Sadak Hadsa: नीमच में काल बनकर दौड़ी तेज रफ्तार बाइक, 5 को रौंदा, मची भारी चीख-पुकार

Sadak Hadsa
मनासा (Manasa News)। मध्यप्रदेश की सड़कों पर तेज रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन निर्दोष लोग इन बेलगाम वाहनों का शिकार हो रहे हैं। सोमवार को नीमच जिले के मनासा थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है।
यहां घोटापिपलिया-कुकड़ेश्वर मुख्य मार्ग पर एक अनियंत्रित मोटरसाइकिल ने पैदल जा रही ग्रामीण महिलाओं को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण सड़क हादसा (Sadak Hadsa) ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और एक बार फिर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ने की पोल खोल दी है।
हादसे का खौफनाक मंजर: हवा में उछलकर गिरीं महिलाएं
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो यह घटना इतनी अचानक और खौफनाक थी कि किसी को संभलने या बचने का मौका तक नहीं मिला। सोमवार का दिन था, ग्रामीण महिलाएं अपने रोजमर्रा के घरेलू कामकाज के सिलसिले में घोटापिपलिया-कुकड़ेश्वर रोड के किनारे-किनारे कच्ची पगडंडी पर शांति से पैदल चल रही थीं। तभी अचानक पीछे से एक मोटरसाइकिल तूफानी गति से लहराती हुई आई।
चश्मदीदों ने बताया कि बाइक सवार युवक गाड़ी पर अपना नियंत्रण पूरी तरह से खो चुका था। रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि ब्रेक लगाने का भी समय नहीं मिला और यह मोटरसाइकिल सीधे महिलाओं के समूह में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिलाएं छिटक कर सड़क पर दूर जा गिरीं। इस रूह कंपा देने वाले सड़क हादसा (Sadak Hadsa) के तुरंत बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।
खून से लथपथ हुए 5 लोग, स्थिति गंभीर
इस भयानक दुर्घटना में कुल 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें पैदल चलने वाली मासूम महिलाओं के साथ-साथ मोटरसाइकिल चलाने वाला युवक भी शामिल है। पुलिस और स्थानीय अस्पताल प्रबंधन से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, सभी घायलों की पहचान तलाऊ गांव के निवासियों के रूप में की गई है।
घायलों में मोटरसाइकिल चालक अनिल (निवासी तलाऊ), रोड़ी बाई पति भजेसिंह (निवासी तलाऊ), सिता बाई और बतुल पति कैलाश (निवासी तलाऊ) मुख्य रूप से शामिल हैं। सूत्रों के हवाले से यह दुखद जानकारी सामने आई है कि इस सड़क हादसा (Sadak Hadsa) में घायल कुछ महिलाओं की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। उनके सिर, हाथ और पैरों में गहरी चोटें आई हैं और काफी खून बह चुका है।
डायल 112 की टीम बनी जीवनरक्षक, तुरंत शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद किसी जागरूक और जिम्मेदार नागरिक ने घटना की सूचना पुलिस सहायता नंबर डायल 112 को दी। सूचना मिलते ही मनासा पुलिस प्रशासन बिना कोई देरी किए हरकत में आ गया। ऐसे संकट के समय में डायल 112 की टीम सच में देवदूत बनकर मौके पर पहुंची।
ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक क्रमांक 443 लक्ष्मण सिंह सिसोदिया और उनके वाहन पायलेट संजू कुमार मारु ने गजब की तत्परता और संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से खून से लथपथ तड़प रहे सभी घायलों को बहुत ही सावधानी से अपनी एंबुलेंस में शिफ्ट किया और सायरन बजाते हुए उन्हें नजदीकी शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया। समय पर पुलिस के पहुंचने और त्वरित कार्रवाई के कारण इस सड़क हादसा (Sadak Hadsa) में घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सका।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जैसे ही एंबुलेंस सायरन बजाते हुए घायलों को लेकर अस्पताल के प्रांगण में दाखिल हुई, वहां भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और घायलों का सघन उपचार शुरू कर दिया। घटना की खबर गांव में आग की तरह फैल गई और घायलों के परिजन भी रोते-बिलखते हुए अस्पताल पहुंचने लगे। चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि सभी का इलाज जारी है, यदि किसी मरीज की हालत ज्यादा बिगड़ती है तो उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत बड़े अस्पताल में रेफर किया जाएगा।
सड़क पर लगा लंबा जाम, पुलिस की तफ्तीश शुरू
इस बड़े सड़क हादसा (Sadak Hadsa) के कारण घोटापिपलिया-कुकड़ेश्वर मुख्य मार्ग पर काफी देर तक यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, मनासा पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना करने के बाद क्षतिग्रस्त और चकनाचूर हो चुकी मोटरसाइकिल को सड़क के बीच से हटवाया और यातायात को दोबारा सुचारू रूप से चालू करवाया।
पुलिस ने अब इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अपनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की गहन तफ्तीश कर रही है कि बाइक सवार आखिर इतनी तेज गति में क्यों वाहन चला रहा था और क्या वह किसी नशे की हालत में तो नहीं था? संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह सड़क हादसा (Sadak Hadsa) हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि सड़क पर जरा सी लापरवाही किसी की जान ले सकती है।
यह भी पढ़ें: Opium Smuggling : नीमच में अफीम तस्करी का भंडाफोड़, 3.5 किलो अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार

