Mandsaur 20 Crore Scam: 15% रिटर्न का लालच और एथिकल हैकिंग का खेल, फरीदाबाद से दबोचा गया 20 करोड़ की ठगी का ‘मास्टरमाइंड’
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
02 जनवरी 2026, (अपडेटेड 02 जनवरी 2026, 5:58 अपराह्न IST)

मंदसौर: Mandsaur 20 Crore Scam डिजिटल युग में ठगी के तरीके भी अब हाईटेक हो गए हैं। मंदसौर पुलिस ने एक ऐसे ही सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है, जिसने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया था। करीब एक साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे एक शातिर ठग गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। यह मामला साधारण ठगी का नहीं, बल्कि Mandsaur 20 Crore Scam का है, जिसमें एथिकल हैकिंग और मॉडर्न टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग कर मासूम निवेशकों की गाढ़ी कमाई लूटी गई।

मंदसौर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देशन में चलाए गए एक विशेष ऑपरेशन के तहत, पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद में दबिश देकर इस गिरोह के सरगना अजय राठौर और उसके साथी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

Mandsaur 20 Crore Scam ‘क्रोलिक’ कंपनी और 15% मुनाफे का मायाजाल

इस महाठगी की शुरुआत एक सुहावने सपने के साथ हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अजय राठौर (पिता महेश राठौर, निवासी मल्हारगढ़) ने ‘क्रोलिक’ (Krolic) नाम से एक फर्जी कंपनी बनाई थी। इस कंपनी का बिजनेस मॉडल पूरी तरह से ‘चैन सिस्टम’ (Chain System) पर आधारित था।

आरोपियों ने स्थानीय लोगों को अमीर बनने का सपना दिखाया। उन्होंने निवेशकों से वादा किया कि अगर वे उनकी कंपनी में पैसा लगाते हैं, तो उन्हें हर महीने 15 प्रतिशत का निश्चित रिटर्न मिलेगा। 15% मासिक ब्याज का लालच इतना बड़ा था कि लोग बिना जांच-पड़ताल किए अपनी जमा पूंजी इस गिरोह के हाथों में सौंपने लगे।

शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए गिरोह ने कुछ निवेशकों को रिटर्न भी दिया। जब बाजार में खबर फैली कि यह कंपनी वाकई पैसा दे रही है, तो निवेशकों की बाढ़ आ गई। देखते ही देखते करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हो गई। जैसे ही रकम का पहाड़ खड़ा हुआ, आरोपी कंपनी बंद कर रातों-रात फरार हो गए।

एथिकल हैकर होने का उठाया फायदा: पुलिस के लिए बना चुनौती

Mandsaur 20 Crore Scam यह मामला मंदसौर पुलिस के लिए एक साधारण अपराध नहीं था, बल्कि एक तकनीकी युद्ध जैसा था। इस Mandsaur 20 Crore Scam का मास्टरमाइंड अजय राठौर कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि एक प्रशिक्षित ‘एथिकल हैकर’ है। उसे कंप्यूटर और इंटरनेट की गहराइयों का पूरा ज्ञान था।

फरारी के दौरान अजय ने पुलिस से बचने के लिए हॉलीवुड फिल्मों जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया:

  • सिम-रहित मोबाइल: उसने कभी भी सामान्य सिम कार्ड का उपयोग नहीं किया, जिससे लोकेशन ट्रेस हो सके।

  • प्रॉक्सी नेटवर्क: इंटरनेट का उपयोग करने के लिए वह प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल करता था, जिससे उसका आईपी एड्रेस बार-बार बदलता रहता था।

  • वर्चुअल लोकेशन: वह अपनी डिजिटल लोकेशन को दुनिया के अलग-अलग कोनों में दिखाता था, जबकि वह भारत में ही छिपा हुआ था।

यही कारण था कि पुलिस को उसे ट्रैक करने में एक साल का लंबा वक्त लग गया। वह अपनी तकनीकी जानकारी को ढाल बनाकर कानून से बचता रहा।

ऐसे बिछाया गया गिरफ्तारी का जाल

Mandsaur 20 Crore Scam पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए सख्त निर्देश जारी किए थे। थाना व्हाय.डी. नगर के अपराध क्रमांक 002/25 में वांछित अजय राठौर और उसके साथी आदित्य (पिता शिवलाल पालीवाल, निवासी पिपलिया मंडी) पर 5-5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

साइबर सेल और विशेष टीम ने हार नहीं मानी। उन्होंने तकनीकी डेटा का गहन विश्लेषण (Deep Data Analysis) शुरू किया। हजारों डेटा पॉइंट्स को जोड़ने के बाद पुलिस को एक सुराग मिला। लोकेशन ट्रेस होते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए हरियाणा के फरीदाबाद की ओर कूच किया। वहां तकनीकी और मैदानी कार्रवाई (Field Operation) का तालमेल बिठाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

लग्जरी लाइफस्टाइल का खुलासा: थार और एप्पल गैजेट्स जब्त

ठगी के पैसों से आरोपी आलीशान जिंदगी जी रहे थे। गिरफ्तारी के वक्त पुलिस ने उनके पास से जो सामान जब्त किया है, वह उनकी रईसी की गवाही देता है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री जब्त की है, जिसकी कुल कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है:

  • 1 हाई-एंड लैपटॉप (जिससे हैकिंग और ऑपरेशन को अंजाम दिया जाता था)।

  • 1 एप्पल आईपैड।

  • 3 महंगे मोबाइल फोन।

  • 1 महिंद्रा थार (Mahindra Thar) वाहन।

फिलहाल, पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि ठगी की रकम, खरीदी गई संपत्तियों और ‘लिक्विड मनी’ के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। उम्मीद है कि इस पूछताछ में Mandsaur 20 Crore Scam से जुड़े और भी कई राज खुलेंगे।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

Mandsaur 20 Crore Scam इस हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाने में मंदसौर पुलिस की टीम ने बेहतरीन काम किया है। निरीक्षक शिवांशु मालवीय (थाना प्रभारी व्हाय.डी. नगर), उप निरीक्षक रितेश नागर (प्रभारी साइबर सेल) और उप निरीक्षक विनय बुंदेला सहित साइबर सेल व थाना स्टाफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उनकी सूझबूझ से ही जिले के हजारों लोगों को ठगने वाले अपराधी सलाखों के पीछे पहुंच सके।

पुलिस की जनता से अपील: लालच में न आएं

Mandsaur 20 Crore Scam इस कार्रवाई के बाद मंदसौर पुलिस ने आम जनता के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि बिना पूरी जांच-पड़ताल के किसी भी स्कीम या कंपनी में निवेश न करें। “रातों-रात पैसा दोगुना” करने वाले वादे अक्सर झूठे होते हैं। अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध निवेश योजना की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।


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Aakash Sharma
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