नीमच में हरियाणा के शातिर चोर का पर्दाफाश, जानें इस बड़े चोर के गिरफ्तारी की पूरी कहानी

Arrest
नीमच। शहर में शांति व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है। इसी कड़ी में नीमच कैंट थाने की पुलिस टीम ने अपनी सतर्कता और बेहतरीन कार्यप्रणाली का उदाहरण पेश करते हुए एक बड़ी वारदात का पर्दाफाश किया है।
शहर के रिहायशी और व्यावसायिक इलाके महाराणा बंगला क्षेत्र में हुई एक दुस्साहसिक सेंधमारी की घटना को सुलझाते हुए पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय शातिर चोर को धर दबोचा है। इलाके के व्यापारियों के लिए हाल ही में हुआ यह चोर का गिरफ्तारी (Arrest) होना एक बड़ी राहत की खबर लेकर आया है, जिसने पुलिस की तकनीकी और जमीनी पकड़ दोनों को साबित कर दिया है।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई वारदात?
यह पूरा घटनाक्रम 22 फरवरी 2026 (रविवार) की रात का है। रविवार का दिन होने के कारण अमूमन बाजार बंद रहता है और शहर के महाराणा बंगला स्थित रोडवेज बस स्टैंड के बी-ब्लॉक में मौजूद दुकानें भी बंद थीं। इन्हीं में से एक दुकान, जिसका नाम ‘उदय एंटरप्राइजेज’ (दुकान नंबर 06) है,
उसे एक अज्ञात बदमाश ने अपना निशाना बनाया। दुकान के मालिक, 58 वर्षीय सुदीप पिता दौलतसिंह बावेल (निवासी बंगला नंबर 45, सीआरपीएफ रोड) रात के वक्त अपने घर पर सो रहे थे।
अगले दिन, यानी 23 फरवरी 2026 की सुबह लगभग 9:30 बजे उनके पड़ोसी दुकानदार महेश जी परवानी ने उन्हें फोन किया। महेश ने घबराई हुई आवाज में बताया कि उनकी दुकान की दीवार में एक बड़ा सा छेद (होल) कर दिया गया है और शटर भी असामान्य रूप से अपनी जगह से ऊपर उठा हुआ दिख रहा है। यह सूचना मिलते ही सुदीप जी बदहवास हालत में अपनी दुकान पर पहुंचे।
दुकान के अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने देखा कि कैश काउंटर पर लगा ताला बुरी तरह से टूटा पड़ा था। गल्ले के अंदर रखे जरूरी कागजात फर्श पर अस्त-व्यस्त पड़े थे। अज्ञात बदमाश ने बड़ी ही चालाकी से न केवल दीवार तोड़ी थी, बल्कि गल्ले में रखे 5000 रुपये नकद और उनका मूल आधार कार्ड भी चुरा लिया था।
पीड़ित ने बिना कोई देरी किए नीमच कैंट थाने का रुख किया और अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने भी तुरंत अपराध क्रमांक 93/2026 के तहत धारा 305(ए) और 331(4) बी.एन.एस. में मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस का एक्शन प्लान और सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग तुरंत हरकत में आ गया। इन दिनों मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) भोपाल के सख्त निर्देश हैं कि संपत्ति संबंधी अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। इसी अभियान के तहत नीमच के पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्री अंकित जायसवाल ने इस मामले को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नवलसिंह सिसौदिया और नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) सुश्री किरण चौहान के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी निरीक्षक नीलेश अवस्थी ने एक विशेष टीम का गठन किया।
इस अहम चोर की गिरफ्तारी (Arrest) को अंजाम देने के लिए पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों के लगभग 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की घंटों तक बारीक फुटेज खंगाली। इसके साथ ही मैदानी स्तर पर अपने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया।
आरोपी की गिरफ्तारी और क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस की इस तकनीकी और मैदानी मेहनत का फल जल्द ही सामने आ गया। लगातार तलाश के बाद मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर, पुलिस टीम ने 25 फरवरी 2026 को घेराबंदी कर एक संदिग्ध को हिरासत में लिया।
पूछताछ में पुलिस के सामने जो सच आया, वह हैरान करने वाला था। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान 24 वर्षीय दिपक (पिता कुलदीप कश्यप) के रूप में हुई। यह युवक मध्य प्रदेश का नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य हरियाणा का रहने वाला है (निवासी ग्राम टटीयाना सरदेडी, थाना चीका, जिला कैथल, हरियाणा)।
जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो आरोपी दिपक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने माना कि 22 फरवरी की रात उसी ने दीवार में सुराख कर उदय एंटरप्राइजेज में सेंधमारी की थी।
पुलिस ने इस चोर को गिरफ्तारी (Arrest) के बाद आरोपी की निशानदेही पर चुराए गए रुपयों में से 4000/- रुपये नकद बरामद कर लिए हैं। इसके अलावा, घटना में दीवार तोड़ने के लिए इस्तेमाल किया गया एक लोहे का सब्बल और एक लोहे की हथौड़ी भी जब्त कर ली गई है।
आगे की जांच और पुलिस की सतर्कता
फिलहाल, आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और उससे शहर या आसपास के इलाकों में हुई अन्य चोरी की घटनाओं के बारे में भी गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को शक है कि यह आरोपी किसी बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का हिस्सा भी हो सकता है और अग्रिम अनुसंधान जारी है।
इस पूरी कार्यवाही और शानदार चोर कि गिरफ्तारी (Arrest) में निरीक्षक नीलेश अवस्थी, सहायक उपनिरीक्षक (ASI) शिवलाल कलमी और नीमच कैंट थाने की पूरी टीम की भूमिका बेहद सराहनीय रही। इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों ने राहत की सांस ली है और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की प्रशंसा की जा रही है।
यह भी पढ़ें: Mandsaur News: मंदसौर में बेखौफ बदमाशों का तांडव, बैंक से पैसे लाए बार संचालक की कार से 10 लाख पार

