नीमच। नवरात्रि शुरू होने से पहले नीमच गरबा आयोजन को लेकर सर्व हिंदू समाज जिला नीमच ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। समाज की ओर से कलेक्टर के नाम ज्ञापन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल को सौंपा गया। ज्ञापन में व्यावसायिक गरबा आयोजनों को अनुमति नहीं देने और पहले से दी गई अनुमति को निरस्त करने की मांग की गई है।
सर्व हिंदू समाज ने अपने ज्ञापन में नवरात्रि को मां शक्ति की आराधना, आस्था और सनातन संस्कृति का पर्व बताते हुए बड़े व्यावसायिक गरबा आयोजनों पर आपत्ति जताई है। समाज के अनुसार गरबा धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है और इसे केवल मनोरंजन या व्यवसाय का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
‘गरबा भक्ति का पर्व है, बाजार नहीं’
ज्ञापन में सर्व हिंदू समाज ने प्रशासन से मांग की है कि नवरात्रि के दौरान होने वाले व्यावसायिक गरबा आयोजनों को अनुमति नहीं दी जाए। साथ ही जिन आयोजनों को अनुमति दी जा चुकी है, उनकी अनुमति भी निरस्त करने का आग्रह किया गया है।समाज की ओर से आयोजनों में अशोभनीय प्रदर्शन, अमर्यादित आचरण, नशाखोरी, मादक पदार्थों के सेवन और अनुशासनहीनता जैसी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि नवरात्रि के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा बनाए रखने के लिए आयोजनों में आवश्यक अनुशासन और निगरानी व्यवस्था होना जरूरी है।
पहचान और सुरक्षा को लेकर भी उठाई मांग
नीमच गरबा आयोजन के दौरान सुरक्षा और पहचान व्यवस्था को लेकर भी सर्व हिंदू समाज ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। ज्ञापन में पहचान छिपाकर अथवा गलत परिचय के माध्यम से गरबा पंडालों में प्रवेश करने और संपर्क स्थापित करने की आशंकाओं का उल्लेख किया गया है। इसी संदर्भ में ज्ञापन में ‘लव जिहाद’ संबंधी सामाजिक चिंताओं का भी उल्लेख किया गया है। समाज ने आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने और आने वाले लोगों की पहचान को लेकर आवश्यक व्यवस्था करने की मांग रखी है।
सर्व हिंदू समाज की ओर से यह भी कहा गया कि उसकी मांग किसी व्यक्ति या समुदाय के विरुद्ध अभियान नहीं है, बल्कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक मर्यादा की रक्षा के उद्देश्य से उठाई गई है।
पंडालों के आसपास नशाखोरी पर कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में माता और गणेश पंडालों के आसपास नशाखोरी तथा मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा गरबा पंडालों की सजावट करने वाले लोगों के पहचान दस्तावेज लेने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी गई है। समाज ने नवरात्रि के नौ दिनों तक पंडालों के आसपास अंडे और मांस की दुकानें बंद रखने का आग्रह भी किया है। समाज ने माताओं, बहनों और बेटियों की सुरक्षा के साथ युवाओं के संस्कार तथा धार्मिक मर्यादा को प्राथमिकता देने की बात कही है।
अब प्रशासन के फैसले पर नजर
ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब नीमच गरबा आयोजन को लेकर प्रशासन के रुख पर नजर है। सर्व हिंदू समाज ने व्यावसायिक आयोजनों की अनुमति रोकने से लेकर सुरक्षा और अनुशासन तक कई मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं।
ज्ञापन में सर्व हिंदू समाज की ओर से कहा गया संदेश:
नवरात्रि को व्यवसाय का बाजार नहीं, बल्कि भक्ति और आस्था का पर्व माना जाना चाहिए।
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