नीमच। शहर में लंबे समय से बढ़ रहे अतिक्रमण और उससे प्रभावित यातायात व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को नगर पालिका ने विशेष अभियान चलाया। डाक बंगले से इंदिरा नगर होते हुए भगवानपुरा चौराहे तक चलाए गए इस अभियान में नाले और सड़क पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। नगर पालिका और पुलिस की संयुक्त टीम ने कई स्थानों से सड़क पर रखा सामान जब्त किया तथा सार्वजनिक मार्गों पर बने अवैध ढांचों को हटाने की कार्रवाई की।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस क्षेत्र में लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या बनी हुई थी। कई दुकानदारों द्वारा नाले के ऊपर भट्ठियां और अन्य सामग्री रखकर रास्ते को संकरा कर दिया गया था। वहीं कुछ स्थानों पर टीनशेड और पक्के निर्माण कर सार्वजनिक भूमि पर कब्जा कर लिया गया था, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
दो हादसों के बाद तेज हुई कार्रवाई
रहवासियों का कहना है कि इस मार्ग पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण पहले भी गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार दो अलग-अलग हादसों में दो लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद क्षेत्र के नागरिक लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे थे। शुक्रवार को नगर पालिका की टीम जब मौके पर पहुंची तो सड़क और नाले के ऊपर रखे गए सामान को हटाया गया। अभियान के दौरान कई स्थानों से अवैध रूप से लगाए गए बैनर-पोस्टर भी हटाए गए। अधिकारियों ने दुकानदारों को भविष्य में सार्वजनिक स्थानों पर सामान नहीं रखने की चेतावनी भी दी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क और नाले पर हुए अतिक्रमण के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। कई बार सड़क संकरी होने से आमने-सामने वाहन आने पर जाम की स्थिति बन जाती थी। इसके अलावा पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही थी।
नाले पर कब्जों से बढ़ रही थी समस्या

क्षेत्र के लोगों के मुताबिक नाले के ऊपर किए गए अतिक्रमण के कारण न केवल यातायात प्रभावित हो रहा था बल्कि सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा था। कई स्थानों पर नाले पूरी तरह ढंक दिए गए थे, जिससे बारिश के दौरान जल निकासी में भी दिक्कत आने की आशंका बनी रहती है।
नगर पालिका की टीम ने अभियान के दौरान ऐसे स्थानों को चिन्हित किया और सार्वजनिक मार्ग में बाधा बन रहे ढांचों को हटाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा, जिससे किसी प्रकार की विवादित स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
कार्रवाई के दौरान लगे पक्षपात के आरोप
जहां एक ओर कई लोगों ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का स्वागत किया, वहीं दूसरी ओर कुछ रहवासियों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए। स्थानीय लोगों का आरोप था कि छोटे दुकानदारों का सामान तो जब्त कर लिया गया, लेकिन मार्ग में मौजूद एक निजी हॉस्पिटल के बड़े जनरेटर को नहीं हटाया गया।
रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा किए गए कथित अवैध निर्माणों को कार्रवाई से बाहर रखा गया। लोगों का कहना था कि यदि अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है तो कार्रवाई सभी पर समान रूप से होनी चाहिए।
हालांकि इन आरोपों पर नगर पालिका अधिकारियों ने कोई विशेष टिप्पणी नहीं की। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल सार्वजनिक मार्गों को बाधामुक्त बनाना और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना है।
अभियान में यह अधिकारी रहे मौजूद
नगर पालिका द्वारा चलाए गए इस अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान राजस्व अधिकारी टेकचंद बुनकर, स्वास्थ्य अधिकारी दिनेश टांक सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अभियान में हेमंत सिसोदिया, महावीर जैन, हेमंत कलोसिया और योगेश टांकवाल ने भी अपनी भूमिका निभाई।
कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार शहर को यातायात बाधाओं से मुक्त बनाने के लिए अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि सड़क, नाले और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शहरवासियों को उम्मीद है कि यदि इसी तरह नियमित और निष्पक्ष कार्रवाई जारी रही तो यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और भविष्य में दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। फिलहाल शुक्रवार को हुई कार्रवाई ने शहर में अतिक्रमण के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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