नीमच। तप, त्याग और संयम की साधना के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए रविवार को तपस्वी रत्ना पूज्य कैवल्यपूर्णा श्रीजी म.सा. के मासक्षमण तप की पूर्णाहुति के निमित्त तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ भव्य रथयात्रा के साथ हुआ। तपस्वी साध्वीजी द्वारा 31 उपवास किए जा रहे हैं। इस कठिन साधना की अनुमोदना के लिए बड़ी संख्या में समाजजन और श्रद्धालु रथयात्रा में शामिल हुए।
सुबह भीड़भंजन पार्श्वनाथ मंदिर से भव्य रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जैन भवन पहुंची। यहां पहुंचने के बाद रथयात्रा का रूपांतरण धर्मसभा में हो गया। पूरे मार्ग में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा तथा श्रद्धालुओं ने तपस्वी साध्वीजी की कठिन साधना की अनुमोदना की।
प्रमुख मार्गों से होकर जैन भवन पहुंची रथयात्रा
रथयात्रा में बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालु शामिल हुए। धार्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने तपस्वी साध्वीजी की 31 उपवास की साधना के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। रथयात्रा के दौरान पूरे मार्ग में भक्ति और अनुमोदना का माहौल बना रहा। नीमच मासक्षमण तप की पूर्णाहुति के अवसर पर आयोजित इस महोत्सव में तप, त्याग और संयम की साधना को प्रमुखता दी गई है। रथयात्रा के जैन भवन पहुंचने के बाद आयोजित धर्मसभा में साध्वीजी की तपस्या, संयम एवं त्याग की अनुमोदना की गई।
धर्मसभा में शामिल श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लिया। इसके पश्चात जैन भवन में श्रीसंघ के साधर्मिक वात्सल्य का आयोजन भी किया गया।
16 से 18 अगस्त तक चलेगा तीन दिवसीय महोत्सव
मासक्षमण तप की पूर्णाहुति के अवसर पर आयोजित यह तीन दिवसीय महोत्सव 16 से 18 अगस्त तक चलेगा। महोत्सव के तहत अलग-अलग धार्मिक आयोजन निर्धारित किए गए हैं।महोत्सव के दूसरे दिन 17 अगस्त को मंदिरजी में शक्रस्तव अभिषेक का आयोजन होगा। इसके बाद दोपहर में जैन भवन में महिलाओं की सांझी एवं चौबीसी का आयोजन किया जाएगा।
वहीं महोत्सव के अंतिम दिन 18 अगस्त को तपस्वी साध्वीजी का पारणा संपन्न होगा। इसी के साथ 31 उपवास की कठिन साधना की पूर्णाहुति का अवसर आएगा।
31 उपवास की साधना की हो रही अनुमोदना
तपस्वी साध्वीजी द्वारा किए जा रहे 31 उपवास को लेकर समाजजनों में विशेष उत्साह है। श्रद्धालु तप, त्याग और संयम की इस साधना की अनुमोदना करते हुए महोत्सव में सहभागी बन रहे हैं। रविवार को आयोजित रथयात्रा के माध्यम से भी श्रद्धालुओं ने तपस्वी साध्वीजी की साधना के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। भीड़भंजन पार्श्वनाथ मंदिर से शुरू हुई रथयात्रा का जैन भवन पहुंचना और वहां धर्मसभा में परिवर्तित होना महोत्सव के पहले दिन का प्रमुख आयोजन रहा।
धर्मसभा के बाद आयोजित साधर्मिक वात्सल्य में भी सहभागिता हुई। आयोजनों के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने साध्वीजी की तपस्या, संयम एवं त्याग की अनुमोदना करते हुए धर्मलाभ लिया।
18 अगस्त को होगा पारणा
मासक्षमण तप पूर्णाहुति महोत्सव के कार्यक्रमों के अनुसार 17 अगस्त को शक्रस्तव अभिषेक तथा महिलाओं की सांझी एवं चौबीसी आयोजित होगी। इसके बाद 18 अगस्त को तपस्वी साध्वीजी का पारणा संपन्न होगा। तीन दिवसीय आयोजन को लेकर समाजजनों में विशेष उत्साह बना हुआ है। श्रद्धालु तपस्वी साध्वीजी की कठिन साधना की अनुमोदना करते हुए महोत्सव में सहभागी बन रहे हैं।
नीमच में आयोजित यह महोत्सव 31 उपवास की साधना, तप, त्याग और संयम के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। रविवार को निकली भव्य रथयात्रा के साथ शुरू हुआ आयोजन 18 अगस्त को तपस्वी साध्वीजी के पारणा के साथ पूर्ण होगा।
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