नीमच: शहर के गांधी नगर कॉलोनी क्षेत्र में निजी अस्पतालों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों की पार्किंग व्यवस्था को लेकर रहवासियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। रहवासियों ने तहसीलदार मृगेंद्र सिसोदिया को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर गांधी नगर पार्किंग समस्या के समाधान, अतिक्रमण हटाने और क्षेत्र की व्यवस्था सुधारने की मांग की।
रहवासियों का कहना है कि गांधी नगर क्षेत्र में श्रीराम हॉस्पिटल, आयुष्मान हॉस्पिटल, गुप्ता अमेजिंग फाइनेंस जिम और मालवा डायग्नोस्टिक सेंटर सहित कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। उनके अनुसार, इन संस्थानों के पास पर्याप्त या स्वयं की पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों, उनके परिजनों और ग्राहकों के वाहन कॉलोनी की मुख्य सड़कों तथा घरों के सामने खड़े किए जाते हैं।
गांधी नगर में पार्किंग समस्या: मुख्य सड़कों और घरों के सामने खड़े होते हैं वाहन
क्षेत्रवासियों ने ज्ञापन में बताया कि निजी अस्पतालों और अन्य संस्थानों में आने वाले लोगों के वाहनों के कारण कॉलोनी की सड़कों पर रोजाना अव्यवस्था की स्थिति बनती है। घरों के सामने वाहन खड़े होने से रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पार्किंग को लेकर कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है।
रहवासियों के मुताबिक, यह समस्या किसी एक दिन या किसी एक संस्थान तक सीमित नहीं है। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आने वाले मरीजों, परिजनों और ग्राहकों के वाहन सड़क किनारे खड़े होने से कॉलोनी के आवागमन पर असर पड़ता है। उनका कहना है कि यदि संबंधित संस्थानों में आने वाले वाहनों के लिए परिसर के भीतर पार्किंग की व्यवस्था हो, तो मुख्य सड़कों और रहवासी क्षेत्रों पर दबाव कम किया जा सकता है।
पहले भी किया जा चुका है विरोध
गांधी नगर क्षेत्र में पार्किंग की समस्या को लेकर कुछ दिन पहले भी रहवासियों ने श्रीराम हॉस्पिटल के सामने विरोध-प्रदर्शन किया था। रहवासियों का कहना है कि इस विरोध के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप करने और सभी संबंधित संस्थानों की पार्किंग व्यवस्था की जांच कराने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वाले रहवासियों ने प्रशासन से कहा कि व्यावसायिक संस्थानों के कारण उत्पन्न हो रही पार्किंग समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है। उनका कहना है कि केवल सड़क किनारे वाहनों को हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि अस्पतालों और अन्य संस्थानों को अपनी पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
नाले और ग्रीन बेल्ट पर अतिक्रमण का आरोप
पार्किंग समस्या के साथ ही रहवासियों ने गांधी नगर क्षेत्र में नाले के पास तेजी से अतिक्रमण होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नाले के आसपास हो रहे निर्माण या कब्जे से क्षेत्र की स्थिति प्रभावित हो रही है।
रहवासियों ने प्रशासन से इस क्षेत्र का निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। इसके अलावा, रहवासियों ने उस ग्रीन बेल्ट पर भी कब्जे का आरोप लगाया, जहां पहले बगीचा विकसित किया गया था। उनका कहना है कि ग्रीन बेल्ट का उपयोग कॉलोनी के पर्यावरण और सार्वजनिक सुविधा के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन वहां अतिक्रमण की स्थिति बन रही है। इससे कॉलोनी के स्वरूप और हरित क्षेत्र दोनों को नुकसान पहुंचने की बात ज्ञापन में कही गई है।
रहवासियों ने प्रशासन से नाले के पास और ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण की जांच कर उन्हें हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपयोग और पर्यावरण से जुड़े स्थानों को अतिक्रमण से सुरक्षित रखना जरूरी है।
ज्ञापन में रखी गईं प्रमुख मांगें
कलेक्टर के नाम सौंपे गए ज्ञापन में रहवासियों ने कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से सभी व्यावसायिक संस्थानों को अपनी स्वयं की पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पाबंद करना शामिल है।
रहवासियों की अन्य मांगें इस प्रकार हैं:
– निजी अस्पतालों और व्यावसायिक संस्थानों की पार्किंग व्यवस्था की जांच कराई जाए।
– नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों की पार्किंग अनुमति तत्काल रद्द की जाए।
– अस्पतालों और संस्थानों के सामने सड़क पर वाहनों की पार्किंग रोकने के लिए व्यवस्था की जाए।
– नाले के पास किए जा रहे अतिक्रमण को हटाया जाए।
– ग्रीन बेल्ट और बगीचे वाले क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए।
– कॉलोनी में पार्किंग और सार्वजनिक स्थानों से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन
ज्ञापन सौंपने के दौरान गांधी नगर क्षेत्र के दर्जनों रहवासी और वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहे। रहवासियों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं और मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की। प्रशासन की ओर से मामले में नियमानुसार जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, जांच किस विभाग या अधिकारी के माध्यम से कराई जाएगी और कार्रवाई की समयसीमा क्या होगी, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। अब क्षेत्रवासियों को प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
गांधी नगर के रहवासियों का कहना है कि निजी अस्पतालों और व्यावसायिक संस्थानों के संचालन के साथ पार्किंग व्यवस्था की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उनका मानना है कि कॉलोनी की मुख्य सड़कों, घरों के सामने और सार्वजनिक हरित क्षेत्रों का उपयोग अव्यवस्थित पार्किंग या कब्जे के लिए नहीं होना चाहिए।
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