नीमच में 4 दिवसीय भव्य फाग महोत्सव (Faag Mahotsav) का शंखनाद: नीलकंठ महादेव से निकली भव्य निशान यात्रा, भक्ति के रंग में रंगा शहर

Faag Mahotsav

Faag Mahotsav

नीमच (Neemuch News)। मालवा की वैष्णोदेवी कही जाने वाली धरा और आस्था की नगरी नीमच में एक बार फिर “हारे के सहारे” बाबा खाटू श्याम के जयकारों की गूंज से आकाश गुंजायमान हो उठा है। बुधवार से शहर में बहुप्रतीक्षित चार दिवसीय भव्य फाग महोत्सव (Faag Mahotsav) का विधिवत और उत्साहपूर्ण शुभारंभ हो गया। इस महोत्सव के पहले दिन श्रद्धा और विश्वास का ऐसा अनूठा सैलाब उमड़ा कि पूरा नीमच शहर ‘श्याम मय’ नजर आने लगा। प्राचीन श्री श्याम मंदिर और बावड़ी वाले बालाजी के तत्वावधान में आयोजित इस फाग महोत्सव (Faag Mahotsav) ने श्रद्धालुओं को फागुन की मस्ती और भक्ति के अलौकिक रंग में सराबोर कर दिया है।

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नीलकंठ महादेव से हुआ आस्था का शंखनाद

फाग महोत्सव (Faag Mahotsav) के प्रथम दिन की शुरुआत मनासा रोड स्थित बोरखेड़ी के सुप्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर से हुई। दोपहर 12:30 बजे के साथ ही महादेव के दरबार में भक्तों का जमावड़ा शुरू हो गया था। भगवान भोलेनाथ के सानिध्य में बाबा श्याम की विशेष पंचामृत पूजा, मनमोहक श्रृंगार और महाआरती की गई। इसके पश्चात, विद्वान पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशाल निशान यात्रा का शुभारंभ किया गया।

हजारों की संख्या में श्याम प्रेमी हाथों में रंग-बिरंगे निशान (धर्म ध्वजा) थामे ‘जय श्री श्याम’ के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। हवा में लहराते ये केसरिया और सतरंगी निशान आस्था का जीवंत प्रतीक बनकर पूरे मार्ग की शोभा बढ़ा रहे थे। फाग महोत्सव (Faag Mahotsav) की इस यात्रा में युवाओं और महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।

भजन मंडली और नृत्य करते श्रद्धालु

निशान यात्रा का दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं था। यात्रा के आगे-आगे चल रही सुप्रसिद्ध भजन मंडलियों ने जब “फागुन की मस्ती” और श्याम भजन छेड़ना शुरू किया, तो श्रद्धालु झूम उठे। ढोल-ताशों और डीजे की धुन पर महिला, पुरुष और बच्चे स्वयं को थिरकने से रोक नहीं पाए। भक्तों का समर्पण ऐसा था कि हर कोई दुनियादारी भूलकर बस बाबा की भक्ति में लीन होकर नाचता-गाता चल रहा था।

शहर के प्रमुख मार्गों पर हुआ जोरदार स्वागत

नीलकंठ महादेव मंदिर से शुरू हुई यह ऐतिहासिक यात्रा मनासा नाका और नीमच सिटी के मुख्य क्षेत्रों से गुजरी। जैसे-जैसे यात्रा शहर के हृदय स्थल में दाखिल हुई, वैसे-वैसे जनसैलाब बढ़ता गया।

  • पुष्प वर्षा: शहर के प्रमुख चौराहों और व्यापारिक संगठनों द्वारा यात्रा का स्वागत फूलों की वर्षा कर किया गया। आकाश से गिरती पंखुड़ियों ने वातावरण को और भी सुगंधित बना दिया।

  • अल्पाहार सेवा: गर्मी के बढ़ते प्रभाव और भक्तों की लंबी पैदल यात्रा को देखते हुए कई सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह ठंडे जल, शरबत, फलों और स्वल्पाहार के स्टॉल लगाए थे।

Faag Mahotsav का विस्तृत शेड्यूल: अगले तीन दिन मचेगी धूम

आयोजन समिति ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह तो बस शुरुआत है; असली उत्सव अभी बाकी है। अगले तीन दिनों तक नीमच की गलियों में भक्ति की अविरल गंगा बहेगी। कार्यक्रमों का विवरण इस प्रकार है:

  1. 26 फरवरी (गुरुवार) – बाबा की भव्य पालकी यात्रा: फाग महोत्सव (Faag Mahotsav) के दूसरे दिन नरसिंह मंदिर घंटाघर से बाबा श्याम की शाही पालकी यात्रा निकाली जाएगी। इसमें बाबा नगर भ्रमण कर प्रजा का हाल जानेंगे। विशेष बैंड-बाजे और सजीव झांकियां इसका मुख्य आकर्षण होंगी।

  2. 27 फरवरी (शुक्रवार) – फागुन एकादशी (मुख्य पर्व): इस दिन प्राचीन श्री श्याम मंदिर में बाबा का दिव्य अलौकिक श्रृंगार होगा। बाबा को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा और रात्रि में महाआरती के साथ प्रसादी वितरण होगा।

  3. 28 फरवरी (शनिवार) – अखंड जोत और कीर्तन: महोत्सव का भव्य समापन शनिवार को होगा। इस दिन अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाएगी और रात भर देश के विख्यात भजन गायक अपनी प्रस्तुतियों से बाबा को रिझाएंगे।

प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था

इस चार दिवसीय फाग महोत्सव (Faag Mahotsav) की भव्यता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। भीड़ नियंत्रण के लिए प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के लिए कई मार्गों को डायवर्ट किया है। 

आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमियों से सपरिवार इस उत्सव में शामिल होने की अपील की है। वास्तव में, नीमच का यह फाग महोत्सव (Faag Mahotsav) श्रद्धा और आपसी सौहार्द का एक अनूठा उदाहरण पेश कर रहा है।


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