नीमच में SP अंकित जायसवाल का बड़ा एक्शन: शुरू हुआ ‘7 दिवसीय’ विशेष यातायात अभियान, अब नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं

Road Safety Campaign 2026
नीमच, 31 जनवरी 2026: सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं और असमय काल के गाल में समाती मासूम जिंदगियों को बचाने के लिए नीमच पुलिस अब “एक्शन मोड” में आ गई है। जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) अंकित जायसवाल के नेतृत्व में आज से एक विशेष Road Safety Campaign 2026 का शंखनाद किया गया है। यह अभियान न केवल आम जनता के लिए है, बल्कि इसकी शुरुआत खाकी वर्दीधारियों ने खुद से की है।
अपनों से शुरुआत: SP का स्पष्ट संदेश
यातायात जागरूकता कार्यक्रम के दौरान SP अंकित जायसवाल ने एक बेहद संवेदनशील बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि “नियमों का पालन सबसे पहले अपनों से शुरू होना चाहिए।” इसी मंशानुरूप, उन्होंने जिले के समस्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि ड्यूटी के दौरान या व्यक्तिगत रूप से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। पुलिस विभाग का यह कदम आम जनता के लिए एक नजीर पेश करेगा।
आंकड़े जो डराते हैं: क्यों जरूरी है यह अभियान?
इस Road Safety Campaign 2026 की गंभीरता को समझने के लिए पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालना जरूरी है। वर्ष 2024 में मध्य प्रदेश में कुल 56,669 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 14,791 लोगों ने अपनी जान गंवाई। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 6,541 मौतें हेलमेट न पहनने के कारण और 1,929 मौतें सीट बेल्ट न लगाने के कारण हुईं।
अगर बात केवल नीमच जिले की करें, तो स्थिति चिंताजनक है:
वर्ष 2024: 368 दुर्घटनाएं, 120 मौतें।
वर्ष 2025: 321 दुर्घटनाएं, 117 मौतें।
SP अंकित जायसवाल का लक्ष्य इस मृत्यु दर को 50 प्रतिशत तक कम करना है। इसी उद्देश्य के साथ यह 7 दिवसीय विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
यातायात टीम की मुस्तैदी और हेलमेट वितरण
एडिशनल एसपी नवल सिंह सिसोदिया और सीएसपी किरण चौहान के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी (यातायात) सोनू बडगुर्जर की टीम ने सड़कों पर उतरकर मोर्चा संभाल लिया है। अभियान के पहले ही दिन, पुलिस का मानवीय चेहरा भी देखने को मिला। जिन वाहन चालकों के पास हेलमेट नहीं थे, उन्हें केवल चालान का डर दिखाने के बजाय, SP महोदय ने स्वयं हेलमेट वितरित किए और उन्हें जीवन की कीमत समझाई।
सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण: सिर की चोट
अक्सर देखा गया है कि सड़क हादसों में मौत का सबसे बड़ा कारण ‘हेड इंजरी’ (सिर में चोट) होता है। हेलमेट एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है जो सीधे प्रभाव को कम कर देता है। वहीं, चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट यात्रियों को स्टीयरिंग या डैशबोर्ड से टकराने से बचाती है।
आमजन से मार्मिक अपील
नीमच यातायात पुलिस ने समस्त जिलावासियों से अपील की है कि वे इस Road Safety Campaign 2026 को केवल एक सरकारी आदेश न मानें, बल्कि इसे अपनी सुरक्षा का आधार बनाएं। पुलिस का कहना है— “आपका सहयोग ही हमारा प्रयास है।”
अगले सात दिनों तक पुलिस चप्पे-चप्पे पर चेकिंग करेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है।

