नीमच में अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का हंटर: कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की दो टूक, ‘गाढ़ी कमाई फंसाने से बचें नागरिक’
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
27 जनवरी 2026, (अपडेटेड 27 जनवरी 2026, 9:28 अपराह्न IST)

नीमच। अपनी जीवन भर की जमा पूंजी से एक आशियाने का सपना देखना हर नागरिक का हक है, लेकिन आपकी एक छोटी सी लापरवाही इस सपने को दुःस्वप्न में बदल सकती है। नीमच जिले में कुकुरमुत्ते की तरह उग रहीं अवैध कॉलोनी नीमच के जाल को लेकर जिला प्रशासन अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर चुका है। जिले के ऊर्जावान कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने आमजन के हितों की रक्षा के लिए एक विशेष अपील जारी की है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से नागरिकों को भूखंडों के क्रय-विक्रय से बचने की सलाह दी है।

क्यों खतरनाक है अवैध कॉलोनी नीमच में निवेश?

कलेक्टर श्री चंद्रा ने जिले के सभी नगर पंचायत, नगर परिषद, नगरपालिका और ग्राम पंचायत क्षेत्रों के रहवासियों को आगाह किया है कि अवैध कॉलोनी नीमच के क्षेत्रों में जमीन खरीदना भविष्य में बड़ी मुसीबत का सबब बन सकता है। अक्सर भू-माफिया कम दामों का लालच देकर भोले-भाले नागरिकों को ऐसे भूखंड बेच देते हैं, जिनके पास न तो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) की अनुमति होती है और न ही रेरा (RERA) का पंजीकरण।

सुविधाओं का अभाव और बीमारियों का घर

प्रशासनिक अपील में सबसे बड़ा मुद्दा बुनियादी सुविधाओं का उठाया गया है। कलेक्टर ने बताया कि किसी भी अवैध कॉलोनी नीमच में शासन के मानकों के अनुरूप बिजली, शुद्ध पेयजल, पक्की सड़कें और नालियों की व्यवस्था नहीं होती।

  1. बैंक लोन की समस्या: इन कॉलोनियों में कानूनी वैधता न होने के कारण कोई भी राष्ट्रीयकृत बैंक होम लोन प्रदान नहीं करता।

  2. गंदगी और संक्रमण: ड्रेनेज सिस्टम और सफाई व्यवस्था न होने से बारिश के समय इन क्षेत्रों में जलजमाव होता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और संक्रमण फैलने का खतरा 100% बढ़ जाता है।

  3. गार्डन और पार्क: अवैध कॉलोनाइजर केवल कागजों पर पार्क दिखाते हैं, लेकिन धरातल पर खुली जगह को भी प्लॉट काटकर बेच दिया जाता है।

कालोनाइजरों पर होगी एफआईआर और दंडात्मक कार्रवाई

कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने केवल नागरिकों को जागरूक ही नहीं किया, बल्कि भू-माफियाओं को कड़ा संदेश भी दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में जो भी अवैध निर्माणकर्ता नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, उनके विरुद्ध निरंतर प्रशासनिक और दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। शासन के सख्त निर्देशों के तहत, अवैध कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर जेल भेजने (FIR) की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

निवेशकों के लिए ‘प्रोटोकॉल’

विशेषज्ञों और जिला प्रशासन के अनुसार, यदि आप नीमच जिले में कहीं भी प्लॉट देख रहे हैं, तो इन बातों की पुष्टि अवश्य करें:

  • क्या कॉलोनी का ले-आउट स्वीकृत है?

  • क्या विकास अनुमति (Development Permission) प्राप्त है?

  • क्या कालोनाइजर के पास वैध लाइसेंस है?

कलेक्टर की इस मुहिम का उद्देश्य नीमच को एक व्यवस्थित और सुरक्षित शहर बनाना है। अवैध कॉलोनी नीमच के खिलाफ इस युद्ध में जनता का सहयोग अनिवार्य है। यदि आप किसी भी संदिग्ध कॉलोनी की जानकारी रखते हैं, तो तुरंत स्थानीय राजस्व विभाग या नगरपालिका को सूचित करें।

अंत में, कलेक्टर ने पुनः दोहराया कि आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे, इसके लिए केवल वैध और स्वीकृत कॉलोनियों का ही चुनाव करें। प्रशासन अवैध निर्माणों को ढहाने और कालोनाइजरों की संपत्ति कुर्क करने की दिशा में भी योजना बना रहा है।


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Aakash Sharma
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