नीमच। सिंगोली तहसील के ग्राम आलोरी गरवाड़ा निवासी राजेंद्र चारण ने जमीन विवाद को लेकर अनिल सोडाणी और शरद सोडाणी पर मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और जमीन खाली करने के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर राजेंद्र चारण ने परिजनों और समाज के वरिष्ठजनों के साथ तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन के मुताबिक विवाद ग्राम डीकेन मौजा गुड़ा परिहार स्थित पटवारी हल्का वेयरहाउस के सामने की 452 आरी जमीन को लेकर है। जमीन का सर्वे नंबर 421/1/मिन3/2 बताया गया है। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, जमीन को लेकर मामला हाईकोर्ट इंदौर, सिविल कोर्ट जावद और एसडीएम कोर्ट जावद में विचाराधीन है।
452 आरी जमीन को लेकर विवाद
ज्ञापन में राजेंद्र चारण पक्ष ने बताया कि उक्त जमीन शंकर लाल चारण ने वर्ष 2021 में राकेश पाटीदार से खरीदी थी। जमीन की खरीद के लिए बैंक चेक के माध्यम से भुगतान किए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, वर्ष 2021 से 2025 तक जमीन का नामांतरण शंकर लाल चारण के नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज था। आरोप है कि 3 दिसंबर 2025 को बिना किसी सूचना के सरकारी रिकॉर्ड से नाम हटाकर दूसरे पक्ष के नाम दर्ज कर दिया गया।
इसी कार्रवाई को लेकर विवाद आगे बढ़ा और मामला न्यायालयों तक पहुंचा। ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में जमीन से संबंधित प्रकरण हाईकोर्ट इंदौर, सिविल कोर्ट जावद और एसडीएम कोर्ट जावद में विचाराधीन है।
कोर्ट में मामला लंबित, फिर रजिस्ट्री का आरोप
शिकायतकर्ता पक्ष ने ज्ञापन में एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब जमीन का मामला न्यायालय में लंबित था, उसी दौरान 24 दिसंबर 2025 को जमीन की रजिस्ट्री शांति देवी पति पुरुषोत्तम माहेश्वरी के नाम करवा दी गई। ज्ञापन के अनुसार, इस रजिस्ट्री पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इसके बाद तहसीलदार ने स्थगन आदेश और बैंक ऋण बकाया होने के आधार पर नामांतरण को खारिज कर दिया था।
इसके बावजूद शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि विपक्षी पक्ष की ओर से जमीन खाली करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस आरोप पर दूसरे पक्ष का बयान शामिल नहीं है।
27 और 28 अगस्त की घटना का भी जिक्र
जमीन विवाद में मारपीट के आरोपों को लेकर ज्ञापन में 27 और 28 अगस्त की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, इन दोनों दिनों में अनिल सोडाणी और शरद सोडाणी उनके घर पहुंचे। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि घर पहुंचने के बाद गाली-गलौज और मारपीट की गई। शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि कोर्ट में चल रहे मामले को वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया और ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
बताया गया कि बीच-बचाव के बाद घायल व्यक्ति का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात भी ज्ञापन में कही गई है।
कथित फर्जी कार्ड को लेकर भी शिकायत
जमीन विवाद के साथ ज्ञापन में कथित फर्जी कार्ड का मुद्दा भी उठाया गया है। शिकायतकर्ता पक्ष ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति किसी मान्यता प्राप्त मीडिया संस्थान से जुड़ा नहीं रहा और उसके नाम से कोई खबर प्रकाशित नहीं हुई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कथित फर्जी कार्ड बनाकर रोब दिखाया जा रहा है और प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायतकर्ता पक्ष ने संबंधित व्यक्ति के बारे में यह भी आरोप लगाया है कि वह वेलस्पन कंपनी में छड़ और तार चोरी के मामले में पूर्व में जेल जा चुका है।
चारण समाज ने सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की
पूरे मामले को लेकर राजेंद्र चारण ने परिजनों और समाज के वरिष्ठजनों के साथ तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जमीन विवाद, कथित मारपीट, धमकी और कथित फर्जी कार्ड से जुड़े आरोपों को सामने रखते हुए संबंधित मामले में कार्रवाई तथा सुरक्षा की मांग की गई है।
ज्ञापन सौंपते समय राजेंद्र कुमार, कन्हैयालाल चारण, विनय कुमार सरपंच, केशव प्रसाद चारण, नारायण लाल भुरीयाण, सौदान चारण, रमेश भूरियांन, पालाराम भीमट, कैलाश नायक, बालू राम भीमट, घनश्याम पटेल, शांतिलाल किट, छगनलाल भाभी, पिंटू भाभी, देवकरण चारण, मांगीलाल चारण, शिवलाल चारण, श्यामलाल तबला, अरविंद भीमट, राजेंद्र मल्याण, प्रहलाद तबला और दीपक कीट सहित समाज के अन्य लोग मौजूद रहे।
कई स्तरों पर लंबित है जमीन संबंधी मामला
जमीन विवाद में मारपीट के आरोप सामने आने के साथ ही मूल जमीन विवाद का मामला भी न्यायालयों में लंबित बताया गया है। शिकायतकर्ता पक्ष ने प्रशासन के सामने जमीन से जुड़े दस्तावेजों और पूर्व में हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए अपनी शिकायत रखी है।
मामले में फिलहाल उपलब्ध जानकारी शिकायतकर्ता पक्ष द्वारा तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन पर आधारित है। अनिल सोडाणी और शरद सोडाणी का पक्ष या उनका कोई आधिकारिक बयान उपलब्ध कराई गई सामग्री में शामिल नहीं है।
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