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साप्ताहिक जनसुनवाई में 83 आवेदनों पर सुनवाई, अधिकारियों ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

साप्ताहिक जनसुनवाई

नीमच। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संपन्न हुई। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ अमन वैषण और अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश ने संयुक्त रूप से 83 आवेदकों की समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।

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ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

इस साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के विभिन्न गांवों और शहरों से बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे। लोगों ने भूमि विवाद, आवास, पेयजल, सड़क, आर्थिक सहायता और शासकीय योजनाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। अधिकारियों ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदकों ने रखीं समस्याएं

जनसुनवाई में नयागांव के हीरानाथ, सरवानिया महाराज के राजकुमार, दारू के दिलीप पुरोहित, बनड़ा के जगदीश और कोर्ट मोहल्ला नीमच सिटी के भंवरलाल सहित कई ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं। इसके अलावा कंजार्डा के प्रेमचंद्र, लसुडिया आंत्री के भारत और ओमप्रकाश, भाटखेड़ी के मुकेश, आमली भाट के श्रवणदास और आलोरी गरवाड़ा की जुम्माबाई ने भी आवेदन प्रस्तुत किए।

अन्य क्षेत्रों से भी आए आवेदक

इसी क्रम में घसुण्डी बामनी के भरत नागदा, झांतला के गोपालसिंह, कनावटी की राजकुंवर, सुवाखेड़ा के भारतसिंह और मालखेड़ा के मुकेश ने भी प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखीं। ढिकरिया की मायाबाई, डिकेन के नानूराम पाटीदार, कंजार्डा के प्रभुलाल धाकड़ और नीमच के ज्ञानप्रकाश खंडेलवाल ने भी अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।

शहरी नागरिकों की भी रही सक्रिय भागीदारी

शहरी क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग इस साप्ताहिक जनसुनवाई में पहुंचे। बरखेड़ी की पूजा, सावन की किरण गौड़, ग्वालटोली के साहिल, खजूरी की विष्णुबाई, बघाना की तबस्सुम बी और नीलिया के सुनील शर्मा सहित कई लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं।

इसके अलावा तुरकिया के किशोर गुर्जर, टीचर कॉलोनी के देवेंद्र सिंह सेंगर, बिहारगंज की निकिता, कनावटी की पिंकी नायक और संजय गौड़ ने भी आवेदन प्रस्तुत किए।

अधिकारियों ने दिए स्पष्ट निर्देश

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि साप्ताहिक जनसुनवाई केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आमजन की समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी मंच है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर समयसीमा में निराकरण किया जाए।

कई मामलों में मौके पर ही समाधान

इस साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान कई मामलों में तुरंत समाधान के निर्देश दिए गए, जबकि जटिल मामलों को जांच के लिए संबंधित विभागों को सौंपा गया। प्रशासन ने सभी आवेदनों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने और उनकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

जनता और प्रशासन के बीच बढ़ा विश्वास

इस साप्ताहिक जनसुनवाई ने एक बार फिर साबित किया कि प्रशासन यदि संवेदनशील और सक्रिय रहे, तो आमजन की समस्याओं का समाधान तेजी से संभव है। लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

समाधान और संवाद का सशक्त माध्यम बनी जनसुनवाई

कुल मिलाकर, साप्ताहिक जनसुनवाई न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम बनी, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच संवाद को भी मजबूत करने का कार्य कर रही है।

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