नीमच, 4 जुलाई 2026। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नाबालिग बच्चों की शीघ्र दस्तयाबी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के बीच नीमच जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र से एक राहतभरी खबर सामने आई है। यहां घर से लापता हुई नाबालिग बालिका को पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर सकुशल दस्तयाब कर लिया। पुलिस ने इस कार्रवाई को साइबर सेल की तकनीकी सहायता और त्वरित पुलिस कार्रवाई का परिणाम बताया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल तथा मनासा एसडीओपी शावेरा अंसारी के निर्देशन में की गई। थाना प्रभारी उप निरीक्षक निलेश सोलंकी के नेतृत्व में रामपुरा थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बालिका का पता लगाकर उसे सुरक्षित दस्तयाब किया।
परिजनों की शिकायत के बाद शुरू हुई तलाश
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को एक व्यक्ति थाना रामपुरा पहुंचा और मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 13 वर्ष 6 माह आयु की पुत्री 28 जून 2026 की रात घर से नाराज होकर कहीं चली गई थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी।
परिजनों ने अपने स्तर पर आसपास के गांवों और रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। काफी खोजबीन के बाद भी जब सफलता नहीं मिली तो उन्होंने पुलिस से मदद मांगी।
शिकायत के आधार पर थाना रामपुरा में अपराध क्रमांक 123/26 दर्ज किया गया और धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
हर मिनट था महत्वपूर्ण, तुरंत बनाई गई टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना रामपुरा पुलिस ने बिना समय गंवाए विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने पारंपरिक जांच के साथ-साथ तकनीकी संसाधनों का भी सहारा लिया।साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया। उपलब्ध तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे और विभिन्न स्थानों पर जानकारी जुटाई।
इसी दौरान मिले तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
साइबर सेल की मदद से 24 घंटे में मिली सफलता
पुलिस के अनुसार, साइबर सेल और थाना रामपुरा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के चलते नाबालिग बालिका को 24 घंटे के भीतर सकुशल दस्तयाब कर लिया गया। दस्तयाबी के बाद पुलिस ने आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की। प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि बालिका सुरक्षित है। पुलिस ने नाबालिग की पहचान सार्वजनिक नहीं की है, जिससे उसकी गोपनीयता बनी रहे।
विशेष अभियान के तहत हो रही लगातार कार्रवाई
प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर नाबालिग बालक-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नीमच जिले में भी इसी अभियान के अंतर्गत पुलिस लगातार लापता बच्चों की तलाश और उनकी सुरक्षित बरामदगी के लिए कार्रवाई कर रही है। रामपुरा थाना की यह सफलता उसी अभियान का हिस्सा है।
इन अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
पुलिस विभाग ने इस कार्रवाई में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य की सराहना की है।
इनमें प्रमुख रूप से—
- थाना प्रभारी उप निरीक्षक निलेश सोलंकी
- सहायक उप निरीक्षक हरिसिंह सिसोदिया
- प्रधान आरक्षक प्रदीप शिंदे (सायबर सेल प्रभारी)
- आरक्षक रघुवीर सिंह
- आरक्षक विजय बारीवाल
- आरक्षक भुरसिंह डोडीयार
- थाना रामपुरा पुलिस टीम
- साइबर सेल टीम
का योगदान बताया गया है।
पुलिस ने लोगों से की यह अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी परिवार का नाबालिग बालक या बालिका अचानक लापता हो जाए तो बिना देरी किए निकटतम पुलिस थाने में सूचना दें। शुरुआती समय में दी गई सूचना से तलाश अभियान को तेजी मिलती है और सुरक्षित दस्तयाबी की संभावना बढ़ जाती है।
साथ ही पुलिस ने कहा कि लापता बच्चों से जुड़े मामलों में आधुनिक तकनीक और साइबर सेल की सहायता का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।
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