नीमच । कनावटी जेल नीमच (Kanawati Jail Neemuch) से सामने आई एक संदिग्ध मौत की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। जिला जेल कनावटी में बंद एक विचाराधीन कैदी की अचानक मौत हो गई, जिससे जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
मृतक की पहचान 60 वर्षीय गुरजीत सिंह के रूप में हुई है, जो हरियाणा के कैथल जिले का निवासी था। वह जुलाई 2025 से एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में कनावटी जेल नीमच (Kanawati Jail Neemuch) में बंद था। इस घटना के बाद न केवल प्रशासन बल्कि आम लोगों में भी चिंता का माहौल है।
सुबह अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे गुरजीत सिंह की तबीयत अचानक खराब हो गई। जेल में मौजूद कर्मचारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी हालत बिगड़ चुकी थी।
इस पूरी घटना ने कनावटी जेल नीमच (Kanawati Jail Neemuch) की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या कैदी को समय पर चिकित्सा सहायता मिली या नहीं, यह अब जांच का विषय बन चुका है।
अस्पताल में मृत घोषित
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद गुरजीत सिंह को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके पहुंचने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कनावटी जेल नीमच (Kanawati Jail Neemuch) से जुड़े इस मामले में अब सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
जेल प्रशासन का पक्ष
जेलर नारायण सिंह राणा ने बताया कि गुरजीत सिंह पहले से ही बीपी और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित था। उनके अनुसार, कैदी की तबीयत अचानक बिगड़ी और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
हालांकि, कनावटी जेल नीमच (Kanawati Jail Neemuch) में हुई इस मौत को लेकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या बीमार कैदी की नियमित जांच और इलाज सही तरीके से हो रहा था या नहीं।
जांच की मांग तेज
घटना के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि जेल प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि वह कैदियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखे।
ऐसे में कनावटी जेल नीमच (Kanawati Jail Neemuch) की यह घटना प्रशासनिक लापरवाही का संकेत भी हो सकती है, जिसकी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठे सवाल
इस घटना के बाद यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या जेल में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। यदि कोई कैदी पहले से बीमार है, तो उसके लिए विशेष निगरानी और नियमित उपचार आवश्यक होता है।
कनावटी जेल नीमच (Kanawati Jail Neemuch) में हुई यह घटना इस दिशा में सुधार की आवश्यकता को भी दर्शाती है।
आगे क्या?
फिलहाल शव का पोस्टमार्टम होना बाकी है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल पाएगा। यदि रिपोर्ट में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई संभव है।
कनावटी जेल नीमच (Kanawati Jail Neemuch) का यह मामला अब एक गंभीर प्रशासनिक मुद्दा बन चुका है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
यह भी पढ़ें: जल गंगा संवर्धन अभियान: बरडिया में जल चौपाल से जागरूकता का संकल्प
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।
















