Gold Theft: 12 लाख की सोने की चोरी का सनसनीखेज खुलासा: मुनीम ही निकला असली चोर! वीडियो देखे

Gold Theft
नीमच (Neemuch News): व्यापार और कारोबार पूरी तरह से भरोसे की नींव पर टिका होता है, लेकिन जब आपका सबसे करीबी और भरोसेमंद कर्मचारी ही बेईमानी पर उतर आए, तो पैरों तले जमीन खिसकना तय है। मध्य प्रदेश के नीमच शहर के प्रमुख सर्राफा बाजार में उस वक्त हड़कंप और दहशत का माहौल बन गया, जब दिनदहाड़े 12 लाख रुपये की सोने की चोरी (Gold Theft) की खबर पूरे शहर में आग की तरह फैल गई।
हालांकि,नीमच की घटना पुलिस की सक्रियता और साइबर सेल की आधुनिक जांच प्रणाली ने महज कुछ ही घंटों में इस वारदात की पूरी तरह से हवा निकाल दी। दरअसल, लूट की कोई घटना हुई ही नहीं थी; यह पूरी मनगढ़ंत कहानी उसी मुनीम ने रची थी, जिस पर सेठ ने सबसे ज्यादा भरोसा किया था।
नीमच केंट पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जब इस हाई-प्रोफाइल मामले की बारीकी से जांच शुरू की, तो जो चौंकाने वाला सच सामने आया, उसने पूरे सर्राफा बाजार के व्यापारियों को हैरान कर दिया। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर इस खौफनाक साजिश को कैसे अंजाम दिया गया और पुलिस ने कैसे इस मास्टरमाइंड को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
मंगलम ज्वेलर्स के मुनीम ने ऐसे बुना था लूट का झूठा जाल
घटना 2 मार्च 2026 की है। तिलक मार्ग, नीमच के रहने वाले 56 वर्षीय कारोबारी मनीष सिंहल (पिता बालकिशन सिंहल) की बोहरा गली के पास ‘मंगलम ज्वेलर्स’ के नाम से एक पुरानी और जानी-मानी सोने-चांदी की दुकान है। उन्होंने केंट थाने में घबराए हुए हालत में अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, दोपहर करीब 3:15 बजे उन्होंने अपने मुनीम दिलखुश नागदा (निवासी बिसलवास बामनिया) को स्वास्तिक बुलियन के यहां सोने का एक डल्ला टंच (शुद्धता की जांच) कराने के लिए भेजा था।
जांच के बाद, दिलखुश 65 ग्राम शुद्ध सोना (जिसकी वर्तमान अनुमानित कीमत लगभग 12 लाख रुपये है) अपनी पैंट की जेब में रखकर वापस लौट रहा था। दुकान पर लौटकर उसने अपने सेठ को एक ऐसी खौफनाक कहानी सुनाई, जिससे उनके होश उड़ गए। दिलखुश ने बताया कि जब वह डॉ. फजल रहमान की गली से गुजर रहा था, तब भारी भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी जेब से वो 65 ग्राम सोना पार कर दिया।
सेठ की शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए नीमच केंट थाने ने अपराध क्रमांक 109/2026, धारा 303(2) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर लिया। शुरुआती दौर में यह किसी पेशेवर चोर गिरोह का काम लग रहा था और इस सोने की चोरी (Gold Theft) की घटना से बाजार में दहशत का माहौल बन गया था।
एसपी का सख्त एक्शन और सीसीटीवी (CCTV) ने खोली पोल
शहर के बिल्कुल बीचों-बीच और वो भी दिन के उजाले में हुई इस सोने की चोरी (Gold Theft) की वारदात ने पुलिस महकमे के भी कान खड़े कर दिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, नीमच के पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अंकित जायसवाल ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने थाना प्रभारी नीमच केंट और साइबर सेल की एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया और इस अंधी वारदात का जल्द से जल्द और हर हाल में खुलासा करने के सख्त निर्देश दिए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नवलसिंह सिसौदिया और नगर पुलिस अधीक्षक सुश्री किरण चौहान के सीधे मार्गदर्शन में टीम ने ग्राउंड जीरो पर काम शुरू किया। पुलिस जांच का सबसे पहला और अहम बिंदु था सीसीटीवी फुटेज। टीम ने घटनास्थल और डॉ. फजल रहमान की गली के आस-पास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की।
यहीं से मुनीम की लिखी गई झूठी स्क्रिप्ट फ्लॉप होने लगी। सीसीटीवी फुटेज और मुनीम द्वारा बताए गए घटनाक्रम के समय में भारी विसंगतियां (Discrepancies) नजर आईं। मुनीम की चाल-ढाल और फुटेज की असलियत आपस में बिल्कुल मेल नहीं खा रही थी। पुलिस का शक अब पूरी तरह से शिकायतकर्ता मुनीम दिलखुश पर आ चुका था, क्योंकि इस सोने की चोरी (Gold Theft) की थ्योरी में वह खुद एक संदिग्ध की तरह व्यवहार कर रहा था।
पूछताछ में टूटा मुनीम, उगला 12 लाख का सच
साइबर सेल की लोकेशन रिपोर्ट और सीसीटीवी के पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने दिलखुश को सीधे थाने तलब किया। शुरुआत में तो वह पुलिस को गोल-मोल जवाब देकर गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सख्ती दिखाई, तो वह ज्यादा देर अपने झूठ पर कायम नहीं रह सका।
कुछ ही घंटों की इस पूछताछ में मुनीम दिलखुश टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि इतनी बड़ी मात्रा में सोने को देखकर उसकी नीयत खराब हो गई थी। वह अपने ही सेठ का सोना हड़पना चाहता था, इसलिए उसने यह पूरी झूठी कहानी रची। असल में, उसने वह 65 ग्राम सोना घटनास्थल के पास ही एक सुरक्षित और गुप्त जगह पर छिपा दिया था और सेठ के सामने आकर जेब कटने का ड्रामा किया।
पुलिस ने बिना देरी किए आरोपी की निशानदेही पर 12 लाख रुपये कीमत का वह पूरा 65 ग्राम शुद्ध सोना सुरक्षित बरामद कर लिया। इस तरह पुलिस ने इस फर्जी सोने की चोरी (Gold Theft) की गुत्थी को पूरी तरह से सुलझाते हुए आरोपी मुनीम को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की पूरी जानकारी:
नाम: दिलखुश पिता शांतिलाल नागदा
उम्र: 35 साल
निवासी: ग्राम विसलवास बामनिया, थाना नीमच सिटी, जिला नीमच
इन पुलिस अधिकारियों का रहा अहम और सराहनीय योगदान
महज चंद घंटों के भीतर 12 लाख की इस फर्जी लूट का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी नीमच केंट निरीक्षक नीलेश अवस्थी की टीम का काम बेहद शानदार रहा। इस त्वरित और सटीक कार्रवाई में उपनिरीक्षक दीवान सिंह, सहायक उपनिरीक्षक शिवलाल कल्मी, साइबर सेल प्रभारी प्रधान आरक्षक प्रदीप शिन्दे, आरक्षक राहुल सोलंकी, सोनेन्द्र राठौर, मधुसुदन, कुलदीप सिंह, राजेश जाट, दशरथ, सुनिल शर्मा, प्रहलाद, सर्वेश यादव, आशुतोष मिश्रा और वाहन चालक धीरेन्द्र ओझा की विशेष भूमिका रही।
पुलिस की इस तत्परता से नीमच के व्यापारी वर्ग ने बड़ी राहत की सांस ली है।
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