मंडी के पास सड़क हादसे में किसान की मौत

Farmer Death

Farmer Death

नीमच : जिले में रबी सीजन की फसलों की बंपर आवक के बीच एक बेहद दुखद खबर ने सबको झकझोर दिया है। अपनी खून-पसीने की कमाई और साल भर की मेहनत यानी उपज को बेचने मंडी आए एक अन्नदाता का सफर अधूरा रह गया। बीती रात नीमच की नई कृषि उपज मंडी (चंगेरा) के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में  किसान की मौत (Farmer Death) की पुष्टि हुई है।

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यह हादसा शहर के कनावटी क्षेत्र में स्थित सायाजी होटल (Sayaji Hotel) के ठीक सामने हुआ। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर ने पल भर में सब कुछ खत्म कर दिया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन मंडी में हुई इस  किसान की मौत (Farmer Death) की घटना ने साथी किसानों और व्यापारियों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।

उपज बेचने आया था किसान, कनावटी में टूटा काल का कहर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक किसान की पहचान गुणवंत (44) पिता छगनलाल आंजना के रूप में हुई है, जो ग्राम केसुंदा के निवासी थे। जैसा कि हम जानते हैं, इन दिनों मंडियों में रायड़ा (सरसों) की आवक जोरों पर है। गुणवंत भी अपनी उपज लेकर नीमच की नई कृषि उपज मंडी (चंगेरा) आए थे। उन्हें उम्मीद थी कि फसल के अच्छे दाम मिलेंगे और वे खुशी-खुशी घर लौटेंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

मंडी का काम और नीलामी की प्रक्रिया के चलते रात हो चुकी थी। ऐसे में वे भोजन करने के लिए मंडी परिसर से बाहर निकलकर कनावटी रोड स्थित सायाजी होटल की ओर गए थे। यही वह वक्त था जब एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को ग्रहण लग गया और  किसान की मौत (Farmer Death) जैसी दुखद खबर सामने आई।

खाना खाकर लौटते वक्त हादसा: ऐसे हुई घटना

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह हृदयविदारक घटना रात करीब 11:30 बजे घटी। गुणवंत होटल में खाना खाने के बाद वापस मंडी की ओर पैदल लौट रहे थे। वे सड़क पार कर रहे थे या किनारे चल रहे थे, तभी अंधेरे में काल बनकर आए एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि किसान सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद वाहन चालक मानवता को शर्मसार करते हुए मौके से फरार हो गया। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की गुहार लगाई, लेकिन गंभीर चोटों के कारण स्थिति बिगड़ती गई, जो अंततः  किसान की मौत (Farmer Death) का कारण बनी।

अस्पताल पहुंचने की जद्दोजहद और डॉक्टरों का जवाब

सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 (Dial 112) की टीम तुरंत एक्शन में आई और मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद स्थानीय नागरिकों की मदद से घायल किसान को आनन-फानन में नीमच जिला चिकित्सालय (District Hospital) ले जाया गया। हर कोई दुआ कर रहा था कि शायद उनकी जान बच जाए।

लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जब उनका परीक्षण किया, तो पाया कि उनकी सांसें थम चुकी हैं। डॉक्टरों द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अस्पताल परिसर में जैसे ही किसान की मौत (Farmer Death) की पुष्टि हुई, साथ आए ग्रामीणों और परिजनों का सब्र का बांध टूट गया।

केसुंदा में पसरा मातम, शव देख बिलख पड़े परिजन

हादसे की खबर रात में ही केसुंदा गांव पहुंच गई थी, जिससे वहां मातम पसर गया। आज सुबह जिला चिकित्सालय स्थित पुलिस चौकी की देखरेख में मृतक का पोस्टमार्टम (PM) करवाया गया। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।

जब गुणवंत का शव उनके गांव केसुंदा पहुंचा, तो पूरा गांव रो पड़ा। परिवार का एक मुख्य सदस्य और घर का सहारा छिन जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों ने इस असामयिक  किसान की मौत (Farmer Death) पर गहरा दुख व्यक्त किया है और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया है। यह घटना हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रही है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है।

अज्ञात वाहन की तलाश तेज, पुलिस खंगाल रही CCTV

कैंट थाना पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उस वाहन की तलाश कर रही है जिसने इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारी घटनास्थल के आसपास के ढाबों, होटलों और मुख्य सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरों (CCTV Cameras) की फुटेज खंगाल रहे हैं।

पुलिस का दावा है कि जल्द ही टक्कर मारने वाले वाहन और उसके चालक को पकड़ लिया जाएगा। फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की गति तेज कर दी है। मंडी में आए दिन होने वाली भीड़-भाड़ और हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि इसी असुरक्षा के चलते आज एक और  किसान की मौत (Farmer Death) का मामला सामने आया है।

मंडी रोड पर सुरक्षा: एक बड़ा सवाल

नीमच की नई मंडी (चंगेरा) शहर से बाहर स्थित है और कनावटी रोड पर भारी वाहनों का दबाव हमेशा रहता है। सीजन के समय यहां हजारों किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर रात-रात भर रुकते हैं। ऐसे में रात के समय पैदल चलने वाले किसानों के लिए यह रोड काफी जोखिम भरा हो जाता है। प्रशासन को मंडी के आसपास स्ट्रीट लाइट और स्पीड ब्रेकर की उचित व्यवस्था करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


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