नीमच, मंगलवार। जिले की चंगेरा कृषि उपज मंडी मंगलवार को नई तुलाई व्यवस्था के विरोध में शुरू हुए हम्मालों के आंदोलन के कारण पूरी तरह प्रभावित रही। मंडी बोर्ड द्वारा प्रस्तावित नई व्यवस्था के विरोध में हम्मालों ने सोयाबीन, राईड़ा और मक्का सहित विभिन्न कृषि उपज की तुलाई बंद कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। तुलाई कार्य ठप होने से मंडी में अपनी उपज लेकर पहुंचे सैकड़ों किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा। आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन मिलने से मामला और अधिक गरमा गया है। वहीं मंडी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंडी बोर्ड के निर्देशों के अनुसार नई तुलाई व्यवस्था लागू की जाएगी और स्थानीय स्तर पर नियमों से हटकर कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता।
मंडी परिसर में सुबह से ही किसानों की ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी रहीं। तुलाई बंद होने से व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं और किसान अपनी उपज के साथ इंतजार करते नजर आए। फिलहाल हम्मालों और प्रशासन के बीच गतिरोध बना हुआ है तथा सभी की निगाहें संभावित वार्ता पर टिकी हुई हैं।
1 अगस्त से लागू होगी नई तुलाई व्यवस्था
जानकारी के अनुसार मंडी बोर्ड ने 1 अगस्त से नई तुलाई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मंडी में आने वाली कृषि उपज की नीलामी और तुलाई ट्रॉलियों में ही की जाएगी। मंडी प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था मंडी बोर्ड द्वारा जारी सर्कुलर के अनुरूप लागू की जा रही है और इसका पालन करना अनिवार्य है।
प्रशासन के अनुसार स्थानीय स्तर पर किसी भी प्रकार का परिवर्तन संभव नहीं है तथा यदि किसी पक्ष को आपत्ति है तो वह शासन स्तर पर अपनी बात रख सकता है।
हम्माल बोले- रोजगार और मजदूरी पर पड़ेगा सीधा असर
आंदोलनरत हम्मालों का कहना है कि नई तुलाई व्यवस्था लागू होने से वर्षों से चली आ रही मंडी की कार्यप्रणाली पूरी तरह बदल जाएगी। उनका दावा है कि इससे बड़ी संख्या में हम्मालों के रोजगार और मजदूरी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। हम्मालों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले उनसे किसी प्रकार की चर्चा नहीं की गई। उनका आरोप है कि वर्षों से मंडी व्यवस्था का हिस्सा होने के बावजूद उनकी राय नहीं ली गई। इसी कारण उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों को लिखित रूप से स्वीकार नहीं किया जाएगा, तब तक तुलाई कार्य दोबारा शुरू नहीं होगा और आंदोलन जारी रहेगा।
तुलाई बंद होने से किसानों को उठानी पड़ रही परेशानी
हड़ताल का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा। सोयाबीन, राईड़ा और मक्का लेकर पहुंचे किसान अपनी ट्रॉलियों के साथ घंटों तक मंडी परिसर में इंतजार करते रहे। तुलाई नहीं होने के कारण उन्हें समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई किसानों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि नई तुलाई व्यवस्था छोटे किसानों के हित में बनाई गई है तो उसे लागू किया जाना चाहिए, लेकिन आंदोलन के कारण सबसे अधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। समय पर उपज की तुलाई नहीं होने से व्यापार प्रभावित हो रहा है और किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।
किसानों ने प्रशासन और आंदोलनरत हम्मालों से जल्द समाधान निकालने की अपील भी की है ताकि मंडी की व्यवस्था सामान्य हो सके।
कांग्रेस ने आंदोलन को दिया समर्थन
धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती ने आंदोलनरत हम्मालों की मांगों को उचित बताते हुए प्रशासन से तत्काल समाधान निकालने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि नई तुलाई व्यवस्था से हम्मालों के रोजगार और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तो उनकी बात गंभीरता से सुनी जानी चाहिए। प्रशासन को किसानों और हम्मालों दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों के साथ चर्चा कर समाधान निकालना चाहिए।
प्रशासन बोला- मंडी बोर्ड के निर्देशों के अनुसार ही होगी कार्रवाई
इधर मंडी सचिव ने स्पष्ट किया कि नई तुलाई व्यवस्था मंडी बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर नियमों से हटकर कोई निर्णय लेना संभव नहीं है। मंडी सचिव के अनुसार यदि किसी संगठन या पक्ष को व्यवस्था पर आपत्ति है तो वह शासन स्तर पर अपनी बात रख सकता है, लेकिन मंडी प्रशासन निर्धारित नियमों के अनुसार ही कार्य करेगा।
फिलहाल गतिरोध बरकरार
मंगलवार शाम तक चंगेरा कृषि उपज मंडी में स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। तुलाई पूरी तरह बंद रहने से मंडी में उपज से भरी ट्रॉलियां कतारबद्ध खड़ी रहीं। किसान अपनी उपज के साथ इंतजार करते रहे, जबकि हम्माल धरने पर डटे रहे।
फिलहाल प्रशासन और आंदोलनरत हम्मालों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी है। ऐसे में जब तक दोनों पक्षों के बीच समाधान नहीं निकलता, तब तक मंडी की सामान्य व्यवस्था बहाल होने के आसार कम नजर आ रहे हैं।
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