नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर(Free Eye Camp): मोतियाबिंद से मिलेगी परमानेंट मुक्ति, प्रशासन ने जारी किया शिविरों का पूरा शेड्यूल

Free Eye Camp

Free Eye Camp

नीमच (The Times of MP, Neemuch)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ‘संकल्प से समाधान’ विजन को धरातल पर उतारने के लिए नीमच जिला प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में है। स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण अंचलों तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर (Free Eye Camp) की एक विशेष श्रृंखला आयोजित की जा रही है। जिला कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के कुशल मार्गदर्शन में शुरू होने वाले इन शिविरों का मुख्य फोकस मोतियाबिंद के मरीजों की पहचान करना और उन्हें नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराना है।

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मुख्यमंत्री का ‘संकल्प से समाधान‘ अभियान बना वरदान

प्रदेश में स्वास्थ्य क्रांति लाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। इसी कड़ी में नीमच जिले में आयोजित हो रहा यह नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर (Free Eye Camp) उन हजारों ग्रामीणों के लिए आशा की किरण लेकर आया है, जो अपनी आंखों की जांच के लिए बड़े शहरों के महंगे अस्पतालों में नहीं जा सकते। प्रशासन का यह कदम न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा, बल्कि अंधेपन की समस्या को जड़ से खत्म करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

जीरन, रतनगढ़ और जावद में विशेष शिविरों का आयोजन 

जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, इस नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर (Free Eye Camp) का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है ताकि जिले के सभी कोनों को कवर किया जा सके। यदि आपके परिवार में या पड़ोस में कोई भी बुजुर्ग या नागरिक आंखों की कमजोरी या मोतियाबिंद से परेशान है, तो वे निम्नलिखित केंद्रों पर आयोजित होने वाले नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर (Free Eye Camp) का लाभ उठा सकते हैं:

  1. 16 फरवरी 2026: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जीरन में पहला शिविर आयोजित होगा।

  2. 19 फरवरी 2026: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रतनगढ़ में ग्रामीणजनों के लिए नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर (Free Eye Camp) लगेगा।

  3. 21 फरवरी 2026: सिविल हॉस्पिटल, जावद में इस श्रृंखला का महत्वपूर्ण जांच शिविर लगाया जाएगा।

इन सभी केंद्रों पर सुबह 10 बजे से ही पंजीयन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक मरीजों की जांच सुनिश्चित की जा सके।

नेत्र रोग विशेषज्ञों की हाई-प्रोफाइल टीम रहेगी तैनात

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. दिनेश प्रसाद ने इस नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर (Free Eye Camp) की तैयारियों को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिविर स्थल पर अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ (Ophthalmologists) और दक्ष नेत्र चिकित्सा सहायकों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।

डॉ. प्रसाद के अनुसार, “यह केवल एक सामान्य जांच शिविर नहीं है, बल्कि एक पूर्ण उपचार केंद्र की तरह काम करेगा। इस नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर (Free Eye Camp) में अत्याधुनिक मशीनों द्वारा आंखों की जांच की जाएगी। यदि किसी मरीज में मोतियाबिंद के लक्षण मिलते हैं, तो उसे चिन्हित कर शासन के नियमों के अनुसार नि:शुल्क ऑपरेशन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।” उन्होंने जिला वासियों से अपील की है कि वे इस नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर (Free Eye Camp) का बढ़-चढ़कर लाभ उठाएं।

मोतियाबिंद मुक्त जिला बनाने का दृढ़ संकल्प

नीमच जिले को मोतियाबिंद मुक्त बनाने की दिशा में यह प्रशासन का एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। अक्सर देखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी और संसाधनों के अभाव में लोग मोतियाबिंद को उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे धीरे-धीरे उनकी आंखों की रोशनी चली जाती है। इसी गंभीर समस्या के समाधान के लिए नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर (Free Eye Camp) का आयोजन घर-घर के करीब किया जा रहा है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा स्वयं समय-समय पर इन शिविरों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहे।

मरीजों के लिए जरूरी गाइडलाइंस और दस्तावेज

इस नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर (Free Eye Camp) में शामिल होने वाले नागरिकों को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना होगा। शिविर में आते समय अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और यदि पहले से कोई इलाज चल रहा है, तो उसके दस्तावेज साथ जरूर लाएं। चूंकि यह शासन द्वारा प्रायोजित एक नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर (Free Eye Camp) है, इसलिए किसी भी स्तर पर कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा। मरीजों को सलाह दी गई है कि वे धूप से बचने के लिए चश्मा पहनकर आएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करें।

सामाजिक सरोकार और जनहित में प्रशासन की पहल

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी प्रशासन की इस नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर (Free Eye Camp) मुहिम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाएं जब जनता के द्वार तक पहुँचती हैं, तभी लोकतंत्र का सही लाभ मिलता है। इस Free Eye Camp के माध्यम से न केवल बुजुर्गों को नई दृष्टि मिलेगी, बल्कि उनके जीवन में खुशहाली भी आएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में जाकर भी लोगों को इस शिविर के प्रति जागरूक कर रही हैं ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस सुविधा से वंचित न रह जाए।


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