नीमच: शहर में निर्माणाधीन सिटी फोरलेन परियोजना को लेकर माधवपुरी बालाजी मंदिर को लेकर विवाद सामने आया है। प्राइवेट बस स्टैंड के पास स्थित करीब 200 वर्ष पुराने माधवपुरी बालाजी मंदिर के अस्तित्व और श्रद्धालुओं के पहुंच मार्ग को लेकर मंगलवार रात बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, मंदिर समिति और हिंदू समाज के युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने मंदिर परिसर में एकत्र होने के बाद मुख्य सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। करीब आधे घंटे तक मार्ग बाधित रहने से वाहनों की कतार लग गई। विरोध के बीच फिलहाल पुलिया निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
नई ड्राइंग को लेकर मंदिर प्रभावित होने की आशंका
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, सिटी फोरलेन परियोजना की शुरुआती ड्राइंग में माधवपुरी बालाजी मंदिर की ओर 13 मीटर तक निर्माण प्रस्तावित था। विरोध के बाद प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मंदिर की जमीन प्रभावित नहीं होने का आश्वासन दिया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुरानी ड्राइंग को निरस्त कर दिया गया था। अब नई ड्राइंग में सड़क के दोनों ओर 6-6 मीटर निर्माण प्रस्तावित होने की बात सामने आई है। इसी के चलते मंदिर प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, नई ड्राइंग को लेकर प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
श्रद्धालुओं के रास्ते को लेकर भी चिंता
विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि निर्माण मंदिर की ओर बढ़ता है तो मंदिर के ढांचे के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है। उनका दावा है कि माधवपुरी बालाजी मंदिर तक पहुंचने वाला रास्ता बाधित होने से दर्शन के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से प्रदर्शनकारियों ने मंदिर को सुरक्षित रखते हुए वैकल्पिक रास्ते की मांग की है।
पुलिया दूसरी तरफ बनाने की मांग
विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने मांग की है कि शहर के अन्य धार्मिक स्थलों की तरह माधवपुरी बालाजी मंदिर को भी सुरक्षित रखते हुए फोरलेन परियोजना में वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। पदाधिकारियों की मांग है कि पुलिया का निर्माण मंदिर की दिशा में करने के बजाय सड़क की दूसरी तरफ किया जाए, ताकि मंदिर और श्रद्धालुओं के आवागमन को प्रभावित होने से बचाया जा सके।
हनुमान चालीसा पाठ कर जताया विरोध
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मंगलवार रात कार्यकर्ता मंदिर परिसर में एकत्र हुए। इसके बाद मुख्य सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। प्रदर्शन के दौरान करीब आधे घंटे तक मार्ग बाधित रहा और वाहनों की कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों ने इसे सांकेतिक विरोध बताते हुए मंदिर को सुरक्षित रखने की मांग रखी।
फिलहाल पुलिया निर्माण अस्थायी रूप से रोका
विरोध के बाद फिलहाल पुलिया निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। विहिप और बजरंग दल पदाधिकारियों ने कहा कि मंगलवार का प्रदर्शन केवल सांकेतिक चेतावनी था।उनका कहना है कि यदि मंदिर की ओर निर्माण कार्य शुरू किया गया तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
अब प्रशासन के रुख पर नजर
फिलहाल इस पूरे मामले में अगला निर्णय प्रशासन के रुख और फोरलेन परियोजना की अंतिम स्वीकृत ड्राइंग पर निर्भर करेगा। मुख्य सवाल यह है कि अंतिम योजना में करीब 200 वर्ष पुराने माधवपुरी बालाजी मंदिर और श्रद्धालुओं के पहुंच मार्ग को किस तरह सुरक्षित रखा जाता है। जानकारी के मुताबिक फिलहाल पुलिया निर्माण रोक दिया गया है और प्रदर्शनकारियों ने वैकल्पिक निर्माण व्यवस्था की मांग की है।
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