Neemuch Highway Tractor Accident: चलती गाड़ी में सीट बदलना पड़ा भारी, पहिये के नीचे आने से मजदूर की दर्दनाक मौत
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
09 दिसम्बर 2025, (अपडेटेड 09 दिसम्बर 2025, 12:12 अपराह्न IST)

नीमच (ब्यूरो रिपोर्ट): रफ्तार और लापरवाही का कहल एक बार फिर देखने को मिला है। अक्सर हाईवे पर होने वाले हादसे न केवल परिवारों को उजाड़ देते हैं, बल्कि पीछे छोड़ जाते हैं कभी न भरने वाला जख्म। एक ऐसी ही हृदयविदारक घटना नीमच सिटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मालखेड़ा फंटा (Malkheda Phanta) हाईवे पर घटित हुई। यहाँ Neemuch Highway Tractor Accident में एक 30 वर्षीय युवक की ट्रैक्टर के पहिये के नीचे आने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब युवक चलती गाड़ी में अपनी जगह बदलने की कोशिश कर रहा था।

एक छोटी सी चूक कैसे जानलेवा साबित हो सकती है, यह घटना इसका जीता-जागता उदाहरण है। चित्तौड़गढ़ से मंदसौर की कृषि उपज मंडी की ओर जा रहा यह सफर, युवक के लिए अंतिम सफर बन गया।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा Neemuch Highway Tractor Accident?

पुलिस सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार रात का है। मृतक की पहचान किशन पिता बाबूलाल भील (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के अम्बोलिया गांव का निवासी था। किशन अपने साथी किशनलाल (पिता राजू कुमावत) के साथ एक ट्रैक्टर पर सवार होकर चित्तौड़गढ़ से मंदसौर जिले की पिपलिया मंडी (Pipliya Mandi) की ओर जा रहा था। वे संभवतः कृषि कार्य या फसल बेचने के उद्देश्य से मंडी की ओर निकले थे।

Neemuch Highway Tractor Accident जैसे ही ट्रैक्टर नीमच सिटी थाना क्षेत्र के मालखेड़ा फंटा के पास हाईवे पर पहुंचा, रात के अंधेरे में एक बड़ा हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर अपनी रफ़्तार में चल रहा था। इसी दौरान किशन, जो ट्रैक्टर पर आगे की तरफ बैठा था, उसने पीछे जाने का प्रयास किया। चलती गाड़ी में बिना किसी सहारे के आगे से पीछे जाने की यह कोशिश बेहद जोखिम भरी साबित हुई।

संतुलन बिगड़ते ही किशन ट्रैक्टर से नीचे गिर गया। दुर्भाग्यवश, वह सड़क की साइड में गिरने के बजाय सीधे ट्रैक्टर के पिछले भारी-भरकम पहिये के नीचे आ गया। ट्रैक्टर का पहिया उसके ऊपर से गुजर गया, जिससे उसके शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर सड़क पर तड़पने लगा।

ग्रामीणों और साथियों ने दिखाई तत्परता

हादसे के तुरंत बाद वहां चीख-पुकार मच गई। ट्रैक्टर पर मौजूद उसके साथी किशनलाल कुमावत ने तुरंत वाहन रोका। शोर सुनकर और हादसे को देखकर मालखेड़ा गांव के स्थानीय निवासी और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।

मौके पर पहुंचे ग्रामीण विरेन्द्र पाटीदार, दिलीप धाकड़, कुंदन पाटीदार और प्रभुलाल ने मानवता का परिचय देते हुए घायल किशन को संभालने की कोशिश की। खून से लथपथ किशन की हालत बेहद नाजुक थी। बिना एम्बुलेंस का इंतजार किये, विरेन्द्र पाटीदार ने अपने निजी वाहन से घायल को तुरंत जिला चिकित्सालय नीमच (District Hospital Neemuch) पहुँचाया।

यह Neemuch Highway Tractor Accident इतना भयानक था कि देखने वालों की रूह कांप गई। ग्रामीणों की तत्परता से उसे अस्पताल तो पहुँचाया गया, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।

इलाज के दौरान तोड़ा दम

Neemuch Highway Tractor Accident सोमवार रात ही उसे गंभीर अवस्था में नीमच के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया। उसके शरीर पर कई गंभीर चोटें थीं और अधिक खून बह जाने के कारण उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। तमाम कोशिशों के बावजूद, सोमवार रात करीब 9 बजे किशन ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

अस्पताल प्रशासन द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम देर रात जिला चिकित्सालय पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया और मृतक की जेब से मिले दस्तावेजों और उसके साथी की मदद से परिजनों को सूचित किया।

पुलिस ने शुरू की जांच

Neemuch Highway Tractor Accident नीमच सिटी पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या ट्रैक्टर चालक की ओर से कोई लापरवाही थी या यह पूरी तरह से मृतक की गलती का परिणाम था। हालांकि, प्रथम दृष्टया यह मामला चलती गाड़ी में असावधानी बरतने का प्रतीत होता है।

मंगलवार सुबह मृतक के परिजन चित्तौड़गढ़ से नीमच पहुंचे, जहाँ उनका रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर और शव का पोस्टमॉर्टम (PM) करवाकर उसे परिजनों को सौंप दिया है। एक कमाऊ सदस्य के चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस Neemuch Highway Tractor Accident ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया है। अक्सर देखा जाता है कि कृषि कार्य में उपयोग होने वाले ट्रैक्टरों का उपयोग माल ढुलाई और सवारी ढोने के लिए किया जाता है। ट्रैक्टर पर बैठने की उचित व्यवस्था न होने के बावजूद मजदूर रिम, मडगार्ड या इंजन के बोनट पर बैठकर यात्रा करते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैक्टर ट्रॉलियों या इंजन के पास बैठना जानलेवा हो सकता है। जरा सा झटका लगने पर व्यक्ति सीधे टायर के नीचे आ सकता है, जैसा कि किशन के साथ हुआ। पुलिस प्रशासन लगातार ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की बात करता है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण ऐसे हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।

यह घटना हम सभी के लिए एक सबक है कि चलती गाड़ी में कभी भी सीट बदलने या स्टंट करने जैसा जोखिम नहीं उठाना चाहिए। आपकी जरा सी लापरवाही आपके परिवार को जीवन भर का दर्द दे सकती है।


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Aakash Sharma
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आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

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