नीमच मादक तस्कर पर शिकंजा: 1 साल की हिरासत पर हाईकोर्ट की मुहर

नीमच मादक तस्कर
नीमच: मध्यप्रदेश के मालवा अंचल में अपनी जड़ें जमा चुके नशा माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने अब आर-पार की लड़ाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में नीमच पुलिस को एक बड़ी कामयाबी तब मिली, जब आदतन अपराधी और कुख्यात नीमच मादक तस्कर जमनालाल धाकड़ के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई को माननीय उच्च न्यायालय (High Court) ने भी सही ठहराया।
पुलिस अधीक्षक (SP) अंकित जायसवाल के नेतृत्व में चल रहे ‘नशा मुक्ति अभियान’ के तहत तस्करों की कमर तोड़ने का काम जारी है। 9 जनवरी 2026 को जबलपुर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान प्रशासन के उस फैसले पर मुहर लगा दी गई, जिसके तहत तस्कर जमनालाल को PIT-NDPS एक्ट में जेल भेजा गया था।
PIT-NDPS का फंदा: शातिर अपराधी की चाल हुई नाकाम
अक्सर देखा जाता है कि मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त अपराधी जेल से जमानत पर बाहर आते ही दोबारा अपने काले कारोबार में जुट जाते हैं। लेकिन इस बार नीमच मादक तस्कर जमनालाल पिता सोहनलाल धाकड़ (32 वर्ष), निवासी ग्राम महुपुरा पुरण के साथ ऐसा नहीं हो सका।
सिंगोली थाना प्रभारी बीएल भाबर और उनकी टीम ने इस तस्कर की पुरानी फाइलों को खंगाला और एक विस्तृत डोजियर तैयार किया। पुलिस ने पाया कि सामान्य धाराओं में कार्रवाई इस शातिर अपराधी को रोकने के लिए काफी नहीं है। इसके बाद, एसपी अंकित जायसवाल और एएसपी नवलसिंह सिसोदिया की अनुशंसा पर जिला दंडाधिकारी (कलेक्टर) हिमांशु चंद्रा ने उसे पिट एनडीपीएस एक्ट (PIT-NDPS Act) के तहत 1 साल के लिए निरुद्ध करने का आदेश दिया।
5800 किलो से ज्यादा डोडाचूरा: तस्कर की ‘क्राइम कुंडली’
जमनालाल का नाम पुलिस की फाइलों में सिर्फ एक अपराधी के तौर पर नहीं, बल्कि एक बड़े सिंडिकेट ऑपरेटर के तौर पर दर्ज है। इस नीमच मादक तस्कर के कारनामों की सूची इतनी लंबी है कि इसे पढ़कर कोई भी हैरान रह जाए। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जमनालाल का नेटवर्क मध्यप्रदेश से लेकर राजस्थान तक फैला हुआ है।
जमनालाल के काले कारनामों का ब्यौरा:
कोटा में बड़ी खेप: केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) कोटा ने जब कार्रवाई की थी, तो 5820 किलो डोडाचूरा और पाउडर पकड़ा गया था। इस मामले में भी जमनालाल का सीधा कनेक्शन सामने आया था। इतनी बड़ी मात्रा यह साबित करती है कि वह तस्करी की दुनिया का ‘बड़ा खिलाड़ी’ है।
सिंगोली में दो केस: अपने गृह क्षेत्र सिंगोली थाने में साल 2017 और हाल ही में 2025 में उसके खिलाफ क्रमशः 280 किलो और 75 किलो डोडाचूरा तस्करी के केस दर्ज हैं।
राजस्थान कनेक्शन: तस्करी के तार राजस्थान के मांडलगढ़ (भीलवाड़ा) से भी जुड़े हैं, जहां 657.69 किलो डोडाचूरा के मामले में उसका नाम शामिल है। इसके अलावा बेगू और नीमच के रतनगढ़ थाने में भी उस पर मुकदमे चल रहे हैं।
हाईकोर्ट का फैसला: पुलिस के हौसले बुलंद
इस पूरे मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया जब मामला हाईकोर्ट पहुंचा। आरोपी पक्ष अक्सर कानूनी दांव-पेच का सहारा लेता है, लेकिन नीमच पुलिस की मजबूत पैरवी के चलते जबलपुर हाईकोर्ट ने 9 जनवरी 2026 को प्रशासन के आदेश की पुष्टि कर दी।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए उसकी 1 साल की निरोध अवधि (Detention Period) पूरी तरह न्यायसंगत है। गौरतलब है कि आरोपी को 7 दिसंबर 2025 को केंद्रीय जेल इंदौर भेजा गया था, और अब वह अपनी पूरी सजा वही काटेगा।
‘जीरो टॉलरेंस’ पर प्रशासन सख्त
जिला दंडाधिकारी हिमांशु चंद्रा और पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने संयुक्त बयान में कहा है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे सख्त कदम आगे भी उठाए जाएंगे। प्रशासन का संदेश साफ़ है—चाहे अपराधी कितना भी रसूखदार क्यों न हो, अगर वह नशे के कारोबार में लिप्त पाया गया, तो उसकी जगह सलाखों के पीछे ही होगी।
पुलिस की यह कार्रवाई उन तमाम छोटे-बड़े तस्करों के लिए एक चेतावनी है जो यह सोचते हैं कि वे कानून की आंखों में धूल झोंककर बच निकलेंगे। नीमच मादक तस्कर जमनालाल पर हुई कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि पुलिस अब ‘डाल-डाल और पात-पात’ की तर्ज पर अपराधियों से दो कदम आगे है।
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