रामपुरा (नीमच)। नीमच जिले के रामपुरा क्षेत्र के ग्राम बैंसला में कथित रूप से बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के संचालित किए जा रहे एक क्लिनिक पर जिला प्रशासन ने एक बार फिर कार्रवाई की है। जनसुनवाई में प्राप्त शिकायत के बाद कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर मंगलवार शाम राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में संबंधित क्लिनिक को दोबारा सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान पंचनामा भी तैयार किया गया। प्रशासन के अनुसार पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
कार्रवाई तहसीलदार कमलेश डुडवे और स्थानीय चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक चौहान के नेतृत्व में की गई। प्रशासनिक टीम जब मौके पर पहुंची, तब क्लिनिक संचालक मोहन मलिक वहां मौजूद नहीं मिले। अधिकारियों ने परिसर को सील करने की प्रक्रिया पूरी करते हुए आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई भी की।
जनसुनवाई में शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में प्राप्त लिखित शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ताओं ने जन एवं पर्यावरण हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए संबंधित क्लिनिक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम गठित की। टीम ने पुलिस की उपस्थिति में मौके पर पहुंचकर संबंधित परिसर को दोबारा सील कर दिया।
पहले भी सील हो चुका था क्लिनिक
प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित क्लिनिक को इससे पहले 30 अप्रैल 2026 को भी प्रशासन द्वारा सील किया गया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने खुले में बायो-मेडिकल वेस्ट फेंके जाने तथा कथित रूप से अवैध रूप से क्लिनिक संचालित किए जाने के संबंध में प्रकरण दर्ज कराया था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासन द्वारा लगाई गई शासकीय सील हटाकर क्लिनिक का दोबारा संचालन किया गया। हालांकि इस संबंध में प्रशासन जांच कर रहा है और अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
शासकीय सील और ताले नहीं मिले
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के दौरान पूर्व में लगाए गए शासकीय ताले और सील मौके पर नहीं पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित चाबियां प्रशासन के पास सुरक्षित हैं। ऐसे में शासकीय सील टूटने अथवा हटाए जाने से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संचालक मौके पर नहीं मिले
कार्रवाई के समय क्लिनिक संचालक मोहन मलिक मौके पर उपस्थित नहीं मिले। प्रशासन का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। साथ ही क्लिनिक संचालन, संबंधित दस्तावेजों तथा अन्य वैधानिक पहलुओं की भी जांच प्रक्रिया जारी रहेगी।
शिकायतकर्ताओं ने लगाए अतिरिक्त आरोप
जनसुनवाई में शिकायत प्रस्तुत करने वाले पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि क्लिनिक संचालक को एक शस्त्रधारी शासकीय शिक्षक का संरक्षण प्राप्त है। हालांकि प्रशासन ने इस आरोप की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए प्रत्येक आरोप की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
संपत्ति सहित अन्य पहलुओं की भी होगी जांच
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार केवल क्लिनिक संचालन ही नहीं, बल्कि मामले से जुड़े अन्य संबंधित पहलुओं की भी नियमानुसार जांच की तैयारी की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासन के अनुसार—
- जनसुनवाई में शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की गई।
- संयुक्त टीम ने पुलिस की मौजूदगी में क्लिनिक को दोबारा सील किया।
- शासकीय सील और ताले नहीं मिलने के मामले की जांच जारी है।
- संचालक कार्रवाई के दौरान मौके पर उपस्थित नहीं मिले।
- जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले की वर्तमान स्थिति
फिलहाल संबंधित परिसर को दोबारा सील कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उपलब्ध तथ्यों एवं नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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