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Indoor Saffron Farming: घर के एक कमरे से शुरू हुआ सफर, 2 सीजन में ₹26 लाख की शानदार कमाई

Indoor Saffron Farming

नीमच । आज के दौर में खेती सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रही है। नई तकनीक और इनोवेशन ने इसे एक हाई-प्रॉफिट बिजनेस में बदल दिया है। पंजाब के लुधियाना से आई एक प्रेरणादायक कहानी इसका बेहतरीन उदाहरण है, जहां एक भाई-बहन की जोड़ी ने Indoor Saffron Farming के जरिए न केवल नई राह बनाई, बल्कि महज दो सीजन में 26 लाख रुपये की कमाई कर सबको चौंका दिया।

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आस्तिका नरुला और उनके छोटे भाई शंकर नरुला ने यह साबित कर दिया कि अगर सोच नई हो और तकनीक का सही इस्तेमाल किया जाए, तो बिना खेती के अनुभव के भी बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।

बिना खेती के अनुभव के शुरू किया अनोखा प्रयोग

आस्तिका और शंकर का परिवार पारंपरिक रूप से खेती से जुड़ा नहीं रहा। उनके पिता बैंकिंग सेक्टर में कार्यरत हैं। आस्तिका UPSC की तैयारी कर रही थीं, लेकिन असफलता के बाद वे कुछ नया करने की तलाश में थीं। वहीं शंकर ने अपनी BCA की पढ़ाई पूरी कर ली थी।

इसी दौरान उनके पिता ने Indoor Saffron Farming का आइडिया सुझाया। शुरुआत में यह एक जोखिम भरा कदम लग रहा था, क्योंकि केसर की खेती आमतौर पर ठंडे इलाकों, खासकर कश्मीर में ही संभव मानी जाती है।

लेकिन दोनों ने इस चुनौती को स्वीकार किया और इसे एक अवसर के रूप में देखा।

घर का कमरा बना हाई-टेक फार्मिंग लैब

भाई-बहन ने अपने घर के 630 वर्ग फीट के एक कमरे को पूरी तरह से बदल दिया। इस छोटे से कमरे को उन्होंने एक अत्याधुनिक फार्म में तब्दील कर दिया, जहां Indoor Saffron Farming के लिए जरूरी हर सुविधा मौजूद थी।

उन्होंने एयरोपोनिक्स तकनीक अपनाई, जो बिना मिट्टी की खेती का आधुनिक तरीका है। इसमें:

  • पौधों की जड़ों को हवा में लटकाया जाता है
  • पोषक तत्वों की मिस्ट (धुंध) स्प्रे की जाती है
  • पानी की खपत बेहद कम होती है

इसके साथ ही उन्होंने:

  • LED ग्रो लाइट्स
  • चिलर और एयर कंट्रोल सिस्टम
  • वर्टिकल रैक

का इस्तेमाल कर एक ऐसा वातावरण तैयार किया, जो कश्मीर के मौसम जैसा था।

तापमान और नमी का सटीक नियंत्रण

Indoor Saffron Farming

Indoor Saffron Farming की सफलता पूरी तरह वातावरण पर निर्भर करती है। आस्तिका और शंकर ने इस पहलू पर खास ध्यान दिया।

उन्होंने:

  • तापमान 3°C से 27°C के बीच बनाए रखा
  • नमी 30% से 80% तक कंट्रोल की

इस सटीक नियंत्रण के कारण केसर की फसल को सही विकास का माहौल मिला।

4 साल की गहरी रिसर्च और ट्रेनिंग

यह सफलता अचानक नहीं मिली। इसके पीछे चार साल की कड़ी मेहनत और रिसर्च थी।

दोनों ने:

  • केसर की खेती पर अंतरराष्ट्रीय रिसर्च पेपर पढ़े
  • ऑनलाइन कोर्स किए
  • ईरान के विशेषज्ञों से ट्रेनिंग ली
  • छोटे-छोटे प्रयोग करके अपने सिस्टम को बेहतर बनाया

Indoor Saffron Farming की हर बारीकी को समझने के बाद ही उन्होंने बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू किया।

पहले सीजन में ही ₹17 लाख की कमाई

2024-25 के पहले सीजन में उन्होंने 1.3 किलो प्रीमियम क्वालिटी केसर का उत्पादन किया।

हालांकि यह मात्रा कम लग सकती है, लेकिन केसर दुनिया की सबसे महंगी फसलों में से एक है।

उन्होंने अपनी उपज को:

  • ऑस्ट्रेलिया
  • कनाडा

जैसे देशों में एक्सपोर्ट किया, जहां उन्हें ₹1300 से ₹1650 प्रति ग्राम तक की कीमत मिली।

इससे उन्हें पहले ही सीजन में करीब ₹17 लाख की कमाई हुई।

दूसरे सीजन में बिजनेस का विस्तार

2026 में उन्होंने सिर्फ उत्पादन तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने अपने अनुभव को एक बिजनेस मॉडल में बदल दिया।

उन्होंने:

  • घरेलू बाजार में बिक्री शुरू की
  • Indoor Saffron Farming पर कंसल्टेंसी देना शुरू किया
  • नए किसानों को ट्रेनिंग देना शुरू किया

इन सभी गतिविधियों से उन्होंने लगभग ₹9 लाख की अतिरिक्त कमाई की।

इस तरह दो सीजन में उनकी कुल कमाई ₹26 लाख तक पहुंच गई।

चुनौतियां भी रहीं बड़ी

हर सफलता के पीछे संघर्ष होता है, और इस कहानी में भी ऐसा ही हुआ।

  • शुरुआत में तापमान सही न रहने से 20% बीज खराब हो गए
  • तकनीकी गलतियों के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ
  • सिस्टम को स्थिर करने में समय लगा

लेकिन उन्होंने इन समस्याओं से हार नहीं मानी। हर गलती से सीखते हुए उन्होंने अपने मॉडल को बेहतर बनाया।

भविष्य की बड़ी योजनाएं

अब आस्तिका और शंकर का लक्ष्य और बड़ा है।

वे चाहते हैं कि:

  • Indoor Saffron Farming को पूरे भारत में फैलाया जाए
  • अलग-अलग राज्यों में पार्टनर नेटवर्क तैयार किया जाए
  • 8 से 15 किलो तक उत्पादन बढ़ाया जाए
  • भारत को केसर बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया जाए

इसके साथ ही वे उपभोक्ताओं को शुद्ध और लैब-टेस्टेड केसर उपलब्ध कराने के मिशन पर भी काम कर रहे हैं।

क्यों बढ़ रही है Indoor Saffron Farming की मांग

आज के समय में Indoor Saffron Farming तेजी से लोकप्रिय हो रही है, इसके पीछे कई कारण हैं:

  • कम जगह में खेती संभव
  • मौसम पर निर्भरता खत्म
  • हाई वैल्यू क्रॉप
  • एक्सपोर्ट के अवसर
  • टेक्नोलॉजी से नियंत्रित उत्पादन

युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए यह एक बेहतरीन अवसर बनता जा रहा है।

युवाओं के लिए सीख

आस्तिका और शंकर की कहानी से युवाओं को कई सीख मिलती हैं:

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