नीमच। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे नीमच जिले के बांगरेड़ गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली सूअर अचानक आबादी वाले क्षेत्र में घुस आया। देखते ही देखते सूअर ने रास्ते में मिले महिला-पुरुष सहित कई ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इस घटना में कुल सात लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद पूरे बांगरेड़ गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
यह घटना सरवानिया महाराज चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बांगरेड़ गांव की है। सुबह का समय होने के कारण ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। इसी दौरान अचानक गांव में एक जंगली सूअर पहुंच गया। शुरुआत में लोगों को स्थिति समझने का मौका भी नहीं मिला और कुछ ही क्षणों में उसने कई लोगों पर हमला कर दिया।
महिला-पुरुष सहित सात ग्रामीण हुए घायल
जंगली सूअर ने महिला और पुरुष दोनों पर हमला किया। इस हमले में कुल सात ग्रामीण घायल हुए हैं। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और तत्काल पुलिस एवं आपातकालीन सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव की प्रक्रिया शुरू की गई। घायल ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया, ताकि उन्हें जल्द चिकित्सा सुविधा मिल सके।
पांच घायलों को जिला चिकित्सालय, दो को मनासा अस्पताल भेजा गया
घटना के बाद डायल-112 की सहायता से पांच घायलों को जिला चिकित्सालय नीमच पहुंचाया गया। वहीं दो अन्य घायलों को उपचार के लिए शासकीय अस्पताल मनासा ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में सभी घायलों का उपचार जारी है। फिलहाल सभी घायलों की स्थिति पर चिकित्सा दल नजर बनाए हुए है।
एक ग्रामीण का हाथ फ्रैक्चर
हमले के दौरान एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसका हाथ फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई है। अन्य घायलों को भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आई हैं। चिकित्सक सभी का आवश्यक उपचार कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार घटना इतनी अचानक हुई कि कई लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। इससे पूरे बांगरेड़ गांव में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना के बाद गांव में बना भय का माहौल
जंगली सूअर के हमले के बाद बांगरेड़ गांव के लोगों में भय और चिंता का माहौल है। सुबह के समय हुई इस घटना के बाद ग्रामीण अब अधिक सतर्क दिखाई दे रहे हैं। कई लोग अपने घरों के बाहर निकलते समय भी सावधानी बरत रहे हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि इस तरह आबादी वाले क्षेत्र में जंगली जानवर के पहुंचने से भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की आशंका बनी रह सकती है। हालांकि इस संबंध में ग्रामीणों की ओर से सतर्कता बरती जा रही है।
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