरकरार है।


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