5 साल का इंतज़ार खत्म: पुलिस की सफलता ने राजस्थान से ढूंढा लापता युवक, परिवार की आँखों में आए खुशी के आँसू

Police Success

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सिंगोली (नीमच)। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में खाकी की कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनाओं की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने पुलिस के प्रति जनता के विश्वास को और गहरा कर दिया है। यह एक बड़ी पुलिस की सफलता (Police Success) है कि पुलिस ने अपनी मेहनत और तकनीकी कौशल के दम पर एक ऐसे युवक को ढूंढ निकाला, जिसका सुराग पिछले 5 सालों से नहीं मिल पा रहा था। सिंगोली थाना पुलिस की इस कार्रवाई ने एक उजड़ चुके परिवार को फिर से खुशियों की सौगात दी है।

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पुलिस मुख्यालय भोपाल के सख्त निर्देशों और नीमच पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अंकित जायसवाल के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश भर में ‘गुमशुदा व्यक्तियों की दस्तयाबी’ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी मुहिम के अंतर्गत सिंगोली पुलिस को यह बड़ी पुलिस की सफलता (Police Success) प्राप्त हुई है। पुलिस टीम ने न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पड़ोसी राज्य राजस्थान में भी अपने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों का जाल बिछाकर गुमशुदा युवक को सकुशल दस्तयाब किया।

क्या था पूरा मामला?

मिली जानकारी के मुताबिक, सिंगोली थाना क्षेत्र के ग्राम राजपुरा झंवर का निवासी जगदीश (35 वर्ष), पिता माधु भील, 2 अगस्त 2021 को अचानक अपने घर से बिना किसी को कुछ बताए कहीं चला गया था। परिजनों ने उसे हर संभावित जगह पर ढूंढा, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अंततः थक-हारकर परिवार ने सिंगोली थाने में मामला दर्ज कराया।

पुलिस ने गुमशुदगी क्रमांक 22/2021 दर्ज कर जांच शुरू की। समय बीतता गया और 5 साल का लंबा अरसा गुजर गया, लेकिन पुलिस ने उम्मीद नहीं छोड़ी। इसी निरंतर प्रयास का परिणाम है कि आज इस केस में एक शानदार पुलिस की सफलता (Police Success) दर्ज की गई है।

राजस्थान के हिंडौन सिटी से हुई बरामदगी

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नवलसिंह सिसोदिया और एसडीओपी (जावद) श्री रोहित राठौर के नेतृत्व में थाना प्रभारी सिंगोली श्री जितेन्द्र वर्मा ने एक विशेष सर्च टीम तैयार की। टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि गुमशुदा जगदीश राजस्थान के करौली जिले के हिंडौन सिटी इलाके में रह रहा है।

सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने राजस्थान में दबिश दी और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जगदीश को सुरक्षित ढूंढ निकाला। यह पुलिस की सफलता (Police Success) इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इतने लंबे समय बाद किसी लापता व्यक्ति को जीवित और सुरक्षित ढूंढना किसी चुनौती से कम नहीं था। कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद जगदीश को उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।

भावुक कर देने वाला पल

थाने में जब 5 साल बाद मां-बाप ने अपने बेटे को देखा, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। परिवार की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने नीमच पुलिस का दिल से आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने भी पुलिस की इस कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र की सबसे बड़ी मानवीय पुलिस की सफलता (Police Success) करार दिया है।

इन अधिकारियों की रही सराहनीय भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में थाना प्रभारी श्री जितेन्द्र वर्मा, आरक्षक 613 सुनील डिण्डोर और आरक्षक 413 रिंकू डांगी की मुख्य भूमिका रही। इन जांबाज सिपाहियों की दिन-रात की मेहनत ने ही इस पुलिस की सफलता (Police Success) को मुमकिन बनाया है। एसपी अंकित जायसवाल ने पूरी टीम की पीठ थपथपाते हुए भविष्य में भी इसी तरह जनसेवा के कार्य जारी रखने के निर्देश दिए हैं।


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