नीमच। मनासा तहसील के खजूरी गांव में रविवार को 80 वर्षीय बुजुर्ग के अंतिम संस्कार के दौरान बारिश के कारण ग्रामीणों को तिरपाल थामकर खड़ा रहना पड़ा। नीमच खजूरी मुक्तिधाम में पक्का शेड नहीं होने के कारण तेज बारिश के बीच दाह-संस्कार पूरा करने में परिजनों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
खजूरी निवासी 80 वर्षीय राधाकिशन पाटीदार का रविवार दोपहर निधन हो गया था। इसके बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम यात्रा लेकर गांव के मुक्तिधाम पहुंचे। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। मुक्तिधाम में बारिश से बचाव के लिए पक्का शेड उपलब्ध नहीं होने के कारण अंतिम संस्कार को लेकर मुश्किल स्थिति बन गई।
चिता को बारिश से बचाने के लिए ग्रामीणों ने थामा तिरपाल
बारिश के बीच अंतिम संस्कार रोकने की स्थिति बनने पर ग्रामीणों ने तत्काल तिरपाल की व्यवस्था की। इसके बाद ग्रामीणों ने चिता के आसपास तिरपाल को अपने हाथों से थाम लिया, ताकि बारिश का पानी सीधे चिता तक नहीं पहुंचे। ग्रामीणों को काफी देर तक इसी तरह तिरपाल पकड़कर खड़ा रहना पड़ा। इसके बाद किसी तरह दाह-संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सकी।
यह स्थिति उस समय सामने आई जब परिवार और ग्रामीण एक बुजुर्ग की अंतिम यात्रा लेकर मुक्तिधाम पहुंचे थे। बारिश के कारण उन्हें अंतिम संस्कार पूरा कराने के लिए मौके पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।
सोशल मीडिया पर सामने आया वीडियो
इस घटना के वीडियो और तस्वीरें रविवार रात सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए। इनमें बारिश के दौरान ग्रामीणों को हाथों में तिरपाल थामे हुए देखा गया। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों के बाद खजूरी गांव के मुक्तिधाम में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर चर्चा शुरू हुई। ग्रामीणों के अनुसार, अंतिम संस्कार जैसी मूलभूत जरूरत के लिए भी लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ना चिंता का विषय है। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसके अंतिम संस्कार के लिए कम से कम आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।
मुक्तिधाम में शेड नहीं होने से परेशानी
नीमच खजूरी मुक्तिधाम में पक्का शेड नहीं होने की समस्या बारिश के दौरान सबसे अधिक सामने आई। सामान्य मौसम में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो सकती है, लेकिन बारिश होने पर चिता को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि मुक्तिधाम में ऐसा पक्का शेड होना चाहिए, जिससे बारिश के मौसम में भी अंतिम संस्कार बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके। इसके साथ ही मुक्तिधाम तक पहुंचने वाले रास्ते की स्थिति में सुधार की मांग भी की गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन से खजूरी गांव के मुक्तिधाम में जल्द पक्का शेड बनाने की मांग की है। इसके अलावा मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए पक्के रास्ते की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि मुक्तिधाम गांव की ऐसी बुनियादी सुविधा है, जहां किसी भी मौसम में लोगों को अंतिम संस्कार के लिए पहुंचना पड़ता है। इसलिए यहां बारिश और अन्य मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जरूरी व्यवस्था होना आवश्यक है।
उनका कहना है कि यदि मुक्तिधाम में पक्का शेड और बेहतर पहुंच मार्ग उपलब्ध हो, तो भविष्य में किसी अन्य परिवार को अंतिम संस्कार के दौरान ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बारिश ने उजागर की बुनियादी सुविधा की समस्या
खजूरी गांव में सामने आई यह घटना बारिश के दौरान मुक्तिधाम जैसी बुनियादी सुविधा की आवश्यकता को सामने रखती है। रविवार को हुई बारिश के बीच ग्रामीणों द्वारा तिरपाल थामकर चिता को बचाने की स्थिति ने स्थानीय स्तर पर सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
ग्रामीणों की मांग अब इस बात पर केंद्रित है कि मुक्तिधाम में स्थायी शेड का निर्माण कराया जाए और वहां तक पहुंचने वाले मार्ग को भी बेहतर किया जाए। इससे अंतिम संस्कार के समय मौसम की स्थिति से उत्पन्न होने वाली परेशानी कम हो सकेगी।
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